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नप की हाउस बैठक में हाई वोल्टेज ड्रामा
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कैथल। शहर में विभिन्न समस्याओं व विकास कार्यों को लेकर हाईकोर्ट में पेशी से पहले प्रशासन द्वारा बुलाई गई नगर परिषद की हाउस की बैठक में मंगलवार को जमकर हंगामा हुआ। सीटीएम पर पहले ही पार्षदों के सवालों के जवाब लिखकर लाने, अपशब्द बोलने सहित कई तरह के आरोप लगाकर पार्षदों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया। बाद में सीटीएम के खिलाफ नारेबाजी करते हुए डीसी से मिले और दोबारा से बैठक बुलाए जाने की मांग की। जिस पर डीसी ने फिर से बैठक बुलाए जाने का आश्वासन दिया। वहीं सीटीएम की अध्यक्षता में एक तिहाई पार्षदों ने बैठक में रखे गए सारे एजेंडे पास कर दिए गए।
पार्षद कुलदीप सैनी, राकेश सरदाना सहित कई पार्षदों ने पहले नगर परिषद चेयरपर्सन सीमा कश्यप, फिर डीसी कैथल से शहर की समस्याओं के समाधान के लिए बैठक बुलाए जाने की मांग की थी। लेकिन बैठक नहीं बुलाई गई। जिससे गुस्साए पार्षद हाईकोर्ट में चले गए। मामले की सुनवाई हाईकोर्ट में चल ही रही थी। इसी बीच प्रशासन की ओर से 11 जून की बैठक की तिथि निर्धारित कर दी थी। जिस पर मंगलवार 11 जून को बुलाई बैठक की अध्यक्षता सीटीएम प्रदीप अहलावत ने की। जिसमें सभी 31 पार्षद पहुंचे। बैठक की शुरुआत में ही एक्ट की धारा पर चर्चा को लेकर विवाद हो गया। पार्षद राकेश सरदाना सहित भाजपा समर्थित पार्षद सीटीएम पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए बैठक से बाहर निकल आए। पार्षदों ने सीटीएम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। हंगामा कर रहे करीब 17 पार्षद नारेबाजी करते हुए लघु सचिवालय स्थित डीसी कार्यालय पहुंचे। जहां किसी अन्य अधिकारी को बैठक के लिए अधिकृत करने की मांग की। जिस पर डीसी ने उनकी इस मांग को मान लिया और उन्हें तुरंत तिथि तय कर हाउस की बैठक कराने का आश्वासन दिया।
दूसरी ओर कांग्रेसी पार्षदों की मौजूदगी में हाउस की मीटिंग की कार्रवाई जारी रही। जिसमें रखे गए सभी 13 एजेंडों को पास कर दिया गया। इन एजेंडों में पार्षदों द्वारा उठाए गए सवालों सफाई कर्मचारियों, स्ट्रीट लाइट, टेंडर खोलने की प्रक्रिया, ठेकेदारों द्वारा टेंडर लिए जाने के बावजूद काम ना करने, शहर में प्रचार के लिए टेंडर छोड़े जाने, दुकानों के किराये, खाली पड़ी नगर परिषद की दुकानों की बोली किए जाने, पार्कों की मेंटेनेंस, नगर परिषद कार्यालय में कर्मचारियों के गैर हाजिर रहने जैसे सवालों पर जवाब देते हुए सभी एजेंडों को पास घोषित कर दिया गया।
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पार्षदों का आरोप, बिना चर्चा किए ही तैयार कर दिए जवाब:
भाजपा समर्थित पार्षदों ने डीसी से मिलकर सीटीएम पर बिना चर्चा करे ही एजेंडो पर जवाब तैयार करने का भी आरोप लगाया। पार्षद राकेश सरदाना ने कहा कि हाउस की बैठक करीब तीन महीने के बाद हाईकोर्ट के आदेशों पर हाउस की बैठक हुई थी। लेकिन यहां पर पार्षदों द्वारा चर्चा करना तो दूर उनके द्वारा आवाज उठाने पर सीटीएम ने पार्षदों के साथ अपशब्द भी बोले। सरदाना ने कहा कि यदि पार्षदों के हाउस की बैठक है तो उन्हें उनके हाउस में हर मुद्दे पर चर्चा करने का अधिकार होता है। पार्षदों ने केवल मुनसिपल एक्ट 1973 के तहत 25/2 के तहत बैठक कराने पर जानकारी मांगी थी। जिस पर उन्होंने अपशब्द बोले।
डीसी ने हाउस की बैठक करने का दिया आश्वासन, वहीं सीटीएम बोले, हाउस की बैठक एक तिहाई बहुमत के साथ हुई संपन्न:
पार्षदों द्वारा हाउस की बैठक का बायकाट करने के बाद डीसी के पास पहुंचने पर डीसी ने तो उन्हें हाउस की बैठक कराने का आदेश दिया तो वहीं सीटीएम द्वारा कुल पार्षदों के एक तिहाई कोरम में हाउस की बैठक पूरी कर ली गई। जिस पर 13 एजेंडों पर चर्चा की गई। सीटीएम ने हाउस की बैठक को एक तिहाई बहुमत के साथ संपन्न हुई। बैठक में हंगामा करने वाले पार्षदों का उनका अपना व्यक्तिगत कोई मनमुटाव था। उनके खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाने और नाराज होकर बैठक का बायकाट करने की बात पर सीटीएम ने कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया।
