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सुकन्या समृद्धि योजना का लाभ उठाएं जिलावासी-डीसी
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कैथल। डीसी डॉ. प्रियंका सोनी ने बताया बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत बेटियों को मान-सम्मान देने तथा उनके भविष्य को सुखद व सुरक्षित बनाने हेतु सरकार द्वारा सुकन्या समृद्घि योजना चलाई जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा के ऐतिहासिक नगर पानीपत से बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरूआत की थी। उन्होंने बताया कि सुकन्या समृद्घि योजना के तहत माता-पिता या कानूनी अभिभावक अधिकतम 2 लड़कियों के लिए यह खाता खुलवा सकते हैं। जमा राशि पर लगने वाला ब्याज पूर्णत: टैक्स फ्री है तथा इसमें आयकर अधिनियम की धारा 80सी के तहत छूट भी प्राप्त है।
उन्होंने बताया कि लड़की की उम्र 0 से 10 साल तक हो तो सुकन्या समृद्घि अकाउंट खोला जा सकता है। पात्र लाभार्थी भारत का निवासी होना चाहिए। अकाउंट लड़की के नाम से ही खोला जा सकता है। जमाकर्ता (अभिभावक ) माता-पिता में से एक होगा जो नाबालिग लड़की की ओर से पैसा जमा करेगा। खाता मात्र 250 रुपये से खोला जा सकता है लेकिन साल में कम से कम 1 हजार रुपये हर खाते में जमा होने चाहिए, अधिक से अधिक डेढ़ लाख रुपये वर्ष में जमा किए जा सकते हैं। एक वित्त वर्ष में कितनी बार पैसे जमा किए जाएं, इस पर कोई पाबंदी नहीं है। पैसे नकद, चेक या ड्राफ्ट के जरिए जमा किए जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि इस योजना में चालू वित्तीय वर्ष के लिए ब्याज की दर 8.5 प्रतिशत रखी गई है जो सरकार के निर्णय अनुसार बढ़ाई भी जा सकती है। ब्याज की गणना सालाना होगी। अभिभावक इस एकाउंट में 14 साल तक ही पैसे जमा करवा सकते हैं। सुकन्या समृद्घि खाता एक डाकघर से दूसरे डाकघर में निशुल्क ट्रांसफर किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि बेटी की उच्चतर शिक्षा के लिए तथा विवाह के समय जमा राशि में से आधा हिस्सा निकलवाया जा सकता है। यह खाता इसके खोले जाने की तिथि से लेकर लड़की की आयु 21 वर्ष होने तक तथा उसके विवाह के बाद भी बंद किया जा सकेगा। खाता खुलवाने के लिए बेटी के जन्म का प्रमाण पत्र, अभिभावक के पते का प्रमाण तथा फोटो पहचान पत्र (पैन कार्ड, वोटर आईडी या आधार कार्ड ) की जरूरत पड़ती है। यह खाता पोस्ट ऑफिस या अधिकृत बैंकों में खुलवाया जा सकता है।
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उन्होंने बताया कि लड़की की उम्र 0 से 10 साल तक हो तो सुकन्या समृद्घि अकाउंट खोला जा सकता है। पात्र लाभार्थी भारत का निवासी होना चाहिए। अकाउंट लड़की के नाम से ही खोला जा सकता है। जमाकर्ता (अभिभावक ) माता-पिता में से एक होगा जो नाबालिग लड़की की ओर से पैसा जमा करेगा। खाता मात्र 250 रुपये से खोला जा सकता है लेकिन साल में कम से कम 1 हजार रुपये हर खाते में जमा होने चाहिए, अधिक से अधिक डेढ़ लाख रुपये वर्ष में जमा किए जा सकते हैं। एक वित्त वर्ष में कितनी बार पैसे जमा किए जाएं, इस पर कोई पाबंदी नहीं है। पैसे नकद, चेक या ड्राफ्ट के जरिए जमा किए जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि इस योजना में चालू वित्तीय वर्ष के लिए ब्याज की दर 8.5 प्रतिशत रखी गई है जो सरकार के निर्णय अनुसार बढ़ाई भी जा सकती है। ब्याज की गणना सालाना होगी। अभिभावक इस एकाउंट में 14 साल तक ही पैसे जमा करवा सकते हैं। सुकन्या समृद्घि खाता एक डाकघर से दूसरे डाकघर में निशुल्क ट्रांसफर किया जा सकता है।
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उन्होंने बताया कि बेटी की उच्चतर शिक्षा के लिए तथा विवाह के समय जमा राशि में से आधा हिस्सा निकलवाया जा सकता है। यह खाता इसके खोले जाने की तिथि से लेकर लड़की की आयु 21 वर्ष होने तक तथा उसके विवाह के बाद भी बंद किया जा सकेगा। खाता खुलवाने के लिए बेटी के जन्म का प्रमाण पत्र, अभिभावक के पते का प्रमाण तथा फोटो पहचान पत्र (पैन कार्ड, वोटर आईडी या आधार कार्ड ) की जरूरत पड़ती है। यह खाता पोस्ट ऑफिस या अधिकृत बैंकों में खुलवाया जा सकता है।
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