{"_id":"68a62b6d9b53751e9107ccff","slug":"accused-arrested-for-cheating-people-of-24-lakhs-in-the-name-of-sending-them-to-america-kaithal-news-c-245-1-kht1001-136544-2025-08-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: अमेरिका भेजने के नाम पर 24 लाख की ठगी में आरोपी काबू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: अमेरिका भेजने के नाम पर 24 लाख की ठगी में आरोपी काबू
Thu, 21 Aug 2025 01:39 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 21 Aug 2025 01:39 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। अमेरिका भेजने के नाम पर 24 लाख रुपये की ठगी करने के मामले में पुलिस ने एक आरोपी गिरफ्तार किया है। आर्थिक अपराध शाखा प्रभारी इंस्पेक्टर ओमप्रकाश की टीम ने जींद के बडौद निवासी जितेंद्र पाल उर्फ सोनू को गिरफ्तार कर दो दिन के रिमांड पर लिया है।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि खेडी गुलाम अली निवासी महेंद्र पाल ने शिकायत दी थी कि वह अपने बेटे को विदेश भेजना चाहता था। इस सिलसिले में उसने अपने पड़ोसी गुरविंदर सिंह और गुरजंट से संपर्क किया। गुरविंदर ने बताया कि गुरजंट युवाओं को विदेश भेजने का काम करता है।
फरवरी 2024 में गुरजंट की पत्नी नवजोत और गुरविंदर ने महेंद्र पाल और उसके बेटे को विदेश भेजने का सपना दिखाया। इसके बाद आरोपियों ने उसे जितेंद्र उर्फ सोनू (बरोट), जोग सिंह (फरल), गुरदीप सिंह और मीत कौर (पलट, जिला जालंधर, पंजाब) और सर्बजीत सिंह (भोगपुर, जिला जालंधर, पंजाब) से भी मिलवाया।
विज्ञापन
आरोपियों ने महेंद्र पाल को कहा कि उसके बेटे को अमेरिका भेजने के लिए 50 लाख रुपये की आवश्यकता होगी। मार्च 2024 में शिकायतकर्ता ने 17 लाख 90 हजार रुपये और बेटे के दस्तावेज सौंप दिए। तीन महीने बाद वीजा न मिलने पर आरोपी ने नौ जून 2024 को फ्लाइट का झूठा वादा किया।
आरोपियों ने शिकायतकर्ता के बेटे को दुबई भेजा, जहां वह दो महीने तक रहा। फिर उसे 8 अगस्त 2024 को जकार्ता, इंडोनेशिया भेजा गया और 25 लाख रुपये की अतिरिक्त राशि की मांग की। शिकायतकर्ता ने कुल 21 लाख 90 हजार रुपये और बाद में दो लाख रुपये और दे दिए। तीन सितंबर 2024 को जब बेटे को जकार्ता से क्यूबा भेजा गया, तो उसके दस्तावेज नकली पाए गए और उसे भारत वापस भेजा गया। इसके बाद उसे नई दिल्ली से बैंकॉक, फिर इंडोनेशिया के रास्ते से क्यूबा भेजा गया। 10 अक्टूबर 2024 को शिकायतकर्ता ने आरोपियों को चार लाख 50 हजार रुपये दिए।
22 अक्तूबर 2024 को बेटे को केमैन आइलैंड भेजा गया, जहां एयरपोर्ट अथॉरिटी ने वर्क परमिट दस्तावेज फर्जी पाए और उसे हिरासत में लिया। आरोपियों से पैसे मांगने पर केवल एक लाख 90 हजार रुपये लौटाए गए और शेष राशि के लिए जान से मारने की धमकी दी गई। थाना सीवन में मामला दर्ज किया गया था।
विज्ञापन
कैथल। अमेरिका भेजने के नाम पर 24 लाख रुपये की ठगी करने के मामले में पुलिस ने एक आरोपी गिरफ्तार किया है। आर्थिक अपराध शाखा प्रभारी इंस्पेक्टर ओमप्रकाश की टीम ने जींद के बडौद निवासी जितेंद्र पाल उर्फ सोनू को गिरफ्तार कर दो दिन के रिमांड पर लिया है।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि खेडी गुलाम अली निवासी महेंद्र पाल ने शिकायत दी थी कि वह अपने बेटे को विदेश भेजना चाहता था। इस सिलसिले में उसने अपने पड़ोसी गुरविंदर सिंह और गुरजंट से संपर्क किया। गुरविंदर ने बताया कि गुरजंट युवाओं को विदेश भेजने का काम करता है।
विज्ञापन
फरवरी 2024 में गुरजंट की पत्नी नवजोत और गुरविंदर ने महेंद्र पाल और उसके बेटे को विदेश भेजने का सपना दिखाया। इसके बाद आरोपियों ने उसे जितेंद्र उर्फ सोनू (बरोट), जोग सिंह (फरल), गुरदीप सिंह और मीत कौर (पलट, जिला जालंधर, पंजाब) और सर्बजीत सिंह (भोगपुर, जिला जालंधर, पंजाब) से भी मिलवाया।
विज्ञापन
आरोपियों ने महेंद्र पाल को कहा कि उसके बेटे को अमेरिका भेजने के लिए 50 लाख रुपये की आवश्यकता होगी। मार्च 2024 में शिकायतकर्ता ने 17 लाख 90 हजार रुपये और बेटे के दस्तावेज सौंप दिए। तीन महीने बाद वीजा न मिलने पर आरोपी ने नौ जून 2024 को फ्लाइट का झूठा वादा किया।
आरोपियों ने शिकायतकर्ता के बेटे को दुबई भेजा, जहां वह दो महीने तक रहा। फिर उसे 8 अगस्त 2024 को जकार्ता, इंडोनेशिया भेजा गया और 25 लाख रुपये की अतिरिक्त राशि की मांग की। शिकायतकर्ता ने कुल 21 लाख 90 हजार रुपये और बाद में दो लाख रुपये और दे दिए। तीन सितंबर 2024 को जब बेटे को जकार्ता से क्यूबा भेजा गया, तो उसके दस्तावेज नकली पाए गए और उसे भारत वापस भेजा गया। इसके बाद उसे नई दिल्ली से बैंकॉक, फिर इंडोनेशिया के रास्ते से क्यूबा भेजा गया। 10 अक्टूबर 2024 को शिकायतकर्ता ने आरोपियों को चार लाख 50 हजार रुपये दिए।
22 अक्तूबर 2024 को बेटे को केमैन आइलैंड भेजा गया, जहां एयरपोर्ट अथॉरिटी ने वर्क परमिट दस्तावेज फर्जी पाए और उसे हिरासत में लिया। आरोपियों से पैसे मांगने पर केवल एक लाख 90 हजार रुपये लौटाए गए और शेष राशि के लिए जान से मारने की धमकी दी गई। थाना सीवन में मामला दर्ज किया गया था।