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पिछले साल से कम हुए एचआईवी के पीड़ित, लेकिन खत्म नहीं हो रही बीमारी
Updated Thu, 30 Nov 2017 12:22 AM IST
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पिछले साल से कम हुए एचआईवी के पीड़ित
विश्व एड्स दिवस पर विशेष
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। एक दिसंबर को विश्व भर में विश्व एड्स दिवस मनाया जाता है। जागरूकता अभियानों से काफी लोगों को लाभ हुआ है। लेकिन यह बीमारी अभी खत्म होने का नाम नहीं ले रही। कैथल जिले में इस समय 253 लोग एचआईवी की चपेट में हैं। जिनका इलाज चल रहा है। हालांकि पिछले साल के मुकाबले जिले में एड्स के मरीज कम हुए हैं। लेकिन अभी भी यह बीमारी खतरा बनी हुई है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाया जा रहा है जागरूकता अभियान : जिले में एचआईवी के लिए विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है। विशेष रूप से प्रत्येक गर्भवती महिला का एचआईवी टेस्ट होता है। दो वर्षों में अभी तक करीब 70 हजार लोगों के एचआईवी टेस्ट हो चुके हैं। जिले में चार जगहों पर एचआईवी/एड्स के टेस्ट करवाए जा रहे है। जिसमें कलायत, पूंडरी, गुहला व कैथल शामिल है। जिनके के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से निशुल्क दवाई दी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से एचआईवी/एड्स के लिए जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जिसके कारण वर्ष 2016 के मुकाबले वर्ष 2017 में एचआईवी/एड्स के मरीजों की संख्या कम आई है।
यह है एचआईवी/एड्स की स्थिति : जिले में 253 लोग ऐसे हैं, जो एचआईवी से ग्रस्त हैं। जिनकी स्वास्थ्य विभाग ने टेस्ट कर पुष्टि की है। कलायत में दो वर्षों में 8400 एचआईवी टेस्ट हुए हैं, जिसमें से 30 लोग एचआईवी एड्स होने की पुष्टि हुई है। पूंडरी में दो वर्ष में 8100 टेस्ट हुए हैं, जिसमें 12 लोगों को एड्स की पुष्टि हुई है। गुहला में वर्ष 2016 में 3880 टेस्ट हुए हैं, जिसमें 12 लोगों के एड्स की पुष्टि हुई। वहीं वर्ष 2017 में 2064 लोगों में टेस्ट हुई जिसमें 15 लोगों की एड्स की पुष्टि हुई है।
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कैथल में वर्ष 2016 में 17 हजार 582 लोगों की टेस्ट हुए हैं, जिसमें 120 लोगों में एड्स की पुष्टि हुई है वहीं अक्टूबर 2017 से अभी तक 17 हजार 611 टेस्ट हुए हैं, जिसमें 102 लोगों के एचआईवी/एड्स होने की पुष्टि हुई है।
कैथल में लिंक एआरटी की सुविधा उपलब्ध : जिले में लिंक एआरटी के सुविधा दी गई है। जिसमें एड्स से पीड़ित लोगों के लिए पीजीआई से दवाई लाई जाती है। मरीजों को बाहर से दवाई लाने की आवश्यकता नहीं है।
जिला टीबी एवं एचआईवी नियंत्रण अधिकारी डॉ. संदीप बातिश ने बताया कि जिलेे में 253 लोगों में एचआईवी/एड्स की होने की पुष्टि हुई है। जिनका सामान्य अस्पताल में इलाज चल रहा है। अभी तक करीब दो वर्ष में 70 हजार से अधिक एचआईवी टेस्ट जिले में करवाएं जा चुके हैं।
कैसे फैलता है एचआईवी/एड्स-
1. असुरक्षित यौन संबंध बनाना
2. एआईवी पॉजिटिव मां से उनके बच्चे को
3. एचआईवी संक्रमित रक्त, रक्त उत्पाद से
4. बिना उबली संक्रमित सूई या पहले से इस्तेमाल की गई संक्रमित सूई से प्रयोग से।
बचाव के तरीके
1. यौन संबंध के दौरान कंडोम का उपयोग करें, यह हमें यौन संक्रमित रोग तथा अनचाहे गर्भ से बचाता है। यौन रोग की जांच के लिए सरकारी अस्पताल के सुरक्षा क्लीनिक में जाएं।
2. गर्भावस्था के दौरान प्रत्येक महिला अपने खून की एचआईवी जांच अवश्य करवाए व डिलीवरी अस्पताल में ही करवाएं।
3. रक्त हमेशा मान्यता प्राप्त ब्लड बैंक से ही लें।
