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विद्यार्थियों को समय पर नहीं मिलती बसें, गीता जयंती के लिए चलाई गई स्पेशल बसों को आधे किराये में भी नहीं मिले यात्री
Updated Fri, 14 Dec 2018 12:03 AM IST
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बसों के इंतजार में बस अड्डे पर भटकते हैं विद्यार्थी, उधर, गीता जयंती के लिए चलाई गई स्पेशल बसों को आधे किराये में भी नहीं मिले यात्री
अमर उजाला अभियान
फोटो नंबर-17,18,19
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। रोडवेज की ओर से नाइट सर्विस बंद किए जाने के कारण विद्यार्थियों को काफी दिक्कतें आ रही हैं। विशेष रूप से कोचिंग सेंटरों में पढ़ने वाले विद्यार्थी परेशान हैं। उन्हें अपनी पढ़ाई से ज्यादा चिंता अब घर पहुंचने की रहती है। एक ओर विद्यार्थियों के लिए बसें नहीं हैं, जबकि सरकार द्वारा गीता जयंती उत्सव के लिए विशेष बसें चलाईं गईं, जिनके लिए सवारियां नहीं मिलीं और उन्हें गांवों से लाकर कैथल बस अड्डे पर ही खड़ा करना पड़ा। बता दें कि रोडवेज ने कुरुक्षेत्र में आयोजित गीता जयंती उत्सव देखने के लिए 7 अतिरिक्त बसें चलाने का निर्णय लिया है। जो कुरुक्षेत्र की 48 कोस की परिधि में स्थित गांवों से होकर जाएंगे और इनमें किराया भी आधा लगेगा।
गांवों में नाइट सर्विस बंद किए जाने से सुबह अपने शिक्षण संस्थानों में जाने के लिए विद्यार्थियों को घंटो भर इंतजार करना पड़ रहा है। पूंडरी के गांव बरसाना, हाबड़ी, डीग, हजवाना, रमाना, बाकल से शहर में पढ़ने आने वाले विद्यार्थियों अशोक, प्रवीण, प्रदीप ने बताया कि इन रूटों पर सुबह सात बजे से शाम साढे़ छह बजे तक रोडवेज बसें चलती थी। लेकिन अब दिखाई नहीं देती। रात को साढ़े छह बजे अंतिम बस जाती थी। अब दिन में एकाध चक्कर लगता है। शाम को कोई बस नहीं जाती। सुबह एक बस साढ़े आठ बजे आती है, उसमें भारी भीड़ हो जाती है। विद्यार्थियों ने अपने बस पास बनवाने हुए हैं, लेकिन बसों के न चलने से उन्हें आर्थिक नुकसान भी हो रहा है।
वहीं धनौरी, टोहाना व गुहला-चीका की ओर से सुबह आने वाली सरकारी बसों के फेरे हुए कम-दिन-प्रतिदिन ठंड के बढ़ने लगी है तो वहीं यात्रियों को घंटों ार बस स्टॉपो पर बस का इंतजार करना पड़ता है।
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आईटीआई में समय पर नहीं पहुंचते विद्यार्थी-दूर-दराज से आईटीआई में पढ़ने वाले विद्यार्थियों कमल, अंकुश, प्रदीप, मोनू, कर्मवीर, रचना, ज्योति, कविता, रूबि, सरोज, रजनी ने बताया कि आईटीआई का समय सुबह नौ बजे का है। पहले तो गांव में काफी देर तक प्राइवेट वाहनों का इंतजार करना पड़ता है तो दूसरा रोडवेज की बसों की सर्विस कम हो रही है। जिससे आईटीआई में एक घंटा देरी से पहुंचते है। विद्यार्थियों ने बताया कि रोडवेज बस पास प्राईवेट बसों में नहीं चलाते। जिससे उनको अलग से आर्थिक बोझ बन रहा है।
गीता जयंती के लिए चलाई जांएगी 48 कोस की परिधि में 7 बसें, आधा किराया लगेगा
पहले दिन नहीं मिले यात्री, बस अड्डे पर खाली पहुंची
