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स्वास्थ्य मंत्री जी..या तो अफसर आपकी सरकार की परवाह नहीं करते.. या फिर यह सब(अवैध शराब बिक्री) सरकार करवा रही है...
Updated Sat, 15 Dec 2018 01:18 AM IST
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मंत्री विज के सामने गुहला में अवैध शराब के खुर्दों को लेकर शिकायत करने पहुंचे चीका निवासी जगजीत सिंह और विधायक के बीच हुई तू-तू मैं-मैं
कहा- विधायक जी मेरा मुंह न खुलवाओ, सब आपकी सरपरस्ती में चल रहा है
विधायक बोले- एक नंबर का ब्लैकमेलर है जी ये, आम आदमी पार्टी का बताता है खुद को
- जगजीत ने कहा- स्वास्थ्य मंत्री जी, या तो अफसर आपकी सरकार की परवाह नहीं करते, या फिर यह सब सरकार करवा रही है
- शराब के ठेकेदार का काम देख रहे व्यक्ति ने दी जगजीत के खिलाफ 20 लाख रुपये मांगने की शिकायत, कहा 70 हजार पहले दे चुका हूं, जगजीत ने कहा-यदि मैं 20 लाख मांगता तो 70 हजार क्यों लेता?
फोटो संख्या-8 से 13
नसीब सैनी
कैथल। जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज को अवैध खुर्दों की शिकायत पर चीका निवासी जगजीत सिंह ने खरी-खरी सुनाई। जगजीत ने कहा कि मंत्री जी या तो अफसर आपकी सरकार की परवाह नहीं करते या सरकार ही सब कुछ (अवैध शराब बिक्री) करवा रही है। यह बात सुनकर एक बार तो पूरा हाल सन्न रह गया। लेकिन जगजीत बोलना बंद नहीं किये।
उन्होंने कहा कि 74 जगह गुहला-चीका में अवैध रूप से शराब बेची जा रही है। मेरी गलती थी कि पिछली बैठक में आपसे आग्रह कर दिया कि डीएसपी हेडक्वार्टर से जांच करवाएं। उन्होंने जांच के नाम पर ड्रामा किया और अब आपको गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। जगजीत सिंह का इतना कहना था कि विज के भी तेवर कड़े हो गए। लेकिन उन्होंने संयम रखते हुए डीएसपी तरुण सैनी से पूछा कि क्या स्थिति है। आप बताएं। डीएसपी तरुण सैनी ने इतना कहा कि उन्होंने 42 जगह रेड की। सभी जगह लाइसेंस व खरीदी गई शराब की रसीदें मिलीं। 6 अवैध खुर्दे पकड़े, अवैध शराब की पेटियां पकड़ीं। इससे शिकायतकर्ता संतुष्ट नहीं हुए। इतने में एक व्यक्ति जो खुद को शराब ठेकेदार के प्रबंधन की देखरेख करने वाला बता रहा था, उठा और कहा कि जगजीत सिंह उससे 20 लाख रुपये मांग रहा है। 70 हजार रुपये पहले ले चुका है। इस पर जगजीत सिंह ने भरे सदन में कहा कि यदि मैं 20 लाख मांगता तो क्या 70 हजार ले लेता? इसी बीच जगजीत सिंह ने विधायक गुहला की ओर इशारा कर दिया कि विधायक जी मेरा मुुंह न खुलवाओ, यह सब आपकी सरपरस्ती में हो रहा है। इस पर विधायक गुहला ने तुरंत सीधा जवाब दिया और कहा कि एक नंबर का ब्लैकमेलर है जी ये, खुद को आम आदमी पार्टी का बताता है, 70 हजार ले चुका है। इसी बीच जगजीत सिंह ने एक और शिकायत मंत्री की ओर बढ़ाई और कहा कि पिक-अप की क्षमता मुश्किल से 200 से 300 पेटी है। लेकिन यहां 1200 पेटियां पिक-अप के माध्यम से ढुलाई के बिल पास हो रहे हैं। भ्रष्टाचार जीरो टोलरेंस में यह सब हो रहा है। इतने में पुलिस कर्मचारी जगजीत की ओर धमक पड़े और उन्हें बाहर ले गए। विज ने बाद में कहा कि इस मामले में केस दर्ज कर जांच की जाए। साथ ही शिकायतकर्ता पर लगे 70 हजार रुपये वसूली के मामले की भी जांच हो। विज ने सरकार को लेकर जगजीत द्वारा कही गई बात का कोई जवाब नहीं दिया।
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एसडीएम गुहला व डीएसपी आए आमने-सामने : डीएसपी गुहला ने कहा कि 42 ठेकों में जांच में रसीदें पाई गईं। जिस कारण कोई कार्रवाई नहीं हुई। तो शिकायतकर्ता जगजीत सिंह ने कहा कि इन्हीं ठेकों को एसडीएम गुहला ने सील क्यों किया। इस पर विज ने एसडीएम गुहला से जवाब मांगा तो एसडीएम ने स्वीकार कर लिया कि कोई कागजात उन्हें नहीं मिले, जिस कारण उन्होंने कई ठेकों को सील कर दिया था। जब एसडीएम को एहसास हुआ कि वे डीएसपी के बयान के उलट बोल गए और पुलिस की पूरी जांच ही संदेह घेरे में आ गई तो एसडीएम दोबारा खड़े हुए और बोले सर, मैंने जब जांच की, तब केवल रसीद थी, लेकिन अगले दिन लाइसेंस व रसीद दिखा दी। इसके बाद उन्होंने सील खोल दी थी।
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कहा- विधायक जी मेरा मुंह न खुलवाओ, सब आपकी सरपरस्ती में चल रहा है
विधायक बोले- एक नंबर का ब्लैकमेलर है जी ये, आम आदमी पार्टी का बताता है खुद को
- जगजीत ने कहा- स्वास्थ्य मंत्री जी, या तो अफसर आपकी सरकार की परवाह नहीं करते, या फिर यह सब सरकार करवा रही है
- शराब के ठेकेदार का काम देख रहे व्यक्ति ने दी जगजीत के खिलाफ 20 लाख रुपये मांगने की शिकायत, कहा 70 हजार पहले दे चुका हूं, जगजीत ने कहा-यदि मैं 20 लाख मांगता तो 70 हजार क्यों लेता?
