{"_id":"5be725c6bdec22697455804e","slug":"51541875142-kaithal-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ऑफिसर की परीक्षा से भी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था हुई चपड़ासी व सहायकों की भर्ती के लिए परीक्षा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ऑफिसर की परीक्षा से भी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था हुई चपड़ासी व सहायकों की भर्ती के लिए परीक्षा
Updated Sun, 11 Nov 2018 12:09 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रश्न पत्र लीक के भूत से पीछा छुड़वाने की कवायद में जुटे रहे अधिकारी
- ऑफिसर की परीक्षा से भी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में हुई चपरासी व सहायकों की भर्ती के लिए परीक्षा
- सरकार ने झौंकी ताकत, एक सेंटर में 14 पुलिस कर्मचारियों की ड्यूटी, ड्यूटी स्टॉफ को भी मोबाइल अलाउड नहीं
- चुनाव से पहले हो रही 18 हजार की बड़ी सरकारी भर्ती में सरकार लेना चाहती है पारदर्शिता के मुद्दे का लाभ
नसीब सैनी
कैथल। शनिवार को जिले में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती के लिए परीक्षा हुई। परीक्षा में सुरक्षा के उपाय ऐसे कि ऑफिसर की भर्ती के लिए भी कम पड़ जाएं। चार स्तरीय सुरक्षा जांच के बीच मोबाइल एप विकसित करके परीक्षार्थियों की जांच की गई। जिसमें परीक्षार्थियों को इंट्री प्वाइंट पर ही 4 बार जांच के बाद केंद्र के अंदर पहुंच कर भी वीडियोग्राफी से लेकर बायोमैट्रिक हाजिरी लगाई गई।
चुनाव से पहले हो रही 18 हजार से अधिक की संख्या में बड़ी भर्ती के लिए सरकार प्रश्न पत्र लीकेज के भूत से पीछा छुड़वाना चाहती है और परीक्षा में पारदर्शिता के अपने दावे को शत-प्रतिशत खरा रखना चाहती है। यही कारण है कि शनिवार को पूरा प्रशासनिक अमला ग्रुप डी की भर्ती को निष्पक्ष व पारदर्शी तरीके से करवाने में जुटा रहा। स्वयं डीसी ने भी अधिकारियों की बैठक में कहा था कि यह परीक्षा सरकार की छवि से जुड़ी है।
चार चरणों में हुई जांच : परीक्षार्थियों की परीक्षा केंद्रों के प्रवेश द्वार पर ही चार चरणों में जांच हुई। सबसे पहले उनका रोल नंबर कार्ड से मिलान किया गया। इसके बाद क्यू आर कोड जिसके लिए हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग द्वारा मोबाइल में विशेष एप विकसित किया हुआ है। उसके अंदर फीड किए गए डाटा के आधार पर परीक्षार्थियों के चेहरे से लेकर अन्य सभी तरह के मिलान किए गए। इसके बाद परीक्षार्थी के हस्ताक्षर करवाए गए और उनके ऊपर क्यू आर कोड वेरीफाइड की स्टांप लगवाई गई। इसके अलावा महिला परीक्षार्थियों के कान, नाक व गले से सभी तरह के गहने, धागे उतरवाकर बारीकि से जांच की गई।
विज्ञापन
एसपी सहित तमाम अधिकारियों ने किए परीक्षा केंद्रों के दौरे किए और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। एक परीक्षा केंद्र में 14 पुलिस कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई थी। जिसमें 2 यातायात कर्मचारी, 4 कर्मचारी प्रवेश द्वार पर, 6 अंदर व 2 बाहरी दीवारों की सुरक्षा के लिए कर्मचारी नियुक्त किए गए। डीएसपी तरण सैनी सहित तमाम अधिकारियों ने भी परीक्षा केंद्रों का दौरा किया।
विज्ञापन
- ऑफिसर की परीक्षा से भी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में हुई चपरासी व सहायकों की भर्ती के लिए परीक्षा
- सरकार ने झौंकी ताकत, एक सेंटर में 14 पुलिस कर्मचारियों की ड्यूटी, ड्यूटी स्टॉफ को भी मोबाइल अलाउड नहीं
- चुनाव से पहले हो रही 18 हजार की बड़ी सरकारी भर्ती में सरकार लेना चाहती है पारदर्शिता के मुद्दे का लाभ
नसीब सैनी
कैथल। शनिवार को जिले में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती के लिए परीक्षा हुई। परीक्षा में सुरक्षा के उपाय ऐसे कि ऑफिसर की भर्ती के लिए भी कम पड़ जाएं। चार स्तरीय सुरक्षा जांच के बीच मोबाइल एप विकसित करके परीक्षार्थियों की जांच की गई। जिसमें परीक्षार्थियों को इंट्री प्वाइंट पर ही 4 बार जांच के बाद केंद्र के अंदर पहुंच कर भी वीडियोग्राफी से लेकर बायोमैट्रिक हाजिरी लगाई गई।
चुनाव से पहले हो रही 18 हजार से अधिक की संख्या में बड़ी भर्ती के लिए सरकार प्रश्न पत्र लीकेज के भूत से पीछा छुड़वाना चाहती है और परीक्षा में पारदर्शिता के अपने दावे को शत-प्रतिशत खरा रखना चाहती है। यही कारण है कि शनिवार को पूरा प्रशासनिक अमला ग्रुप डी की भर्ती को निष्पक्ष व पारदर्शी तरीके से करवाने में जुटा रहा। स्वयं डीसी ने भी अधिकारियों की बैठक में कहा था कि यह परीक्षा सरकार की छवि से जुड़ी है।
विज्ञापन
चार चरणों में हुई जांच : परीक्षार्थियों की परीक्षा केंद्रों के प्रवेश द्वार पर ही चार चरणों में जांच हुई। सबसे पहले उनका रोल नंबर कार्ड से मिलान किया गया। इसके बाद क्यू आर कोड जिसके लिए हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग द्वारा मोबाइल में विशेष एप विकसित किया हुआ है। उसके अंदर फीड किए गए डाटा के आधार पर परीक्षार्थियों के चेहरे से लेकर अन्य सभी तरह के मिलान किए गए। इसके बाद परीक्षार्थी के हस्ताक्षर करवाए गए और उनके ऊपर क्यू आर कोड वेरीफाइड की स्टांप लगवाई गई। इसके अलावा महिला परीक्षार्थियों के कान, नाक व गले से सभी तरह के गहने, धागे उतरवाकर बारीकि से जांच की गई।
विज्ञापन
एसपी सहित तमाम अधिकारियों ने किए परीक्षा केंद्रों के दौरे किए और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। एक परीक्षा केंद्र में 14 पुलिस कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई थी। जिसमें 2 यातायात कर्मचारी, 4 कर्मचारी प्रवेश द्वार पर, 6 अंदर व 2 बाहरी दीवारों की सुरक्षा के लिए कर्मचारी नियुक्त किए गए। डीएसपी तरण सैनी सहित तमाम अधिकारियों ने भी परीक्षा केंद्रों का दौरा किया।