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15 को आएंगे यशपाल मलिक, करेंगे संबोधित : कोटड़ा
अमर उजाला ब्यूरो, कैथ्ाल
Updated Tue, 14 Feb 2017 12:19 AM IST
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कैथ्ाल
- फोटो : कैथ्ाल
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। आरक्षण व अन्य मांगों को लेकर जाट आरक्षण संघर्ष समिति द्वारा देवबन कैंची चौक पर दिया जा रहा धरना 16वें दिन भी जारी रहा। सोमवार को धरने की अध्यक्षता चंद्रभान ढुल ने की। समिति के जिला प्रधान प्रवीन किच्छाना एवं प्रदेश उपाध्यक्ष बलवान कोटड़ा ने कहा कि अगर सरकार ने 18 फरवरी तक जाट आरक्षण संघर्ष समिति की सभी जायज मांगों को नहीं माना तो 19 फरवरी को आंदोलन तेज हो सकता है। उन्होंने बताया कि यह दिन बलिदान दिवस के रूप में मनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि 15 फरवरी को जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक कैथल में धरनास्थल पर पहुंचेंगे और लोगों को संबोधित करेंगे।
समिति के राष्ट्रीय कार्यकरिणी के सदस्य संजय जागलान व प्रेस प्रवक्ता भरत सिंह बैनीवाल ने कहा कि यदि भाजपा ने अपने मंत्रियों, विधायकों और सांसद सैनी की बेतुकी बयानबाजी व समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक के प्रति टिप्पणियों पर रोक न लगाई तो 11 फरवरी को बातचीत से तैयार हुआ सौहार्दपूर्ण वातावरण पुन: बिगड़ सकता है और स्थिति काबू से बाहर हो जाएगी। उन्होंने कहा कि यशपाल मलिक जाट आरक्षण आंदोलन के एक छत्र नेता है। धरनों का विरोध करने वाले और सरकार की भाषा बोलने वाले जाटों के हितैषी नहीं हो सकते, यदि ऐसे लोगों में जाट जाति का खून है तो जाट समाज के सार्वजनिक तौर पर माफी मांगे और धरना स्थल पर आकर बर्तन साफ करें। उन्होंने कहा कि किसी भी संदिग्ध और विरोधी संगठन को मंच पर बोलने नहीं दिया जाएगा।
इस मौके पर कर्ण सिंह, इंद्र पाई, भूरा राम, रणदीप आर्य, संदीप, जिया लाल, लीलू पाई, हरिकेश सैनी, सुरेंद्र सिह, मेवा राम, भीम सिह, चंद्रभान, सोनू बांगड़, तारा चंद, पंजाब कैरो, अजमेर सहित जाट समाज के अन्य लोग मौजूद रहे।
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कैथल। आरक्षण व अन्य मांगों को लेकर जाट आरक्षण संघर्ष समिति द्वारा देवबन कैंची चौक पर दिया जा रहा धरना 16वें दिन भी जारी रहा। सोमवार को धरने की अध्यक्षता चंद्रभान ढुल ने की। समिति के जिला प्रधान प्रवीन किच्छाना एवं प्रदेश उपाध्यक्ष बलवान कोटड़ा ने कहा कि अगर सरकार ने 18 फरवरी तक जाट आरक्षण संघर्ष समिति की सभी जायज मांगों को नहीं माना तो 19 फरवरी को आंदोलन तेज हो सकता है। उन्होंने बताया कि यह दिन बलिदान दिवस के रूप में मनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि 15 फरवरी को जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक कैथल में धरनास्थल पर पहुंचेंगे और लोगों को संबोधित करेंगे।
समिति के राष्ट्रीय कार्यकरिणी के सदस्य संजय जागलान व प्रेस प्रवक्ता भरत सिंह बैनीवाल ने कहा कि यदि भाजपा ने अपने मंत्रियों, विधायकों और सांसद सैनी की बेतुकी बयानबाजी व समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक के प्रति टिप्पणियों पर रोक न लगाई तो 11 फरवरी को बातचीत से तैयार हुआ सौहार्दपूर्ण वातावरण पुन: बिगड़ सकता है और स्थिति काबू से बाहर हो जाएगी। उन्होंने कहा कि यशपाल मलिक जाट आरक्षण आंदोलन के एक छत्र नेता है। धरनों का विरोध करने वाले और सरकार की भाषा बोलने वाले जाटों के हितैषी नहीं हो सकते, यदि ऐसे लोगों में जाट जाति का खून है तो जाट समाज के सार्वजनिक तौर पर माफी मांगे और धरना स्थल पर आकर बर्तन साफ करें। उन्होंने कहा कि किसी भी संदिग्ध और विरोधी संगठन को मंच पर बोलने नहीं दिया जाएगा।
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इस मौके पर कर्ण सिंह, इंद्र पाई, भूरा राम, रणदीप आर्य, संदीप, जिया लाल, लीलू पाई, हरिकेश सैनी, सुरेंद्र सिह, मेवा राम, भीम सिह, चंद्रभान, सोनू बांगड़, तारा चंद, पंजाब कैरो, अजमेर सहित जाट समाज के अन्य लोग मौजूद रहे।
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