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---पॉवर प्वाईंट प्रंजटेशन के माध्यम से रिपोर्ट देंगे जिला शिक्षा व जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी
Updated Mon, 04 Jun 2018 12:16 AM IST
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---पॉवर प्वाइंट प्रजंटेशन के माध्यम से रिपोर्ट देंगे जिला शिक्षा व जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी
--- डीईओ को देना होगा शपथपत्र, जिले में कितने निजी स्कूल हैं गैर मान्यता प्राप्त
सरकार ने बुलाई सभी जिलों के शिक्षा विभाग के अधिकारियों की बैठक
16 मुख्य व 33 सहायक प्वाइंट्स पर मांगा गया है अधिकारियों से जवाब
छुट्टियों में भी स्कूल मुखिया की अगुवाई में स्कूल की ओर दौड़ते नजर आएंगे अध्यापक
सभी तरह की योजनाओं का डेटा बैठक में लाने के आदेश
अतिरिक्त मुख्य सचिव हरियाणा सरकार की अगुवाई में शिक्षा विभाग की पूर्ण कार्यप्रणाली की होगी समीक्षा
नसीब सैनी
कैथल। शिक्षा विभाग की संपूर्ण कार्यप्रणाली को लेकर सरकार ने एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। इसके लिए जिला शिक्षा अधिकारियों को पॉवर प्वाइंट प्रजंटेशन की तैयारी के साथ बुलाया गया है। सभी जिलों शिक्षा अधिकरी व मौलिक शिक्षा अधिकारी को आगामी 7 जून को शिक्षा सदन में विशेष तैयारी के साथ बुलाया गया है। इसमें परीक्षा परिणाम से लेकर स्कूलों में शिक्षा के स्तर में सुधार के लिए चलाई जा रही तमाम योजनाओं का डाटा मांगा गया है। आज से अध्यापक छुट्टी के बावजूद स्कूलों की ओर दौड़ते नजर आएंगे। बैठक में जिस तरह से 16 मुख्य व 33 सहायक प्वाइंट का एजेंडा जारी किया गया है, उसे देखकर विभाग किसी बड़ी तैयारी में नजर आ रहा है। क्योंकि एजेंडे में कई प्वाइंट्स ऐसे हैं, जिन्हें देखकर अधिकारियों के पसीने छूट रहे हैं।
सभी जिला शिक्षा अधिकारी व मौलिक शिक्षा अधिकारी सात जून शिक्षा सदन में सेकेंडरी एजूकेशन विभाग के डायरेक्टर की ओर से विस्तृत एजेंडा जारी किया गया है। इसमें बताया गया है कि 7 जून को होने वाली बैठक की अध्यक्षता हरियाणा के अतिरिक्त मुख्य सचिव स्कूल शिक्षा विभाग हरियाणा करेंगे। जिसके लिए अधिकारी अपनी पॉवर प्वाइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।
परीक्षा परिणाम से लेकर स्कूल छोड़ गए बच्चों तक की देनी होगी जानकारी:-इस बैठक में दसवीं व बारहवीं कक्षा के परीक्षा परिणाम को लेकर भी समीक्षा होगी। साथ ही कितने बच्चे स्कूल छोड़ चुके हैं। उनके बारे में भी बताना होगा। साथ ही बच्चों की मासिक रिपोर्ट के बारे में जवाब तलबी होगी।
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कार्यालयों में बैठे अध्यापकों की देनी होगी जानकारी:-प्रदेश भर में जिला शिक्षा अधिकारी, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, मौलिक शिक्षा अधिकारी सहित कई कार्यालयों में अध्यापक गैर-शैक्षणिक सीटों पर जमे हैं। ऐसे अध्यापकों की भी जानकारी देनी होगी। ताकि उनके स्थान पर सरकार द्वारा शुरू की गई अप्रेंटशिप योजना के तहत युवाओं को अवसर दिया जा सके। बैठक में मुख्य अध्यापकों की पदोन्नति का प्वाइंट भी रखा गया है। साथ ही स्कूलों में प्रवेश उत्सव में किस जिले का कितना योगदान रहा, इस बारे में भी जानकारी मांगी गई है।
नॉन बोर्ड की परीक्षाओं के परिणाम पर भी देना होगा जवाब:-सभी जिलों के अधिकारियों से बोर्ड की परीक्षाओं के अलावा नॉन बोर्ड की परीक्षाओं के परिणाम पर भी जवाब तलबी की गई है। इसके लिए विशेष प्वाइंट बनाया गया है। स्कूलों में आठवीं कक्षा तक निशुल्क पुस्तक वितरण, गणित किट, बैग देने बारे जानकारी हासिल की जाएगी।
