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किसान छुट्टी पर-पांचवां दिन
Updated Tue, 05 Jun 2018 11:44 PM IST
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हड़ताल के पांचवें दिन किसानों ने कृषि मंत्री, सीएम व पीएम का फूंका पुतला
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। किसानों की एक से दस जून तक छुट्टी के आंदोलन के बीच मंगलवार को किसानों ने कृषि मंत्री, सीएम व पीएम का पुतला जलाया।
1 से 10 जून तक गांव बंद के अह्वान पर छोटूराम चौक पर किसानों का क्रमिक अनशन व धरना पांचवें दिन भी जारी रहा। मंगलवार को किसानों ने कृषि मंत्री राधामोहन, सीएम व पीएम का पुतला फूंक कर रोष जताया। वहीं कृष्ण कुमार मालखेड़ी, शेखर ढुल हरसोला, कृष्ण कुमार शेरगढ़, महावीर, सुरेंद्र ने अनशन में भाग लिया। किसान नेता धर्मपाल छौथ ने कहा कि हमारी लड़ाई सरकार तथा बिचौलियों के खिलाफ है। आम नागरिकों से हमारा कोई विरोध नहीं है जो नागरिक सब्जी, फल, दूध आदि खरीदना चाहे गांव में जाकर सस्ते दाम पर खरीद सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार से हमारी लड़ाई तब तक जारी रहेगी जब तक हमारी मांगें नहीं मानी जातीं। इस मौके पर उनके साथ जसविंदर ढुल, जिलाध्यक्ष होशियार सिंह गिल, युवा जिलाध्यक्ष जगबीर प्यौदा, रणधीर सेरधा, सुभाष बड़सीकरी, रामदिया कसान, शमशेर बालू, बलदेव तितरम, कृष्ण पेगा, अनिल प्यौदा, कर्मा जाखौली भी मौजूद रहे।
भाकियू ने मुख्यमंत्री का फूंका पुतला
ढांड। भाकियू यूनियन के कार्यकर्ताओं ने प्रदेश महासचिव भूरा राम पबनावा व युवा भाकियू प्रदेश महासचिव विक्रम कसाना के नेतृत्व में मार्केट कमेटी ढांड में एक दिवसीय सांकेतिक धरना दिया। विरोध में 5 किसानों ने मुंडन करवाया। इसके बाद सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए पुराने कैथल-कुरुक्षेत्र रोड पर पहुंचे और मुख्यमंत्री मनोहर लाल का पुतला फूंका। पबनावा ने कहा कि भाकियू द्वारा शांतिपूर्ण तरीके से 1 से 10 जून तक गांव बंद का ऐलान किया हुआ है। इसकी सफलता से बौखला कर मुख्यमंत्री किसानों को अखबारों में सुर्खियां बटोरने का मात्र ढकोसला बता रहे हैं। इसकी भाकियू कड़ी शब्दों में निंदा करती है और मांग करती है कि मुख्यमंत्री को अपने शब्द वापिस लेने चाहिए। इस अवसर पर तख्त सिंह, कुलविंद्र सिंह, कुंदन सिंह, रतन सिंह, चमेल सिंह, नन्हा राम कौल, रियासत सिंह पबनावा, दलीप सिंह कौल, पुन्ना राम पबनावा, रकम सिंह, रणधीर सिंह, राजकुमार, सुरेश, विनोद शर्मा भी मौजूद रहे।
राष्ट्रीय राजमार्ग के समीप धरना प्रदर्शन कर किसानों ने की नारेबाजी
कलायत। देश के कई राज्यों में चल रही किसानों की 10 दिवसीय हड़ताल के चलते कलायत क्षेत्र में भी किसानों ने दो स्थानों पर धरने प्रदर्शन का आयोजन किया। गांव शिमला में आयोजित धरने प्रदर्शन का नेतृत्व भाकियू के खंड प्रधान जिले सिंह व कृष्ण शिमला द्वारा किया गया जबकि कुराड़ को जाने वाले रास्ते की कमान भाकियू के प्रदेश कोषाध्यक्ष सतपाल दिल्लोवाली संभाले हुए थे। किसान नेताओं के नेतृत्व में किसानों ने जहां सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की वहीं सरकार को पूरी तरह किसान विरोधी भी बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने किसानों के साथ चुनाव से पहले जो वायदे किए थे सत्ता में आने के पश्चात उन्हें पूरा कर तो दूर उनका कहीं जिक्र भी नहीं किया जा रहा। किसानों द्वारा 1 से 10 जून तक की जा रही हड़ताल के चलते ही आज कलायत में सड़क पर बैठ धरना प्रदर्शन आयोजित कर किसानों को उनके हकों के प्रति सजग किया गया। उन्होंने किसानों से अपील करते कहा कि हड़ताल के इन 10 दिनों में वे शहरों में दूध, सब्जी, हरा चारा व तूड़ा बिल्कुल न लेकर आए बल्कि इसे गांव में भी बांटे।
