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दो मेहमान शिक्षकों के भरोसे चल रही 152 छात्राओं की पढ़ाई
Updated Fri, 07 Jul 2017 11:59 PM IST
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दो मेहमान शिक्षकों के भरोसे चल रही 152 छात्राओं की पढ़ाई
- राजकीय कन्या माध्यमिक विद्यालय सेरधा का हाल
अमर उजाला ब्यूरो
राजौंद। राजकीय कन्या माध्यमिक विद्यालय सेरधा में अध्यापकों के खाली पदों के कारण बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है। चार कक्षाओं को पढ़ाने के लिए दो मेहमान अध्यापक व अध्यापिका है।
स्कूल में इस समय कक्षा छठी से आठवीं तक छात्राओं की संख्या 152 है। इन चार कक्षाओं का शिक्षा का भार केवल इन दो मेहमान अध्यापक व अध्यापिका के कंधों पर हैै। ऐसे में यह चार कक्षाओं को किस तरह पढ़ाते होंगे यह सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। यहां मुख्याध्यापक के साथ-साथ हिंदी, ड्राइंग, संस्कृत, पीटीआई अध्यापक भी नहीं है। अभिभावक रामबीर, राजबीर, राममेहर, सुभाष, कर्मबीर ने बताया कि स्कूल में स्टाफ की कमी के कारण वह अपनी बेटियों की शिक्षा को लेकर काफी चिंतित है। उन्होंने कहा कि अगर अध्यापकों की शीघ्र भर्ती न की गई तो वे इसकी शिकायत सीएम विंडो पर करेंगे।
इस बारे में खंड शिक्षा अधिकारी दलीप सिंह ने बताया कि स्टाफ की कमी के बारे में उच्चाधिकारियों को लिखा हुआ है। प्रयास करेंगे कि वहां किसी विद्यालय से अध्यापक की अस्थाई तौर पर नियुक्ति हो सके।
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- राजकीय कन्या माध्यमिक विद्यालय सेरधा का हाल
अमर उजाला ब्यूरो
राजौंद। राजकीय कन्या माध्यमिक विद्यालय सेरधा में अध्यापकों के खाली पदों के कारण बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है। चार कक्षाओं को पढ़ाने के लिए दो मेहमान अध्यापक व अध्यापिका है।
स्कूल में इस समय कक्षा छठी से आठवीं तक छात्राओं की संख्या 152 है। इन चार कक्षाओं का शिक्षा का भार केवल इन दो मेहमान अध्यापक व अध्यापिका के कंधों पर हैै। ऐसे में यह चार कक्षाओं को किस तरह पढ़ाते होंगे यह सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। यहां मुख्याध्यापक के साथ-साथ हिंदी, ड्राइंग, संस्कृत, पीटीआई अध्यापक भी नहीं है। अभिभावक रामबीर, राजबीर, राममेहर, सुभाष, कर्मबीर ने बताया कि स्कूल में स्टाफ की कमी के कारण वह अपनी बेटियों की शिक्षा को लेकर काफी चिंतित है। उन्होंने कहा कि अगर अध्यापकों की शीघ्र भर्ती न की गई तो वे इसकी शिकायत सीएम विंडो पर करेंगे।
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इस बारे में खंड शिक्षा अधिकारी दलीप सिंह ने बताया कि स्टाफ की कमी के बारे में उच्चाधिकारियों को लिखा हुआ है। प्रयास करेंगे कि वहां किसी विद्यालय से अध्यापक की अस्थाई तौर पर नियुक्ति हो सके।
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