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एडीसी साहब..बिजली की एक चिंगारी निकल गई तो 6 माह की कमाई हो जाएगी राख
Updated Thu, 05 Apr 2018 11:29 PM IST
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एडीसी साहब... बिजली की एक चिंगारी निकल गई तो 6 माह की कमाई हो जाएगी राख
बिजली विभाग को कह दीजिए...तारों को ठीक कर दे..
पिछले साल जल गए थे गेहूं के 72 एकड़, 32 लाख रुपये से अधिक का हुआ था नुकसान
फोटो संख्या-9
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। एडीसी साहब हमारे पिछले साल 72 किल्ले(एकड़) गेहूं की फसल के जल गए थे। जिसमें 32 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ था। इसके लिए आज तक कोई मुआवजा नहीं मिला है। अब फिर गेहूं का सीजन आ गया है। इसीलिए बिजली विभाग को कह दीजिए कि वह तारों को ठीक कर दे। यह गुहार गांव प्यौदा के किसानों ने एडीसी पार्थ गुप्ता को लगाई। किसान शमशेर सिंह, राजा, अनिल कुमार, मनोज, नरेश, विनोद, खेमा, हिम्मत सिंह, रामनिवास, बसाऊ व ओमप्रकाश ने बताया कि वे खेती करके जैसे-तैसे गुजारा चला रहे हैं। पिछले साल गांव में स्थित 220 केवी पावर हाउस तितरम की लापरवाही के कारण 72 एकड़ जमीन में खड़ी गेहूं की फसल जल कर राख हो गई थी। जिसका किसानों को आज तक कोई मुआवजा नहीं दिया गया है। इसके बावजूद आज तक भी पॉवर हाउस तितरम की सभी लाइनें ढीली हैं। इसमें स्पार्किंग होती रहती है। इस समय गेहूं की फसल पूरी तरह से पक गई है। एक भी चिंगारी उड़ी तो छह माह की कमाई राख बन जाएगी।
बिजली विभाग को कह दीजिए...तारों को ठीक कर दे..
पिछले साल जल गए थे गेहूं के 72 एकड़, 32 लाख रुपये से अधिक का हुआ था नुकसान
फोटो संख्या-9
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। एडीसी साहब हमारे पिछले साल 72 किल्ले(एकड़) गेहूं की फसल के जल गए थे। जिसमें 32 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ था। इसके लिए आज तक कोई मुआवजा नहीं मिला है। अब फिर गेहूं का सीजन आ गया है। इसीलिए बिजली विभाग को कह दीजिए कि वह तारों को ठीक कर दे। यह गुहार गांव प्यौदा के किसानों ने एडीसी पार्थ गुप्ता को लगाई। किसान शमशेर सिंह, राजा, अनिल कुमार, मनोज, नरेश, विनोद, खेमा, हिम्मत सिंह, रामनिवास, बसाऊ व ओमप्रकाश ने बताया कि वे खेती करके जैसे-तैसे गुजारा चला रहे हैं। पिछले साल गांव में स्थित 220 केवी पावर हाउस तितरम की लापरवाही के कारण 72 एकड़ जमीन में खड़ी गेहूं की फसल जल कर राख हो गई थी। जिसका किसानों को आज तक कोई मुआवजा नहीं दिया गया है। इसके बावजूद आज तक भी पॉवर हाउस तितरम की सभी लाइनें ढीली हैं। इसमें स्पार्किंग होती रहती है। इस समय गेहूं की फसल पूरी तरह से पक गई है। एक भी चिंगारी उड़ी तो छह माह की कमाई राख बन जाएगी।