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Kaithal News: नियम विरुद्ध प्रचार सामग्री छापने पर होगी कार्रवाई
Tue, 27 Aug 2024 02:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 27 Aug 2024 02:19 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिला प्रशासन ने जिले में पंजीकृत सभी प्रिंटिंग प्रेस को चुनाव पंफलेट, पोस्टर और संबंधित सामग्री की छपाई और प्रकाशन के संबंध में दिशा निर्देश जारी किए हैं।
जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीसी डॉ. विवेक भारती ने पंजीकृत मुद्रकों और प्रकाशकों को नोटिस जारी किया है। पंफलेट, पोस्टर आदि की छपाई और प्रकाशन प्रतिनिधित्व की धारा 127-ए के प्रावधानों द्वारा नियंत्रित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रिंटिंग प्रेस मालिक बिना जांच पड़ताल जाकर कोई भी चुनाव प्रचार सामग्री प्रकाशित न करें। चुनाव के दौरान मुद्रक व प्रकाशक के नाम के बिना चुनाव से संबंधित पंफलेट व पोस्टर आदि छापना जनप्रतिनिधि अधिनियम 1951 की धारा 127 ए का उल्लंघन है।
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ऐसा करने पर प्रिंटर के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसमें छह महीने की सजा से लेकर प्रिंटिंग प्रेस का लाइसेंस निरस्त करने का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि चुनाव से संबंधित हर सामग्री पर मुद्रक व प्रकाशक का नाम अवश्य छापें।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि चुनाव आयोग ने विधानसभा चुनाव के उम्मीदवारों के खर्च की सीमा निर्धारित की है। इसलिए यह जरूरी है कि उनके खर्च का भी पूरा हिसाब किताब रखें।
उन्होंने बताया कि विधानसभा चुनाव से संबंधित पंफलेट व पोस्टर आदि उसी स्थिति में छापें जब सामग्री छपवाने वाला व्यक्ति हलफनामे के साथ दो गवाह दें और उनके हस्ताक्षर भी लेने जरूरी हैं। ऐसे पोस्टर व पम्फलेट आदि छापने के बाद उनकी एक कॉपी जिला मिस्ट्रेट को भेजनी होगी और राज्य स्तर पर मुख्य चुनाव अधिकारी को कॉपी भेजनी होगी। सामग्री और खर्च का भी विवरण देना होगा।
कॉपी से कॉपी करना भी इसी श्रेणी में आता है। चुनाव पंफलेट / पोस्टर का अर्थ प्रचार के लिए प्रयोग किए जाने वाले उन सभी दस्तावेजों से है, जिनमें किसी भी राजनीतिक दल या विधानसभा चुनाव लड़ रहे उम्मीदवार से संबंधित प्रचार की जानकारी हो।
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कैथल। जिला प्रशासन ने जिले में पंजीकृत सभी प्रिंटिंग प्रेस को चुनाव पंफलेट, पोस्टर और संबंधित सामग्री की छपाई और प्रकाशन के संबंध में दिशा निर्देश जारी किए हैं।
जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीसी डॉ. विवेक भारती ने पंजीकृत मुद्रकों और प्रकाशकों को नोटिस जारी किया है। पंफलेट, पोस्टर आदि की छपाई और प्रकाशन प्रतिनिधित्व की धारा 127-ए के प्रावधानों द्वारा नियंत्रित किया जा रहा है।
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उन्होंने कहा कि प्रिंटिंग प्रेस मालिक बिना जांच पड़ताल जाकर कोई भी चुनाव प्रचार सामग्री प्रकाशित न करें। चुनाव के दौरान मुद्रक व प्रकाशक के नाम के बिना चुनाव से संबंधित पंफलेट व पोस्टर आदि छापना जनप्रतिनिधि अधिनियम 1951 की धारा 127 ए का उल्लंघन है।
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ऐसा करने पर प्रिंटर के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसमें छह महीने की सजा से लेकर प्रिंटिंग प्रेस का लाइसेंस निरस्त करने का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि चुनाव से संबंधित हर सामग्री पर मुद्रक व प्रकाशक का नाम अवश्य छापें।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि चुनाव आयोग ने विधानसभा चुनाव के उम्मीदवारों के खर्च की सीमा निर्धारित की है। इसलिए यह जरूरी है कि उनके खर्च का भी पूरा हिसाब किताब रखें।
उन्होंने बताया कि विधानसभा चुनाव से संबंधित पंफलेट व पोस्टर आदि उसी स्थिति में छापें जब सामग्री छपवाने वाला व्यक्ति हलफनामे के साथ दो गवाह दें और उनके हस्ताक्षर भी लेने जरूरी हैं। ऐसे पोस्टर व पम्फलेट आदि छापने के बाद उनकी एक कॉपी जिला मिस्ट्रेट को भेजनी होगी और राज्य स्तर पर मुख्य चुनाव अधिकारी को कॉपी भेजनी होगी। सामग्री और खर्च का भी विवरण देना होगा।
कॉपी से कॉपी करना भी इसी श्रेणी में आता है। चुनाव पंफलेट / पोस्टर का अर्थ प्रचार के लिए प्रयोग किए जाने वाले उन सभी दस्तावेजों से है, जिनमें किसी भी राजनीतिक दल या विधानसभा चुनाव लड़ रहे उम्मीदवार से संबंधित प्रचार की जानकारी हो।