कैथल। अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के अवसर पर आने वाले पर्यटकों की सुविधा के लिए रोडवेज ने 7 नई बसें चलाने का फैसला लिया है। जो 13 से 18 दिसंबर तक कुरु भूमि की 48 कोस की परिधि में आने वाले गांवों से होकर चलेंगी। इनमें किराया भी आधा लगेगा। गीता जयंती पर जाने वाले यात्रियों को इसका लाभ होगा और वह गीता जयंती को खुशी के साथ देख सकते हैं। हालांकि पहले दिन 4 बसें इन रूटों पर भेजी गईं, लेकिन उनमें कैथल तक भी यात्री नहीं आए तो उन्हेें आगे नहीं भेजा गया।
यह रहेंगे रूट व किराया
1. कैथल से नौच, क्योड़क, बरोट, ढांड, पबनावा से होत हुए कुरुक्षेत्र तक 25 रुपये
2. कैथल से मानस, गादली, ग्यारह रूद्री मंदिर, देवीगढ़ रोड, शेरगढ़, ढयोड खेड़ी, काकौत, पूंडरी, फरल, ढांड, पबनावा से होते हुए कुरुक्षेत्र तक 25 रुपये
3. चीका से कांगथली, सौथा, पोलड़, रसूलपुर, क्योड़क, टीक, ढांड, पबनावा से होते हुए कुरुक्षेत्र तक 40 रुपये
4. सीवन से प्रभोत, गौरा खेड़ी, सीवन, कैथल, ग्योंग, टीक, ढांड, पबनावा से होते हुए कुरुक्षेत्र तक 30 रुपये
5. पूंडरी से मोहना, टयोंठा, रसीना, साकरा, धेरडु, कौल, पबनावा से होते हुए कुरुक्षेत्र तक 20 रुपये
6. कलायत से कसान, खंडालवा, मटौर, कलायत, सांघन, गुहणा, सजूमा, भानपुरा, सीलाखेड़ा, कैथल, टीक, ढांड व पबनावा से होते हुए कुरुक्षेत्र तक 35 रुपये
7. राजौंद से सेरधा, सौंगल, भाणा, करोड़ा, हजवाना, बरसाना, हाबड़ी, पूंडरी, फरल, ढांड, पबनावा से होते हुए कुरुक्षेत्र तक 30 रुपये किराया लगेगा।
जीएम रोडवेज रामकुमार ने कहा कि जिले में नाइट सर्विस विभाग के आदेशानुसार बंद की गई है। जहां भी जरूरत है, वहां सुबह बस भेजी जा रही है। सरकार ने गीता जयंती उत्सव के लिए 7 नई बसें संचालित की हैं। इनमें से पहले दिन बसें रूटों पर भेजी गईं, लेकिन ये कैथल बस अड्डे तक भी खाली आ गईं। सवारी नहीं मिलीं। आगे प्रशासन का जो आदेश होगा, उसका पालन किया जाएग। निर्धारित तिथियों से बसें संचालित की जाएंगी।
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कैथल। रोडवेज की ओर से नाइट सर्विस बंद किए जाने के कारण विद्यार्थियों को काफी दिक्कतें आ रही हैं। विशेष रूप से कोचिंग सेंटरों में पढ़ने वाले विद्यार्थी परेशान हैं। उन्हें अपनी पढ़ाई से ज्यादा चिंता अब घर पहुंचने की रहती है। एक ओर विद्यार्थियों के लिए बसें नहीं हैं, जबकि सरकार द्वारा गीता जयंती उत्सव के लिए विशेष बसें चलाईं गईं, जिनके लिए सवारियां नहीं मिलीं और उन्हें गांवों से लाकर कैथल बस अड्डे पर ही खड़ा करना पड़ा। बता दें कि रोडवेज ने कुरुक्षेत्र में आयोजित गीता जयंती उत्सव देखने के लिए 7 अतिरिक्त बसें चलाने का निर्णय लिया है। जो कुरुक्षेत्र की 48 कोस की परिधि में स्थित गांवों से होकर जाएंगे और इनमें किराया भी आधा लगेगा।
गांवों में नाइट सर्विस बंद किए जाने से सुबह अपने शिक्षण संस्थानों में जाने के लिए विद्यार्थियों को घंटो भर इंतजार करना पड़ रहा है। पूंडरी के गांव बरसाना, हाबड़ी, डीग, हजवाना, रमाना, बाकल से शहर में पढ़ने आने वाले विद्यार्थियों अशोक, प्रवीण, प्रदीप ने बताया कि इन रूटों पर सुबह सात बजे से शाम साढे़ छह बजे तक रोडवेज बसें चलती थी। लेकिन अब दिखाई नहीं देती। रात को साढ़े छह बजे अंतिम बस जाती थी। अब दिन में एकाध चक्कर लगता है। शाम को कोई बस नहीं जाती। सुबह एक बस साढ़े आठ बजे आती है, उसमें भारी भीड़ हो जाती है। विद्यार्थियों ने अपने बस पास बनवाने हुए हैं, लेकिन बसों के न चलने से उन्हें आर्थिक नुकसान भी हो रहा है।