4. इंजेक्शन लगाने के लिए हमेशा नई सूई का इस्तेमाल करें।
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विश्व एड्स दिवस पर विशेष
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। एक दिसंबर को विश्व भर में विश्व एड्स दिवस मनाया जाता है। जागरूकता अभियानों से काफी लोगों को लाभ हुआ है। लेकिन यह बीमारी अभी खत्म होने का नाम नहीं ले रही। कैथल जिले में इस समय 253 लोग एचआईवी की चपेट में हैं। जिनका इलाज चल रहा है। हालांकि पिछले साल के मुकाबले जिले में एड्स के मरीज कम हुए हैं। लेकिन अभी भी यह बीमारी खतरा बनी हुई है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाया जा रहा है जागरूकता अभियान : जिले में एचआईवी के लिए विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है। विशेष रूप से प्रत्येक गर्भवती महिला का एचआईवी टेस्ट होता है। दो वर्षों में अभी तक करीब 70 हजार लोगों के एचआईवी टेस्ट हो चुके हैं। जिले में चार जगहों पर एचआईवी/एड्स के टेस्ट करवाए जा रहे है। जिसमें कलायत, पूंडरी, गुहला व कैथल शामिल है। जिनके के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से निशुल्क दवाई दी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से एचआईवी/एड्स के लिए जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जिसके कारण वर्ष 2016 के मुकाबले वर्ष 2017 में एचआईवी/एड्स के मरीजों की संख्या कम आई है।
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यह है एचआईवी/एड्स की स्थिति : जिले में 253 लोग ऐसे हैं, जो एचआईवी से ग्रस्त हैं। जिनकी स्वास्थ्य विभाग ने टेस्ट कर पुष्टि की है। कलायत में दो वर्षों में 8400 एचआईवी टेस्ट हुए हैं, जिसमें से 30 लोग एचआईवी एड्स होने की पुष्टि हुई है। पूंडरी में दो वर्ष में 8100 टेस्ट हुए हैं, जिसमें 12 लोगों को एड्स की पुष्टि हुई है। गुहला में वर्ष 2016 में 3880 टेस्ट हुए हैं, जिसमें 12 लोगों के एड्स की पुष्टि हुई। वहीं वर्ष 2017 में 2064 लोगों में टेस्ट हुई जिसमें 15 लोगों की एड्स की पुष्टि हुई है।
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कैथल में वर्ष 2016 में 17 हजार 582 लोगों की टेस्ट हुए हैं, जिसमें 120 लोगों में एड्स की पुष्टि हुई है वहीं अक्टूबर 2017 से अभी तक 17 हजार 611 टेस्ट हुए हैं, जिसमें 102 लोगों के एचआईवी/एड्स होने की पुष्टि हुई है।
कैथल में लिंक एआरटी की सुविधा उपलब्ध : जिले में लिंक एआरटी के सुविधा दी गई है। जिसमें एड्स से पीड़ित लोगों के लिए पीजीआई से दवाई लाई जाती है। मरीजों को बाहर से दवाई लाने की आवश्यकता नहीं है।
जिला टीबी एवं एचआईवी नियंत्रण अधिकारी डॉ. संदीप बातिश ने बताया कि जिलेे में 253 लोगों में एचआईवी/एड्स की होने की पुष्टि हुई है। जिनका सामान्य अस्पताल में इलाज चल रहा है। अभी तक करीब दो वर्ष में 70 हजार से अधिक एचआईवी टेस्ट जिले में करवाएं जा चुके हैं।
कैसे फैलता है एचआईवी/एड्स-
1. असुरक्षित यौन संबंध बनाना
2. एआईवी पॉजिटिव मां से उनके बच्चे को
3. एचआईवी संक्रमित रक्त, रक्त उत्पाद से
4. बिना उबली संक्रमित सूई या पहले से इस्तेमाल की गई संक्रमित सूई से प्रयोग से।
बचाव के तरीके
1. यौन संबंध के दौरान कंडोम का उपयोग करें, यह हमें यौन संक्रमित रोग तथा अनचाहे गर्भ से बचाता है। यौन रोग की जांच के लिए सरकारी अस्पताल के सुरक्षा क्लीनिक में जाएं।
2. गर्भावस्था के दौरान प्रत्येक महिला अपने खून की एचआईवी जांच अवश्य करवाए व डिलीवरी अस्पताल में ही करवाएं।
3. रक्त हमेशा मान्यता प्राप्त ब्लड बैंक से ही लें।
4. इंजेक्शन लगाने के लिए हमेशा नई सूई का इस्तेमाल करें।