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बजट-किसी के हाथ खुशी तो किसी को मिली निराशा

Fri, 02 Feb 2018 12:09 AM IST
Updated Fri, 02 Feb 2018 12:09 AM IST
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बजट-किसी के हाथ खुशी तो किसी को मिली निराशा

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अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। केंद्रीय आम बजट में किसी के हाथ खुशी तो किसी के हाथ निराशा लगी है। मुख्य रूप से किसानों के लिए की गई घोषणाओं में कुछ उम्मीद की किरण जगी है। लेकिन किसान नेता बजट को खाली जुमलेबाजी करार दे रहे हैं। किसानों के लिए ऋण में 11 लाख करोड़ रुपये रखे जाने जैसी घोषणा का किसानों ने स्वागत किया है। वहीं कुछ किसान विशेषज्ञ केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली की घोषणाओं को समझने का प्रयास कर रहे हैं। आयकर में सीमा ना बढ़ाए जाने से कर्मचारी व व्यापारी वर्ग को निराशा हाथ लगी है। भाजपा नेताओं ने बजट का स्वागत किया है तो इनेलो व कांग्रेस ने इसे जनता विरोधी महज जुमलेबाजी वाला बजट करार दिया है।

कैथल-पटियाला रेल लाइन बने बजट से यही उम्मीद : रेल यात्री कल्याण समिति के अध्यक्ष सतपाल गुप्ता ने कहा कि सरकार द्वारा रेल बजट में 3600 किलोमीटर तक नई रेल लाइन बिछाने की घोषणा का स्वागत करते हैं। उम्मीद करते हैं इन नई रेल लाइन में कैथल पटियाला और कुरुक्षेत्र यमुनानगर रेल लाइन भी शामिल होगी।
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स्टेशनों पर मूलभूत सुविधाओं पर सरकार दें अधिक ध्यान : रेल यात्री पुनीत शांडिल्य ने कहा कि सरकार ने रेलवे बजट में देश के 600 स्टेशनों पर आधुनिक सीसीटीवी कैमरे लगाने की घोषणा की है। लेकिन देश में अभी भी कई ऐसे स्टेशन हैं जिस पर मूलभूत सुविधाओं का काफी अभाव है।
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शिक्षा में 3 से 4 प्रतिशत सेस लगना चिंताजनक : प्रो. अमित पाहवा ने बताया कि सरकार की ओर से बजट में शिक्षा पर 4 प्रतिशत सेस लगाना चिंताजनक है। सरकार गरीबों और जरूरतमंदों को शिक्षा देने के प्रयास की बात करती है। इसी कड़ी पर कायम रहकर सरकार को शिक्षा में सब्सिडी काक प्रावधान किया जाना चाहिए।

आयकॉनिक टूरिज्म से विदेशों की तर्ज पर होगा विकास : टूरिज्म विभाग के प्रो. अनिल ललित ने बताया कि सरकार द्वारा देश के 10 शहरों को आयकॉनिक टूरिज्म में शामिल कर एक सराहनीय कार्य है। उन्होंने कहा कि टूरिज्म विभाग एक ऐसा विभाग है जिससे सरकार को उसकी आय का एक अच्छा हिस्सा प्राप्त होता है।

50 करोड़ लोगों के इलाज उठाने का फैसला सराहनीय : दुकानदार सचिन धमीजा ने कहा कि सरकार द्वारा इस बार का बजट गरीब लोगों के उत्थान के लिए है। धमीजा ने बताया कि सरकार द्वारा 50 करोड़ लोगों के इलाज उठाने का फैसला सराहनीय है। इसके साथ ही सरकार ने बुजुर्गों को सम्मान देते हुए उनकी बीमा राशि को बढ़ाने का फैसला लेकर उनका सम्मान बढ़ाया है।

अधिक टैक्स से बढ़ेगा देश का विकास : कपड़ा व्यापारी ओमप्रकाश ने बताया कि सरकार ने बजट में सरकार को मिले इनकम टैक्स का हवाला देते हुए 90 हजार करोड़ रुपये टैक्स वसूली की जानकारी दी है। इससे देश का काफी विकास होगा। सरकार ने टैक्स की स्लैब नहीं बढ़ाई।

किसानों के लिए सरकार ने की अनेकों घोषणाएं : भाजपा किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष अजीत चहल ने कहा कि इस बजट में सरकार ने किसानों के हितों को ध्यान में रखा है। ऐसा पहली बार हुआ है कि किसी सरकार ने पशुपालकों और डेयरी संचालकों को ऋण देने की दिशा में कार्य करते हुए क्रेडिट कार्ड बनाने की घोषणा की है। 11 लाख करोड़ रुपये के अतिरिक्त ऋण के प्रावधान से किसानों को बड़ा लाभ होगा। वर्ष 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने की दिशा में कार्य अवश्य ही होगा।

टैक्स में आम लोगों को कोई राहत नहीं : राज कुमार वधवा सीवन ने कहा कि इस बजट में आम जनता के हाथ कुछ नहीं लगा है। बजट में मध्यम वर्ग पर पूरा बोझ डाला गया है। टैक्स में क्या राहत मिलनी थी उल्टा उस पर ओर अधिक बोझ में दबाया गया है। सभी बिल महंगे किए गए हैं और जनता को महंगाई में मारने का कार्य इस बजट में किया गया है।

भाजपा उपाध्यक्ष शैली मुंजाल ने कहा कि सरकार ने सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखते हुए बजट तैयार किया है और उसे पेश किया है। बजट में किसानों का पूरा ध्यान रखा गया है और उनके लिए बहुत कुछ है।

