{"_id":"5a1080894f1c1b97678bc6cc","slug":"21511030921-kaithal-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"फर्जी प्रमाण पत्र होने के चलते घग्गड़पुर के सरपंच को हटाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फर्जी प्रमाण पत्र होने के चलते घग्गड़पुर के सरपंच को हटाया
Updated Sun, 19 Nov 2017 12:18 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फर्जी प्रमाण पत्र होने के चलते घग्गड़पुर के सरपंच को हटाया
कैथल। फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर चुनाव लड़ने वाले घग्गड़पुर के सरपंच को पद से हटा दिया गया है।
इस संबंध में गांव घग्गड़पुर के जग्गा राम ने डीसी को भेजी शिकायत में आरोप लगाया था कि मलकीत सिंह ने शिक्षा संबंधी फर्जी प्रमाण पत्र प्रस्तुत करके सरपंच पद का चुनाव लड़ा है। किसी गैर मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थान का प्रमाण पत्र चुनाव के दौरान आवेदन प्रक्रिया में लगाया गया था। शिकायत मिलने के बाद डीसी ने पंचायत विभाग के अधिकारियों को जांच के आदेश दिए थे। विभागीय अधिकारियों की जांच के बाद जब आरोप सही पाए गए तो अधिकारियों ने जांच के बाद डीसी को रिपोर्ट दी। इसके बाद सरपंच को नोटिस भेजा और उनका पक्ष जाना गया। उन्होंने कारण बताओ नोटिस के उत्तर में आए दस्तावेजों का भी अध्ययन किया तथा नामांकन पत्र के साथ संलग्न किए गए दस्तावेजों की बारीकि से जांच की। इसके बाद आरोप सही पाए जाने पर डीसी ने तुरंत प्रभाव से सरपंच को पद से हटा दिया है। डीसी ने पंचायती राज अधिनियम की धारा 177 के तहत गगड़पुर के सरपंच का पद रिक्त घोषित कर दिया है तथा ग्राम पंचायत के किसी भी कार्रवाई में भाग लेने से मना कर दिया है।
विज्ञापन
कैथल। फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर चुनाव लड़ने वाले घग्गड़पुर के सरपंच को पद से हटा दिया गया है।
इस संबंध में गांव घग्गड़पुर के जग्गा राम ने डीसी को भेजी शिकायत में आरोप लगाया था कि मलकीत सिंह ने शिक्षा संबंधी फर्जी प्रमाण पत्र प्रस्तुत करके सरपंच पद का चुनाव लड़ा है। किसी गैर मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थान का प्रमाण पत्र चुनाव के दौरान आवेदन प्रक्रिया में लगाया गया था। शिकायत मिलने के बाद डीसी ने पंचायत विभाग के अधिकारियों को जांच के आदेश दिए थे। विभागीय अधिकारियों की जांच के बाद जब आरोप सही पाए गए तो अधिकारियों ने जांच के बाद डीसी को रिपोर्ट दी। इसके बाद सरपंच को नोटिस भेजा और उनका पक्ष जाना गया। उन्होंने कारण बताओ नोटिस के उत्तर में आए दस्तावेजों का भी अध्ययन किया तथा नामांकन पत्र के साथ संलग्न किए गए दस्तावेजों की बारीकि से जांच की। इसके बाद आरोप सही पाए जाने पर डीसी ने तुरंत प्रभाव से सरपंच को पद से हटा दिया है। डीसी ने पंचायती राज अधिनियम की धारा 177 के तहत गगड़पुर के सरपंच का पद रिक्त घोषित कर दिया है तथा ग्राम पंचायत के किसी भी कार्रवाई में भाग लेने से मना कर दिया है।