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चिप घोटाले के दोषी गिरफ्तार नहीं हुए तो बंद किया जाएगा मिल
Updated Thu, 15 Nov 2018 12:24 AM IST
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चिप घोटाले के दोषी गिरफ्तार नहीं हुए तो बंद किया जाएगा मिल
प्रदेश के सभी मिलों के कर्मचारियों के साथ मिलकर किया जाएगा आंदोलन
शुगर मिल कर्मचारियों ने कांटे की चिप मामले में बैठक करके किया ऐलान
भारतीय किसान संघ के पदाधिकारी भी पहुंचे बैठक में
सभी ने एक सुर में मांग की कि चिप घोटाले में निष्पक्ष जांच की जाए
16 नवंबर को होना है मिल के पिराई सत्र का शुभारंभ
फोटो संख्या-26
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। शुगर मिल में चिप गड़बड़ी मामले में शुगर मिल कर्मचारियों ने बुधवार सांय बैठक करके बड़ा ऐलान किया है कि निष्पक्ष जांच की मांग की। कर्मचारियों ने भ्रष्टाचार का विरोध करते हुए ऐलान किया कि यदि दोषी अधिकारियों या कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो वे मिल को बंद भी कर सकते हैं। आगामी 16 नवंबर से मिल का पिराई सत्र शुरू करने आ रहे मंत्री को भी ज्ञापन देने का पुसला लिया है।
विदित रहे कि शुगर मिल के इलेक्ट्रॉनिक धर्मकांटे में एक चिप मिली है। जिसकी मदद से दूर खड़ा होकर व्यक्ति रिमोट से वजन को कंट्रोल कर सकता है। मिल अधिकारियों ने इस मामले में अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज करवाया है। जबकि दो दिन पहले मिल से जुड़े किसानों व मिल के भारतीय मजदूर संघ से संबंधित यूनियन के कर्मचारियों ने इस मामले में दोषी कर्मचारियों व अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।
बुधवार को इसी मामले में कर्मचारी सांय पांच बजे मिल के प्रवेश द्वारा पर भारी संख्या में एकत्रित हुए। जिसमें किसान संघ के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। कर्मचारी यूनियन के प्रधान सुरेश कुमार ने बताया कि मिल में 400 से अधिक की संख्या में कर्मचारी हैं। जिसमें से करीब 350 कर्मचारी आ गए थे। सांय को एकत्रित हुए इन कर्मचारियों ने फैसला लिया है कि यदि 15 दिन के अंदर अंदर चिप के मामले में दोषी कर्मचारी या अधिकारी को गिरफ्तार नहीं किया गया तो पूरे प्रदेश के मिलों से कर्मचारी इस आंदोलन में शामिल होंगे। जरुरत पड़ी तो प्रदेश स्तरीय आंदोलन किया जाएगा। मिल के शुभारंभ अवसर पर सहकारिता मंत्री मिल में आएंगे तो उन्हें भी ज्ञापन दिया जाएगा। मिल में वे महज नौकरी नहीं करते, यहां से उनके परिवारों की रोजी-रोटी चलती है। मामले में अज्ञात के खिलाफ एफआईआर करवाना दोषियों को बचाने जैसा है। जबकि धर्मकांटे के जिम्मेवार अधिकारी व कर्मचारियों की मिलीभगत के बिना यह चिप लग ही नहीं सकती। कर्मचारी नेताओं में सुशील तंवर, महासचिव सत्यवान पांचाल, महावीर चहल, राजेंद्र बात्ता, जयपाल ढुल, बीरभान कौशिक, जोगा सिंह सहित भारी संख्या में कर्मचारी मौजूद थे।
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कर्मचारियों का समर्थन करने पहुंचे किसान संघ के नेता रणबीर आर्य, गुल्तान सिंह नैना, सतीश कुमार, पाले राम, अरुण वालिया, रामफल फतेहपुर, राजीव नैन, महावीर धौंस, महेंद्र फतेहपुर, सूरजलन आदि ने कहा कि मिल में जो चिप मिली है। उसमें बिना कर्मचारी या अधिकारी की मिलीभगत के गड़बड़ी संभव ही नहीं है। इस पूरे मामले में सिक्योरिटी व सेल से जुड़े अधिकारियों की मिलीभगत हो सकती है। चीनी, शिरा व बगास आदि का वजन करने में इस चिप का प्रयोग किया गया है।
