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हाईकोर्ट ने मांगा भारत सरकार स्वास्थ्य मंत्रालय व हरियाणा के स्वास्थ्य विभाग से जवाब

Thu, 25 Jan 2018 12:14 AM IST
Updated Thu, 25 Jan 2018 12:14 AM IST
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हाईकोर्ट ने मांगा भारत सरकार स्वास्थ्य मंत्रालय व हरियाणा के स्वास्थ्य विभाग से जवाब

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अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। अपनी तरह के अनूठे मामले की सुनवाई करते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय के अलावा प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग सहित सीएमओ कैथल को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
दरअसल गांव बालू के बुजुर्गों, महिलाओं व विकलांग व्यक्तियों ने याचिका दायर की थी कि उनके गांव, तहसील व जिले के अस्पताल में डॉक्टरों की कमी तो है ही, साथ में नर्स, सहायक स्टाफ के अलावा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी तक नहीं हैं। इस कारण स्वास्थ्य सेवाओं के लिए उन्हें निजी अस्पतालों में जाना पड़ता है। जहां उन्हें काफी महंगा इलाज मिलता है। गांव के लोग महंगा इलाज करवाने में सक्षम नहीं हैं।
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अधिवकता प्रदीप रापड़िया के माध्यम से दायर याचिका में लोगों ने बताया कि अस्पताल निर्माण के लिए सन 2000 में अपनी जमीन सरकार को दी थी। ग्रामीणों द्वारा दी गई जमीन पर अस्पताल तो बना लेकिन वर्तमान में अस्पताल में मूलभूत सुविधा भी उपलब्ध नहीं है। स्वास्थ्य सुविधा के नाम पर तहसील व जिला स्तर पर अस्पताल उपलब्ध करवाए गए हैं लेकिन उनकी भी हालात ऐसी ही है। आरटीआई से उन्हें पता चला है कि गांव बालू में 25 पदों में से 22 खाली पड़े हैं और यहां एक भी डॉक्टर नहीं हैं। गांव बाता में 24 में से 15 पद खाली हैं, गांव देवबन में 25 में से 11 पद खाली हैं। गांव में प्राथमिक इलाज के बाद लोगों को इलाज के लिए कलायत तहसील में स्थित सरकारी अस्पताल जाना पड़ता है। लेकिन यहाँ पर भी 8 में से 6 डॉक्टरों की सीट खाली हैं। 11 अन्य पद खाली हैं। इसके बाद जिला मुख्यालय कैथल में भी 36 डॉक्टरों के पद खाली हैं। अस्पताल में एक भी सफाई कर्मचारी व चौकीदार तक नहीं है। डॉक्टर व नर्स उपलब्ध ना होने से सबसे ज्यादा गांव की गर्भवती महिलाओं व बुजुर्गों को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने पहले स्थानीय नेताओं के सामने गुहार लगाई फिर मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज, व स्वास्थ्य विभाग के सचिव को लिखकर कर कम से कम डॉक्टरों के खाली पड़े पदों को भरने की गुहार लगाई। उनके अधिवक्ता ने भी केंद्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय व हरियाणा सरकार को लीगल नोटिस भेजकर अस्पतालों में खाली पदों को भरने के लिए कहा। जब उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई तो उन्हें मजबूरन न्यायालय की शरण लेनी पड़ी।
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अधिवक्ता प्रदीप रापड़िया ने बताया कि मामले की सुनवाई करते हुए पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार व हरियाणा सरकार सहित सीएमओ कैथल को 8 फरवरी तक याचिका का जवाब दायर करने को कहा है।

हाईकोर्ट ने मांगा स्वास्थ्य मंत्रालय भारत सरकार, हरियाणा के स्वास्थ्य विभाग व सीएमओ कैथल से जवाब
गांव बालू के ग्रामीणों ने स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर दायर की थी याचिका, कोर्ट ने जारी किए नोटिस
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