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Kaithal News: दो साल से बिना लाइसेंस के बेची जा रहीं थी गर्भपात की दवाएं
Thu, 01 May 2025 01:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 01 May 2025 01:21 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। चंदाना गेट स्थित बंद मकान से बरामद गर्भपात की दवाओं (एमटीपी किट ः मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी किट) के मामलों में गिरफ्तार विकास को पुलिस ने बुधवार को अदालत में पेश किया। वहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बताया कि जिस व्यक्ति से ये गर्भपात की दवाएं बरामद हुईं, उसने इनका कोई लाइसेंस नहीं लिया था। बताया गया कि आरोपी करीब दो साल से अवैध तरीके से इन दवाओं को बेच रहा था।
स्वास्थ्य विभाग ने दूसरे राज्यों में भी गिरोह के सक्रिय होने का अंदेशा जताया है। टीम के मुताबिक, आरोपी से बरामद 5805 एमटीपी किट की कीमत 36 लाख रुपये से अधिक बताई गई है। इसके अलावा यह पता लगाया जा रहा है कि यह किट आखिर कहां से आई।
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इस संदर्भ में शहर थाना एसएचओ गीता ने बताया कि पुलिस ने आरोपी के खिलाफ जांच कर रही है।
जिला स्वास्थ्य विभाग के साथ ड्रग्स कंट्रोल विभाग और एंटी नारकोटिक कंट्रोल की टीम ने मंगलवार को शहर के चंदाना गेट स्थित मकान पर दबिश देकर आरोपी को दबोचा था। जांच के दौरान टीम ने 5805 एमटीपी किट, 660 अनवांटेड 72 की गोलियां व 1536 मैनफाेर्स की गोलियां बरामद की थीं।
एमटीपी किट रखना तथा बिक्री करना गैर कानूनी है। सिर्फ एमडी गायनाकोलोजिस्ट की निगरानी में ही यह किट प्रयोग की जा सकती है। एमबीबीएस डाक्टर भी इस किट के प्रयोग की प्रेसक्रिप्शन नहीं दे सकते। ये पूरी तरह से प्रतिबंधित किट हैं। इनको केवल लाइसेंस वाले गायनाकोलॉजिस्ट ही रख सकते हैं। -डॉ. गौरव पूनिया
पीएनडीटी के जिला नोडल अधिकारी ने दी शिकायत
पीएनडीटी के जिला नोडल अधिकारी डॉ. गौरव पूनिया की शिकायत के अनुसार सेहत विभाग के फूड एंड ड्रग्स कंट्रोल विभाग और एंटी नारकोटिक कंट्रोल सेल की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर चंदाना गेट पर आरोपी विकास के बंद मकान में बनाए गए स्टोर पर दबिश दी थी। जांच के दौरान 5805 एमटीपी किट, 3840 प्रतिबंधित गोलियां मिलीं थी। ये किट एक मकान में किराये पर कमरा लेकर बेची जा रही थीं। प्राथमिक जांच में पता चला कि जिसके पास से ये किट बरामद हुई, उसके पास इन्हें रखने संबंधित कोई लाइसेंस भी नहीं पाया गया।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, बरामद किटों की संख्या प्रदेश में अब तक जब्त की गई किटों में सबसे अधिक है। फिलहाल में ड्रग्स कंट्रोल विभाग ने बरामद की गई एमटीपी किट व गोलियों को अपने कब्जे में लेकर कोर्ट में सौंप दिया है।
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कैथल। चंदाना गेट स्थित बंद मकान से बरामद गर्भपात की दवाओं (एमटीपी किट ः मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी किट) के मामलों में गिरफ्तार विकास को पुलिस ने बुधवार को अदालत में पेश किया। वहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बताया कि जिस व्यक्ति से ये गर्भपात की दवाएं बरामद हुईं, उसने इनका कोई लाइसेंस नहीं लिया था। बताया गया कि आरोपी करीब दो साल से अवैध तरीके से इन दवाओं को बेच रहा था।
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स्वास्थ्य विभाग ने दूसरे राज्यों में भी गिरोह के सक्रिय होने का अंदेशा जताया है। टीम के मुताबिक, आरोपी से बरामद 5805 एमटीपी किट की कीमत 36 लाख रुपये से अधिक बताई गई है। इसके अलावा यह पता लगाया जा रहा है कि यह किट आखिर कहां से आई।
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इस संदर्भ में शहर थाना एसएचओ गीता ने बताया कि पुलिस ने आरोपी के खिलाफ जांच कर रही है।
जिला स्वास्थ्य विभाग के साथ ड्रग्स कंट्रोल विभाग और एंटी नारकोटिक कंट्रोल की टीम ने मंगलवार को शहर के चंदाना गेट स्थित मकान पर दबिश देकर आरोपी को दबोचा था। जांच के दौरान टीम ने 5805 एमटीपी किट, 660 अनवांटेड 72 की गोलियां व 1536 मैनफाेर्स की गोलियां बरामद की थीं।
एमटीपी किट रखना तथा बिक्री करना गैर कानूनी है। सिर्फ एमडी गायनाकोलोजिस्ट की निगरानी में ही यह किट प्रयोग की जा सकती है। एमबीबीएस डाक्टर भी इस किट के प्रयोग की प्रेसक्रिप्शन नहीं दे सकते। ये पूरी तरह से प्रतिबंधित किट हैं। इनको केवल लाइसेंस वाले गायनाकोलॉजिस्ट ही रख सकते हैं। -डॉ. गौरव पूनिया
पीएनडीटी के जिला नोडल अधिकारी ने दी शिकायत
पीएनडीटी के जिला नोडल अधिकारी डॉ. गौरव पूनिया की शिकायत के अनुसार सेहत विभाग के फूड एंड ड्रग्स कंट्रोल विभाग और एंटी नारकोटिक कंट्रोल सेल की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर चंदाना गेट पर आरोपी विकास के बंद मकान में बनाए गए स्टोर पर दबिश दी थी। जांच के दौरान 5805 एमटीपी किट, 3840 प्रतिबंधित गोलियां मिलीं थी। ये किट एक मकान में किराये पर कमरा लेकर बेची जा रही थीं। प्राथमिक जांच में पता चला कि जिसके पास से ये किट बरामद हुई, उसके पास इन्हें रखने संबंधित कोई लाइसेंस भी नहीं पाया गया।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, बरामद किटों की संख्या प्रदेश में अब तक जब्त की गई किटों में सबसे अधिक है। फिलहाल में ड्रग्स कंट्रोल विभाग ने बरामद की गई एमटीपी किट व गोलियों को अपने कब्जे में लेकर कोर्ट में सौंप दिया है।