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अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। किसानों की एक से दस जून तक छुट्टी के आंदोलन के बीच मंगलवार को किसानों ने कृषि मंत्री, सीएम व पीएम का पुतला जलाया।
1 से 10 जून तक गांव बंद के अह्वान पर छोटूराम चौक पर किसानों का क्रमिक अनशन व धरना पांचवें दिन भी जारी रहा। मंगलवार को किसानों ने कृषि मंत्री राधामोहन, सीएम व पीएम का पुतला फूंक कर रोष जताया। वहीं कृष्ण कुमार मालखेड़ी, शेखर ढुल हरसोला, कृष्ण कुमार शेरगढ़, महावीर, सुरेंद्र ने अनशन में भाग लिया। किसान नेता धर्मपाल छौथ ने कहा कि हमारी लड़ाई सरकार तथा बिचौलियों के खिलाफ है। आम नागरिकों से हमारा कोई विरोध नहीं है जो नागरिक सब्जी, फल, दूध आदि खरीदना चाहे गांव में जाकर सस्ते दाम पर खरीद सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार से हमारी लड़ाई तब तक जारी रहेगी जब तक हमारी मांगें नहीं मानी जातीं। इस मौके पर उनके साथ जसविंदर ढुल, जिलाध्यक्ष होशियार सिंह गिल, युवा जिलाध्यक्ष जगबीर प्यौदा, रणधीर सेरधा, सुभाष बड़सीकरी, रामदिया कसान, शमशेर बालू, बलदेव तितरम, कृष्ण पेगा, अनिल प्यौदा, कर्मा जाखौली भी मौजूद रहे।
भाकियू ने मुख्यमंत्री का फूंका पुतला
ढांड। भाकियू यूनियन के कार्यकर्ताओं ने प्रदेश महासचिव भूरा राम पबनावा व युवा भाकियू प्रदेश महासचिव विक्रम कसाना के नेतृत्व में मार्केट कमेटी ढांड में एक दिवसीय सांकेतिक धरना दिया। विरोध में 5 किसानों ने मुंडन करवाया। इसके बाद सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए पुराने कैथल-कुरुक्षेत्र रोड पर पहुंचे और मुख्यमंत्री मनोहर लाल का पुतला फूंका। पबनावा ने कहा कि भाकियू द्वारा शांतिपूर्ण तरीके से 1 से 10 जून तक गांव बंद का ऐलान किया हुआ है। इसकी सफलता से बौखला कर मुख्यमंत्री किसानों को अखबारों में सुर्खियां बटोरने का मात्र ढकोसला बता रहे हैं। इसकी भाकियू कड़ी शब्दों में निंदा करती है और मांग करती है कि मुख्यमंत्री को अपने शब्द वापिस लेने चाहिए। इस अवसर पर तख्त सिंह, कुलविंद्र सिंह, कुंदन सिंह, रतन सिंह, चमेल सिंह, नन्हा राम कौल, रियासत सिंह पबनावा, दलीप सिंह कौल, पुन्ना राम पबनावा, रकम सिंह, रणधीर सिंह, राजकुमार, सुरेश, विनोद शर्मा भी मौजूद रहे।
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राष्ट्रीय राजमार्ग के समीप धरना प्रदर्शन कर किसानों ने की नारेबाजी
कलायत। देश के कई राज्यों में चल रही किसानों की 10 दिवसीय हड़ताल के चलते कलायत क्षेत्र में भी किसानों ने दो स्थानों पर धरने प्रदर्शन का आयोजन किया। गांव शिमला में आयोजित धरने प्रदर्शन का नेतृत्व भाकियू के खंड प्रधान जिले सिंह व कृष्ण शिमला द्वारा किया गया जबकि कुराड़ को जाने वाले रास्ते की कमान भाकियू के प्रदेश कोषाध्यक्ष सतपाल दिल्लोवाली संभाले हुए थे। किसान नेताओं के नेतृत्व में किसानों ने जहां सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की वहीं सरकार को पूरी तरह किसान विरोधी भी बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने किसानों के साथ चुनाव से पहले जो वायदे किए थे सत्ता में आने के पश्चात उन्हें पूरा कर तो दूर उनका कहीं जिक्र भी नहीं किया जा रहा। किसानों द्वारा 1 से 10 जून तक की जा रही हड़ताल के चलते ही आज कलायत में सड़क पर बैठ धरना प्रदर्शन आयोजित कर किसानों को उनके हकों के प्रति सजग किया गया। उन्होंने किसानों से अपील करते कहा कि हड़ताल के इन 10 दिनों में वे शहरों में दूध, सब्जी, हरा चारा व तूड़ा बिल्कुल न लेकर आए बल्कि इसे गांव में भी बांटे।
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