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युवाओं की भागीदारी से बनेगा विकसित भारत : डॉ. मेहर चंद
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ढांड। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि महाविद्यालय कौल में प्रधानमंत्री के विकसित भारत 2047 विजन के अनुरूप सेवा संकल्प भारत अभियान का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के मुख्य अतिथि प्राचार्य डॉ. मेहर चंद ने कहा कि युवाओं की भागीदारी से ही विकसित भारत का निर्माण होगा।
उन्होंने विद्यार्थियों से अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को साकार करने में युवाओं और कृषि विश्वविद्यालयों की महत्वपूर्ण भूमिका है। कृषि शिक्षा, अनुसंधान और प्रसार के माध्यम से कृषि क्षेत्र को मजबूत करना देश की प्रगति के लिए आवश्यक है।
अभियान 17 सितंबर से 17 अक्तूबर 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में राष्ट्रसेवा, स्वच्छता, सामाजिक जिम्मेदारी और देश के विकास में सक्रिय भागीदारी की भावना विकसित करना है।
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डॉ. मेहर चंद ने कहा कि कृषि विश्वविद्यालय कृषि अनुसंधान और उन्नत किस्मों के विकास के माध्यम से खाद्य एवं पोषण सुरक्षा में योगदान दे रहा है। मक्के की संकर किस्मों और बाजरे की उन्नत किस्मों पर हो रहा अनुसंधान कृषि उत्पादकता बढ़ाने और किसानों की जरूरतों को पूरा करने में सहायक है। उन्होंने कहा कि कृषि विकास का लक्ष्य केवल खाद्य सुरक्षा नहीं बल्कि पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करना भी होना चाहिए।
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उन्होंने विद्यार्थियों से अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को साकार करने में युवाओं और कृषि विश्वविद्यालयों की महत्वपूर्ण भूमिका है। कृषि शिक्षा, अनुसंधान और प्रसार के माध्यम से कृषि क्षेत्र को मजबूत करना देश की प्रगति के लिए आवश्यक है।
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अभियान 17 सितंबर से 17 अक्तूबर 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में राष्ट्रसेवा, स्वच्छता, सामाजिक जिम्मेदारी और देश के विकास में सक्रिय भागीदारी की भावना विकसित करना है।
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डॉ. मेहर चंद ने कहा कि कृषि विश्वविद्यालय कृषि अनुसंधान और उन्नत किस्मों के विकास के माध्यम से खाद्य एवं पोषण सुरक्षा में योगदान दे रहा है। मक्के की संकर किस्मों और बाजरे की उन्नत किस्मों पर हो रहा अनुसंधान कृषि उत्पादकता बढ़ाने और किसानों की जरूरतों को पूरा करने में सहायक है। उन्होंने कहा कि कृषि विकास का लक्ष्य केवल खाद्य सुरक्षा नहीं बल्कि पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करना भी होना चाहिए।