फोटो संख्या-8 से 13
नसीब सैनी
कैथल। जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज को अवैध खुर्दों की शिकायत पर चीका निवासी जगजीत सिंह ने खरी-खरी सुनाई। जगजीत ने कहा कि मंत्री जी या तो अफसर आपकी सरकार की परवाह नहीं करते या सरकार ही सब कुछ (अवैध शराब बिक्री) करवा रही है। यह बात सुनकर एक बार तो पूरा हाल सन्न रह गया। लेकिन जगजीत बोलना बंद नहीं किये।
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उन्होंने कहा कि 74 जगह गुहला-चीका में अवैध रूप से शराब बेची जा रही है। मेरी गलती थी कि पिछली बैठक में आपसे आग्रह कर दिया कि डीएसपी हेडक्वार्टर से जांच करवाएं। उन्होंने जांच के नाम पर ड्रामा किया और अब आपको गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। जगजीत सिंह का इतना कहना था कि विज के भी तेवर कड़े हो गए। लेकिन उन्होंने संयम रखते हुए डीएसपी तरुण सैनी से पूछा कि क्या स्थिति है। आप बताएं। डीएसपी तरुण सैनी ने इतना कहा कि उन्होंने 42 जगह रेड की। सभी जगह लाइसेंस व खरीदी गई शराब की रसीदें मिलीं। 6 अवैध खुर्दे पकड़े, अवैध शराब की पेटियां पकड़ीं। इससे शिकायतकर्ता संतुष्ट नहीं हुए। इतने में एक व्यक्ति जो खुद को शराब ठेकेदार के प्रबंधन की देखरेख करने वाला बता रहा था, उठा और कहा कि जगजीत सिंह उससे 20 लाख रुपये मांग रहा है। 70 हजार रुपये पहले ले चुका है। इस पर जगजीत सिंह ने भरे सदन में कहा कि यदि मैं 20 लाख मांगता तो क्या 70 हजार ले लेता? इसी बीच जगजीत सिंह ने विधायक गुहला की ओर इशारा कर दिया कि विधायक जी मेरा मुुंह न खुलवाओ, यह सब आपकी सरपरस्ती में हो रहा है। इस पर विधायक गुहला ने तुरंत सीधा जवाब दिया और कहा कि एक नंबर का ब्लैकमेलर है जी ये, खुद को आम आदमी पार्टी का बताता है, 70 हजार ले चुका है। इसी बीच जगजीत सिंह ने एक और शिकायत मंत्री की ओर बढ़ाई और कहा कि पिक-अप की क्षमता मुश्किल से 200 से 300 पेटी है। लेकिन यहां 1200 पेटियां पिक-अप के माध्यम से ढुलाई के बिल पास हो रहे हैं। भ्रष्टाचार जीरो टोलरेंस में यह सब हो रहा है। इतने में पुलिस कर्मचारी जगजीत की ओर धमक पड़े और उन्हें बाहर ले गए। विज ने बाद में कहा कि इस मामले में केस दर्ज कर जांच की जाए। साथ ही शिकायतकर्ता पर लगे 70 हजार रुपये वसूली के मामले की भी जांच हो। विज ने सरकार को लेकर जगजीत द्वारा कही गई बात का कोई जवाब नहीं दिया।
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एसडीएम गुहला व डीएसपी आए आमने-सामने : डीएसपी गुहला ने कहा कि 42 ठेकों में जांच में रसीदें पाई गईं। जिस कारण कोई कार्रवाई नहीं हुई। तो शिकायतकर्ता जगजीत सिंह ने कहा कि इन्हीं ठेकों को एसडीएम गुहला ने सील क्यों किया। इस पर विज ने एसडीएम गुहला से जवाब मांगा तो एसडीएम ने स्वीकार कर लिया कि कोई कागजात उन्हें नहीं मिले, जिस कारण उन्होंने कई ठेकों को सील कर दिया था। जब एसडीएम को एहसास हुआ कि वे डीएसपी के बयान के उलट बोल गए और पुलिस की पूरी जांच ही संदेह घेरे में आ गई तो एसडीएम दोबारा खड़े हुए और बोले सर, मैंने जब जांच की, तब केवल रसीद थी, लेकिन अगले दिन लाइसेंस व रसीद दिखा दी। इसके बाद उन्होंने सील खोल दी थी।