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वहीं धनौरी, टोहाना व गुहला-चीका की ओर से सुबह आने वाली सरकारी बसों के फेरे हुए कम-दिन-प्रतिदिन ठंड के बढ़ने लगी है तो वहीं यात्रियों को घंटों ार बस स्टॉपो पर बस का इंतजार करना पड़ता है।
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आईटीआई में समय पर नहीं पहुंचते विद्यार्थी-दूर-दराज से आईटीआई में पढ़ने वाले विद्यार्थियों कमल, अंकुश, प्रदीप, मोनू, कर्मवीर, रचना, ज्योति, कविता, रूबि, सरोज, रजनी ने बताया कि आईटीआई का समय सुबह नौ बजे का है। पहले तो गांव में काफी देर तक प्राइवेट वाहनों का इंतजार करना पड़ता है तो दूसरा रोडवेज की बसों की सर्विस कम हो रही है। जिससे आईटीआई में एक घंटा देरी से पहुंचते है। विद्यार्थियों ने बताया कि रोडवेज बस पास प्राईवेट बसों में नहीं चलाते। जिससे उनको अलग से आर्थिक बोझ बन रहा है।
गीता जयंती के लिए चलाई जांएगी 48 कोस की परिधि में 7 बसें, आधा किराया लगेगा
पहले दिन नहीं मिले यात्री, बस अड्डे पर खाली पहुंची
कैथल। अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के अवसर पर आने वाले पर्यटकों की सुविधा के लिए रोडवेज ने 7 नई बसें चलाने का फैसला लिया है। जो 13 से 18 दिसंबर तक कुरु भूमि की 48 कोस की परिधि में आने वाले गांवों से होकर चलेंगी। इनमें किराया भी आधा लगेगा। गीता जयंती पर जाने वाले यात्रियों को इसका लाभ होगा और वह गीता जयंती को खुशी के साथ देख सकते हैं। हालांकि पहले दिन 4 बसें इन रूटों पर भेजी गईं, लेकिन उनमें कैथल तक भी यात्री नहीं आए तो उन्हेें आगे नहीं भेजा गया।
यह रहेंगे रूट व किराया
1. कैथल से नौच, क्योड़क, बरोट, ढांड, पबनावा से होत हुए कुरुक्षेत्र तक 25 रुपये
2. कैथल से मानस, गादली, ग्यारह रूद्री मंदिर, देवीगढ़ रोड, शेरगढ़, ढयोड खेड़ी, काकौत, पूंडरी, फरल, ढांड, पबनावा से होते हुए कुरुक्षेत्र तक 25 रुपये
3. चीका से कांगथली, सौथा, पोलड़, रसूलपुर, क्योड़क, टीक, ढांड, पबनावा से होते हुए कुरुक्षेत्र तक 40 रुपये
4. सीवन से प्रभोत, गौरा खेड़ी, सीवन, कैथल, ग्योंग, टीक, ढांड, पबनावा से होते हुए कुरुक्षेत्र तक 30 रुपये
5. पूंडरी से मोहना, टयोंठा, रसीना, साकरा, धेरडु, कौल, पबनावा से होते हुए कुरुक्षेत्र तक 20 रुपये
6. कलायत से कसान, खंडालवा, मटौर, कलायत, सांघन, गुहणा, सजूमा, भानपुरा, सीलाखेड़ा, कैथल, टीक, ढांड व पबनावा से होते हुए कुरुक्षेत्र तक 35 रुपये
7. राजौंद से सेरधा, सौंगल, भाणा, करोड़ा, हजवाना, बरसाना, हाबड़ी, पूंडरी, फरल, ढांड, पबनावा से होते हुए कुरुक्षेत्र तक 30 रुपये किराया लगेगा।
जीएम रोडवेज रामकुमार ने कहा कि जिले में नाइट सर्विस विभाग के आदेशानुसार बंद की गई है। जहां भी जरूरत है, वहां सुबह बस भेजी जा रही है। सरकार ने गीता जयंती उत्सव के लिए 7 नई बसें संचालित की हैं। इनमें से पहले दिन बसें रूटों पर भेजी गईं, लेकिन ये कैथल बस अड्डे तक भी खाली आ गईं। सवारी नहीं मिलीं। आगे प्रशासन का जो आदेश होगा, उसका पालन किया जाएग। निर्धारित तिथियों से बसें संचालित की जाएंगी।