पहले स्वमीनाथन रिपोर्ट लागू करे सरकार : भारतीय किसान संघ के प्रदेश प्रवक्ता रणबीर आर्य फरल ने कहा कि स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट में लागत के आधार पर पचास प्रतिशत लाभ देने की बात कही गई है। सरकार उसे तो पूरा नहीं कर रही है। न्यूनतम समर्थन मूल्य पर डेढ़ गुणा बढ़ोत्तरी की बात कर रही है। जो एक मजाक लगता है।

बजट में व्यापारियों को कोई राहत नहीं : युवा अभिषेक गोयल ने कहा कि सरकार ने बजट में व्यापारियों को कोई राहत नहीं दी है। सरकार ने जीएसटी को लागू करने के बाद बजट में व्यापारियों को इनकम टैक्स की स्लैब में राहत मिलने की कुछ उम्मीद थी। लेकिन सरकार ने इनकम टैक्स की स्लैब में कोई राहत नहीं दी है।

अर्थशास्त्री प्रो सूरज वालिया ने बताया कि सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ाते हुए 24 हेल्थ युनिवर्सिटी को बनाने की घोषणा की है। इसके साथ ही सरकार ने शिक्षा व स्वास्थ्य पर एक प्रतिशत सेस को बढ़ाया है। देखा जाए तो ऐसा 1996 के बाद पहली बार हुआ है कि सरकार ने शिक्षा व स्वास्थ्य पर बजट में सेस को बढ़ाया है। यह बजट शिक्षा के मामले में आम जनता को थोड़ा परेशान करेगा।

कर्मचारियों के लिए अच्छा बजट नहीं : हरियाणा मास्टर वर्ग एसोसिएशन के प्रदेश उपाध्यक्ष जगदीश ढुल ने कहा कि यह बजट कर्मचारियों के लिए अच्छा बजट नहीं है जैसी कि उम्मीद की जा रही थी। आयकर स्लैब में बदलाव न होने के कारण कर्मचारियों को निराशा हाथ लगी है। क्योंकि आयकर की स्लैब में पांच प्रतिशत टैक्स के बाद 10 प्रतिशत टैक्स की व्यवस्था करनी चाहिए थी।
बजट में आम लोगों का राहत नहीं : एडवोकेट अशोक गोयल ने कहा कि बजट में आम जनता के लिए कोई राहत नहीं है। इसमें किसी को छूट नहीं मिली है। नौकरी पेशा लोगों के लिए स्टैंडर्ड स्टे को लागू किया है। जिसमें राशि की सीमा बहुत कम है। यह दस पहले भी लागू था जिसे बंद कर दिया गया था। अब दोबारा इसे लागू किया है। जिसमें 40 हजार रुपये की छूट दी है। केवल बुजुर्गों को ही फायदा मिलेगा। ऐसी कोई घोषणा नहीं की है जिससे लोगों को कुछ राहत मिले सके। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ है।

बजट में सभी वर्गों का रखा है विशेष ख्याल : नगर परिषद के पूर्व चेयरमैन यशपाल प्रजापति ने कहा कि बजट में किसानों के लिए खास घोषणाएं की है। प्रजापति ने कहा कि मोदी सरकार के मौजूदा कार्यकाल के आखिरी पूर्ण बजट जरूर है लेकिन इसको भाजपा का अंतिम बजट नहीं कहा जा सकता। यह बजट किसानों के लिए अहम है।

जनता के साथ धोखा बजट : इनसो नेता राजू ढूल पाई ने कहा कि बीजेपी सरकार पेश किए गए बजट में आम जनता पर दोहरी मार पड़ी है। सरकार ने बजट में एक भी ऐसी कोई घोषणा नहीं की है।

किसानों के लिए किया बेहतर कार्य : भाजपा नेता राव सुरेंद्र ने कहा कि बीजेपी सरकार ने किसानों की आय को दोगुना करने की दिशा में बेहतर कार्य करते हुए किसानों के लिए बजट में कई घोषणा की है। जिससे साबित होता है सरकार किसानों के हित में कार्य कर रही है। वर्ष 2022 तक अवश्य ही किसानों की आय दोगुनी होगी।

भाजपा की किसानों को लाभ देने की कोई मंशा नहीं : पूर्व मुख्य संसदीय सचिव रामपाल माजरा ने किसानों के नाम पर एक भद्दा मजाक किया है। कहां तो सरकार को किसानों की एक पुरानी मांग स्वामीनाथन रिपोर्ट को लागू करना था। लेकिन सरकार ने ऐसा कुछ नहीं किया है। जिससे यह साफ जाहिर है भाजपा सरकार की किसानों को लाभ देने की कोई मंशा नहीं है।


बजट केवल जुमलेबाजी
कांग्रेस के अखिल भारतीय मीडिया प्रभारी एवं विधायक रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि यह बजट केवल जुमलेबाजी और बयानबाजी में उलझाने वाला है। किसान व आम जनता के साथ भद्दा मजाक है। सरकार से उम्मीद की आस लगाए बैठे आम जनता, छोटा व्यापारी, दुकानदार, कर्मचारी, उद्योगपति किसी के लिए कुछ नहीं है। वित्तमंत्री अरुण जेटली की कई बातें लोगों को समझ में नहीं आई कि कब उन्होंने फसलों का न्यूनतम लागत पर डेढ़ गुणा कीमत दी है। यह महज जुमलेबाजी वाला बजट है।



बजट-किसी के हाथ खुशी तो किसी को मिली निराशा
इनकम टेक्स स्लैब ना बढने से हुई निराशा..किसानों के लिए की गई घोषणा समझने में जुटे कृषि विशेषज्ञ
भाजपा नेताओं ने किया स्वागत तो विपक्ष ने बताया महज जुमलेबाजी वाला बजट
फोटो नंबर-10 से 14 व 18, 20, 21, 22, 23, 24, 30, 31, 32, 33
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