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प्रदेश के सभी मिलों के कर्मचारियों के साथ मिलकर किया जाएगा आंदोलन
शुगर मिल कर्मचारियों ने कांटे की चिप मामले में बैठक करके किया ऐलान
भारतीय किसान संघ के पदाधिकारी भी पहुंचे बैठक में
सभी ने एक सुर में मांग की कि चिप घोटाले में निष्पक्ष जांच की जाए
16 नवंबर को होना है मिल के पिराई सत्र का शुभारंभ
फोटो संख्या-26
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। शुगर मिल में चिप गड़बड़ी मामले में शुगर मिल कर्मचारियों ने बुधवार सांय बैठक करके बड़ा ऐलान किया है कि निष्पक्ष जांच की मांग की। कर्मचारियों ने भ्रष्टाचार का विरोध करते हुए ऐलान किया कि यदि दोषी अधिकारियों या कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो वे मिल को बंद भी कर सकते हैं। आगामी 16 नवंबर से मिल का पिराई सत्र शुरू करने आ रहे मंत्री को भी ज्ञापन देने का पुसला लिया है।
विदित रहे कि शुगर मिल के इलेक्ट्रॉनिक धर्मकांटे में एक चिप मिली है। जिसकी मदद से दूर खड़ा होकर व्यक्ति रिमोट से वजन को कंट्रोल कर सकता है। मिल अधिकारियों ने इस मामले में अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज करवाया है। जबकि दो दिन पहले मिल से जुड़े किसानों व मिल के भारतीय मजदूर संघ से संबंधित यूनियन के कर्मचारियों ने इस मामले में दोषी कर्मचारियों व अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।
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बुधवार को इसी मामले में कर्मचारी सांय पांच बजे मिल के प्रवेश द्वारा पर भारी संख्या में एकत्रित हुए। जिसमें किसान संघ के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। कर्मचारी यूनियन के प्रधान सुरेश कुमार ने बताया कि मिल में 400 से अधिक की संख्या में कर्मचारी हैं। जिसमें से करीब 350 कर्मचारी आ गए थे। सांय को एकत्रित हुए इन कर्मचारियों ने फैसला लिया है कि यदि 15 दिन के अंदर अंदर चिप के मामले में दोषी कर्मचारी या अधिकारी को गिरफ्तार नहीं किया गया तो पूरे प्रदेश के मिलों से कर्मचारी इस आंदोलन में शामिल होंगे। जरुरत पड़ी तो प्रदेश स्तरीय आंदोलन किया जाएगा। मिल के शुभारंभ अवसर पर सहकारिता मंत्री मिल में आएंगे तो उन्हें भी ज्ञापन दिया जाएगा। मिल में वे महज नौकरी नहीं करते, यहां से उनके परिवारों की रोजी-रोटी चलती है। मामले में अज्ञात के खिलाफ एफआईआर करवाना दोषियों को बचाने जैसा है। जबकि धर्मकांटे के जिम्मेवार अधिकारी व कर्मचारियों की मिलीभगत के बिना यह चिप लग ही नहीं सकती। कर्मचारी नेताओं में सुशील तंवर, महासचिव सत्यवान पांचाल, महावीर चहल, राजेंद्र बात्ता, जयपाल ढुल, बीरभान कौशिक, जोगा सिंह सहित भारी संख्या में कर्मचारी मौजूद थे।
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कर्मचारियों का समर्थन करने पहुंचे किसान संघ के नेता रणबीर आर्य, गुल्तान सिंह नैना, सतीश कुमार, पाले राम, अरुण वालिया, रामफल फतेहपुर, राजीव नैन, महावीर धौंस, महेंद्र फतेहपुर, सूरजलन आदि ने कहा कि मिल में जो चिप मिली है। उसमें बिना कर्मचारी या अधिकारी की मिलीभगत के गड़बड़ी संभव ही नहीं है। इस पूरे मामले में सिक्योरिटी व सेल से जुड़े अधिकारियों की मिलीभगत हो सकती है। चीनी, शिरा व बगास आदि का वजन करने में इस चिप का प्रयोग किया गया है।