सरकार द्वारा बच्चों को दी जाने वाली डिजास्टर मैनेजमेंट की जानकारी के तहत तिमाही रिपोर्ट, खेलों, खेलों के लिए खेल अकादमियों के प्रस्ताव पर भी अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की गई है। इतना ही नहीं स्कूलों में लाइब्रेरी के लिए दी गई ग्रांट, बुक बैंक सहित लाईब्रेरी की भी तमाम जानकारी बैठक में लेकर जानी होगी।
सीएम विंडो में कितने अटके हैं केस:-बैठक के एजेंडे में महत्वपूर्ण विषय क तौर पर सीएम विंडो को लेकर एक अलग प्वाइंट रखा गया है। इसमें कितने केस लंबित हैं। लंबित हैं तो क्यों? इस तरह की जानकारी भी अधिकारियों को लेकर जानी होगी। इसके अलावा बच्चों को दिए जाने वाले स्टाइपेंड की रिपोर्ट भी देने को कहा गया है। साथ ही समाज कल्याण विभाग के साथ सामजस्य के आधार पर स्कॉलरशिप आवेदन अपलोडिंग को लेकर भी जवाब मांगा गया है। इसके साथ सरकारी स्कूलों के लंबित बिजली बिलों की भी रिपोर्ट भी जिला शिक्षा अधिकारियों को बैठक में लेकर जानी होगी।
गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों के लिए मांगा शपथ पत्र:-सबसे महत्वपूर्ण विषय जिले में चल रहे गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों के लिए जिला शिक्षा अधिकारी को खुद अंडरटेकिंग देनी होगी कि जिले में कितने ऐसे स्कूल हैं, जिन्हें मान्यता प्राप्त नहीं हैं। अब देखना यह है कि कितने डीईओ इस संबंध में शपथ पत्र देंगे। इसके साथ कितने स्कूल अपग्रेड हुए। कितने स्कूलों ने फार्म-6 भरा है। कितने निजी स्कूलों ने नियम से ज्यादा फीस बढ़ाई, ऐसे स्कूलों की कितनी शिकायत आई और उस पर क्या कार्रवाई हुई? इस संबंध में जवाब मांगा गया है।
पीपीटी बनाई जा रही है। निजी स्कूलों के संबंध में शपथ पत्र तैयार किया जाएगा। इतना विस्तृत एजेंडा पहली बार किसी बैठक के लिए आया है। साल में एक रिव्यू मीटिंग पहले भी होती थी। लेकिन पूरा एजेंडा पहली बार बैठक से पहले जारी हुआ है। जिले की पूरी स्थिति की तैयारी की जा रही है।
रामकुमार फलसवाल
डीईओ, कैथल।
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--- डीईओ को देना होगा शपथपत्र, जिले में कितने निजी स्कूल हैं गैर मान्यता प्राप्त
सरकार ने बुलाई सभी जिलों के शिक्षा विभाग के अधिकारियों की बैठक
16 मुख्य व 33 सहायक प्वाइंट्स पर मांगा गया है अधिकारियों से जवाब
छुट्टियों में भी स्कूल मुखिया की अगुवाई में स्कूल की ओर दौड़ते नजर आएंगे अध्यापक
सभी तरह की योजनाओं का डेटा बैठक में लाने के आदेश
अतिरिक्त मुख्य सचिव हरियाणा सरकार की अगुवाई में शिक्षा विभाग की पूर्ण कार्यप्रणाली की होगी समीक्षा
नसीब सैनी
कैथल। शिक्षा विभाग की संपूर्ण कार्यप्रणाली को लेकर सरकार ने एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। इसके लिए जिला शिक्षा अधिकारियों को पॉवर प्वाइंट प्रजंटेशन की तैयारी के साथ बुलाया गया है। सभी जिलों शिक्षा अधिकरी व मौलिक शिक्षा अधिकारी को आगामी 7 जून को शिक्षा सदन में विशेष तैयारी के साथ बुलाया गया है। इसमें परीक्षा परिणाम से लेकर स्कूलों में शिक्षा के स्तर में सुधार के लिए चलाई जा रही तमाम योजनाओं का डाटा मांगा गया है। आज से अध्यापक छुट्टी के बावजूद स्कूलों की ओर दौड़ते नजर आएंगे। बैठक में जिस तरह से 16 मुख्य व 33 सहायक प्वाइंट का एजेंडा जारी किया गया है, उसे देखकर विभाग किसी बड़ी तैयारी में नजर आ रहा है। क्योंकि एजेंडे में कई प्वाइंट्स ऐसे हैं, जिन्हें देखकर अधिकारियों के पसीने छूट रहे हैं।
सभी जिला शिक्षा अधिकारी व मौलिक शिक्षा अधिकारी सात जून शिक्षा सदन में सेकेंडरी एजूकेशन विभाग के डायरेक्टर की ओर से विस्तृत एजेंडा जारी किया गया है। इसमें बताया गया है कि 7 जून को होने वाली बैठक की अध्यक्षता हरियाणा के अतिरिक्त मुख्य सचिव स्कूल शिक्षा विभाग हरियाणा करेंगे। जिसके लिए अधिकारी अपनी पॉवर प्वाइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।
