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Kaithal News: शाबाश ः ई-अधिगम के 100 टॉपरों में 95 विद्यार्थी म्हारे
Wed, 12 Jul 2023 01:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Wed, 12 Jul 2023 01:12 AM IST
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कैथल। लघु सचिवालय सभागार में जिला स्तरीय ई-अधिगम पारितोषिक कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें मुख्य अतिथि डीसी जगदीश शर्मा ने बताया कि पूरे हरियाणा प्रदेश में ई-अधिगम प्रणाली के तहत ज्यादा होमवर्क करने वाले टॉप 100 विद्यार्थियों में से 95 जिला कैथल के हैं। इसी तरह ज्यादा होमवर्क देने वाले प्रदेश के 50 ई-अधिगम अध्यापकों में से 18 अध्यापक जिला से हैं, जिनको प्रदेश स्तर पर सम्मानित किया जाएगा।
इससे पूर्व कार्यक्रम के दौरान जिले में गत 28 मई से 17 जून तक आयोजित ई-अधिगम बोनांजा कंपीटीशन में ई-अधिगम प्रणाली के तहत सबसे ज्यादा होमवर्क करने वाले 13 विद्यार्थियों तथा उन्हें ज्यादा होमवर्क देने वाले छह अध्यापकों को प्रमाण देकर सम्मानित किया गया। डीसी ने कहा कि आज के विद्यार्थी ज्यादा भाग्यशाली हैं, जिनको पढऩे के लिए सरकार द्वारा टैबलेट उपलब्ध करवाए गए हैं, जिससे शिक्षा को एक नया आयाम मिला है। इससे छात्रों को मुक्त शिक्षा का भी अवसर मिलता है। शिक्षा के क्षेत्र में सरकार द्वारा पहले की अपेक्षा और अधिक सुविधा मुहैया करवाई जा रही है।
डीसी ने कहा कि ई-अधिगम प्रणाली शिक्षा की वैकल्पिक प्रणाली नहीं है अपितु एक नवीन शिक्षा की प्रणाली है। किसी भी क्षेत्र में शीर्ष पर पहुंचना कठिन नहीं होता बल्कि शीर्ष पर टिके रहना कहीं ज्यादा कठिन होता है।
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उन्होंने बताया कि वे स्वयं भी अध्यापक रहे हैं। पहले की अपेक्षा सरकार द्वारा विद्यार्थियों को शिक्षा के क्षेत्र में आज कहीं ज्यादा अवसर प्रदान किए जा रहे हैं, विशेषकर लड़कियों की शिक्षा पर ज्यादा फोकस किया जा रहा है। परिणाम स्वरूप आज लड़कियां किसी भी क्षेत्र में लडक़ों से कम नहीं हैं।
इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी रविंद्र कुमार, सीएमजीजीए अपूर्वा मिश्रा, बीईओ कैथल नरेश कुमार, बीईओ कलायत सुरेश सिंगला, बीईओ संजय शर्मा, बीईओ पूंडरी गिरीश कौशिक, बीईओ राजौंद बलबीर सिंह, बीईओ सीवन सुरेश कैंदल व बीआरसी सतीश भारद्वाज मौजूद रहे।
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इससे पूर्व कार्यक्रम के दौरान जिले में गत 28 मई से 17 जून तक आयोजित ई-अधिगम बोनांजा कंपीटीशन में ई-अधिगम प्रणाली के तहत सबसे ज्यादा होमवर्क करने वाले 13 विद्यार्थियों तथा उन्हें ज्यादा होमवर्क देने वाले छह अध्यापकों को प्रमाण देकर सम्मानित किया गया। डीसी ने कहा कि आज के विद्यार्थी ज्यादा भाग्यशाली हैं, जिनको पढऩे के लिए सरकार द्वारा टैबलेट उपलब्ध करवाए गए हैं, जिससे शिक्षा को एक नया आयाम मिला है। इससे छात्रों को मुक्त शिक्षा का भी अवसर मिलता है। शिक्षा के क्षेत्र में सरकार द्वारा पहले की अपेक्षा और अधिक सुविधा मुहैया करवाई जा रही है।
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डीसी ने कहा कि ई-अधिगम प्रणाली शिक्षा की वैकल्पिक प्रणाली नहीं है अपितु एक नवीन शिक्षा की प्रणाली है। किसी भी क्षेत्र में शीर्ष पर पहुंचना कठिन नहीं होता बल्कि शीर्ष पर टिके रहना कहीं ज्यादा कठिन होता है।
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उन्होंने बताया कि वे स्वयं भी अध्यापक रहे हैं। पहले की अपेक्षा सरकार द्वारा विद्यार्थियों को शिक्षा के क्षेत्र में आज कहीं ज्यादा अवसर प्रदान किए जा रहे हैं, विशेषकर लड़कियों की शिक्षा पर ज्यादा फोकस किया जा रहा है। परिणाम स्वरूप आज लड़कियां किसी भी क्षेत्र में लडक़ों से कम नहीं हैं।
इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी रविंद्र कुमार, सीएमजीजीए अपूर्वा मिश्रा, बीईओ कैथल नरेश कुमार, बीईओ कलायत सुरेश सिंगला, बीईओ संजय शर्मा, बीईओ पूंडरी गिरीश कौशिक, बीईओ राजौंद बलबीर सिंह, बीईओ सीवन सुरेश कैंदल व बीआरसी सतीश भारद्वाज मौजूद रहे।