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परीक्षा परिणाम से लेकर स्कूल छोड़ गए बच्चों तक की देनी होगी जानकारी:-इस बैठक में दसवीं व बारहवीं कक्षा के परीक्षा परिणाम को लेकर भी समीक्षा होगी। साथ ही कितने बच्चे स्कूल छोड़ चुके हैं। उनके बारे में भी बताना होगा। साथ ही बच्चों की मासिक रिपोर्ट के बारे में जवाब तलबी होगी।
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कार्यालयों में बैठे अध्यापकों की देनी होगी जानकारी:-प्रदेश भर में जिला शिक्षा अधिकारी, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, मौलिक शिक्षा अधिकारी सहित कई कार्यालयों में अध्यापक गैर-शैक्षणिक सीटों पर जमे हैं। ऐसे अध्यापकों की भी जानकारी देनी होगी। ताकि उनके स्थान पर सरकार द्वारा शुरू की गई अप्रेंटशिप योजना के तहत युवाओं को अवसर दिया जा सके। बैठक में मुख्य अध्यापकों की पदोन्नति का प्वाइंट भी रखा गया है। साथ ही स्कूलों में प्रवेश उत्सव में किस जिले का कितना योगदान रहा, इस बारे में भी जानकारी मांगी गई है।
नॉन बोर्ड की परीक्षाओं के परिणाम पर भी देना होगा जवाब:-सभी जिलों के अधिकारियों से बोर्ड की परीक्षाओं के अलावा नॉन बोर्ड की परीक्षाओं के परिणाम पर भी जवाब तलबी की गई है। इसके लिए विशेष प्वाइंट बनाया गया है। स्कूलों में आठवीं कक्षा तक निशुल्क पुस्तक वितरण, गणित किट, बैग देने बारे जानकारी हासिल की जाएगी।
सरकार द्वारा बच्चों को दी जाने वाली डिजास्टर मैनेजमेंट की जानकारी के तहत तिमाही रिपोर्ट, खेलों, खेलों के लिए खेल अकादमियों के प्रस्ताव पर भी अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की गई है। इतना ही नहीं स्कूलों में लाइब्रेरी के लिए दी गई ग्रांट, बुक बैंक सहित लाईब्रेरी की भी तमाम जानकारी बैठक में लेकर जानी होगी।
सीएम विंडो में कितने अटके हैं केस:-बैठक के एजेंडे में महत्वपूर्ण विषय क तौर पर सीएम विंडो को लेकर एक अलग प्वाइंट रखा गया है। इसमें कितने केस लंबित हैं। लंबित हैं तो क्यों? इस तरह की जानकारी भी अधिकारियों को लेकर जानी होगी। इसके अलावा बच्चों को दिए जाने वाले स्टाइपेंड की रिपोर्ट भी देने को कहा गया है। साथ ही समाज कल्याण विभाग के साथ सामजस्य के आधार पर स्कॉलरशिप आवेदन अपलोडिंग को लेकर भी जवाब मांगा गया है। इसके साथ सरकारी स्कूलों के लंबित बिजली बिलों की भी रिपोर्ट भी जिला शिक्षा अधिकारियों को बैठक में लेकर जानी होगी।
गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों के लिए मांगा शपथ पत्र:-सबसे महत्वपूर्ण विषय जिले में चल रहे गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों के लिए जिला शिक्षा अधिकारी को खुद अंडरटेकिंग देनी होगी कि जिले में कितने ऐसे स्कूल हैं, जिन्हें मान्यता प्राप्त नहीं हैं। अब देखना यह है कि कितने डीईओ इस संबंध में शपथ पत्र देंगे। इसके साथ कितने स्कूल अपग्रेड हुए। कितने स्कूलों ने फार्म-6 भरा है। कितने निजी स्कूलों ने नियम से ज्यादा फीस बढ़ाई, ऐसे स्कूलों की कितनी शिकायत आई और उस पर क्या कार्रवाई हुई? इस संबंध में जवाब मांगा गया है।
पीपीटी बनाई जा रही है। निजी स्कूलों के संबंध में शपथ पत्र तैयार किया जाएगा। इतना विस्तृत एजेंडा पहली बार किसी बैठक के लिए आया है। साल में एक रिव्यू मीटिंग पहले भी होती थी। लेकिन पूरा एजेंडा पहली बार बैठक से पहले जारी हुआ है। जिले की पूरी स्थिति की तैयारी की जा रही है।
रामकुमार फलसवाल
डीईओ, कैथल।