22 जून को सीएम को भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई के लिए देंगे ज्ञापन:
पूर्व चेयरमैन यशपाल प्रजापति ने कहा कि वे सिटी स्कवायर में हुए भ्रष्टाचार मामले और शहर के अन्य विकास कार्यों के रुका होने पर 22 जून को सीएम मनोहर लाल के कैथल दौरे के दौरान उन्हें एक ज्ञापन भी देंगे। जिसमें सीएम से भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी।
इन पार्षदों ने किया बैठक का बायकाट:
हाउस की बैठक का बायकाट करने वाले पार्षदों में पूर्व चेयरमैन यशपाल प्रजापति, राकेश सरदाना, गोपाल सैनी, प्रवीन शर्मा उर्फ काला सांघन, दीपक शर्मा, विनोद सोनी, ज्योति सैनी, कुलदीप सैनी, तृप्ता सचदेवा, संतोष भोला, आशा रानी, रेखा सिंगला, रमा मित्तल, निशा गर्ग, रमेश गुप्ता, बृज मोहन सिंगला सहित अन्य मौजूद रहे।
यह हुए बैठक में शामिल:
बैठक में चेयरपर्सन सीमा कश्यप, वाइस चेयरमैन डॉ. पवन थरेजा, महेंद्र थरेजा, किरण भान, सुनीता रानी, सरदार हरजिंद्र सिंह, वीरेंद्र उर्फ बिल्लू सैनी, संजय भौरिया, महेंद्रो देवी, वेद प्रकाश, बबीता मित्तल, शशी किरण सहित अन्य पार्षद मौजूद रहे।
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पार्षद कुलदीप सैनी, राकेश सरदाना सहित कई पार्षदों ने पहले नगर परिषद चेयरपर्सन सीमा कश्यप, फिर डीसी कैथल से शहर की समस्याओं के समाधान के लिए बैठक बुलाए जाने की मांग की थी। लेकिन बैठक नहीं बुलाई गई। जिससे गुस्साए पार्षद हाईकोर्ट में चले गए। मामले की सुनवाई हाईकोर्ट में चल ही रही थी। इसी बीच प्रशासन की ओर से 11 जून की बैठक की तिथि निर्धारित कर दी थी। जिस पर मंगलवार 11 जून को बुलाई बैठक की अध्यक्षता सीटीएम प्रदीप अहलावत ने की। जिसमें सभी 31 पार्षद पहुंचे। बैठक की शुरुआत में ही एक्ट की धारा पर चर्चा को लेकर विवाद हो गया। पार्षद राकेश सरदाना सहित भाजपा समर्थित पार्षद सीटीएम पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए बैठक से बाहर निकल आए। पार्षदों ने सीटीएम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। हंगामा कर रहे करीब 17 पार्षद नारेबाजी करते हुए लघु सचिवालय स्थित डीसी कार्यालय पहुंचे। जहां किसी अन्य अधिकारी को बैठक के लिए अधिकृत करने की मांग की। जिस पर डीसी ने उनकी इस मांग को मान लिया और उन्हें तुरंत तिथि तय कर हाउस की बैठक कराने का आश्वासन दिया।
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दूसरी ओर कांग्रेसी पार्षदों की मौजूदगी में हाउस की मीटिंग की कार्रवाई जारी रही। जिसमें रखे गए सभी 13 एजेंडों को पास कर दिया गया। इन एजेंडों में पार्षदों द्वारा उठाए गए सवालों सफाई कर्मचारियों, स्ट्रीट लाइट, टेंडर खोलने की प्रक्रिया, ठेकेदारों द्वारा टेंडर लिए जाने के बावजूद काम ना करने, शहर में प्रचार के लिए टेंडर छोड़े जाने, दुकानों के किराये, खाली पड़ी नगर परिषद की दुकानों की बोली किए जाने, पार्कों की मेंटेनेंस, नगर परिषद कार्यालय में कर्मचारियों के गैर हाजिर रहने जैसे सवालों पर जवाब देते हुए सभी एजेंडों को पास घोषित कर दिया गया।
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पार्षदों का आरोप, बिना चर्चा किए ही तैयार कर दिए जवाब:
भाजपा समर्थित पार्षदों ने डीसी से मिलकर सीटीएम पर बिना चर्चा करे ही एजेंडो पर जवाब तैयार करने का भी आरोप लगाया। पार्षद राकेश सरदाना ने कहा कि हाउस की बैठक करीब तीन महीने के बाद हाईकोर्ट के आदेशों पर हाउस की बैठक हुई थी। लेकिन यहां पर पार्षदों द्वारा चर्चा करना तो दूर उनके द्वारा आवाज उठाने पर सीटीएम ने पार्षदों के साथ अपशब्द भी बोले। सरदाना ने कहा कि यदि पार्षदों के हाउस की बैठक है तो उन्हें उनके हाउस में हर मुद्दे पर चर्चा करने का अधिकार होता है। पार्षदों ने केवल मुनसिपल एक्ट 1973 के तहत 25/2 के तहत बैठक कराने पर जानकारी मांगी थी। जिस पर उन्होंने अपशब्द बोले।
डीसी ने हाउस की बैठक करने का दिया आश्वासन, वहीं सीटीएम बोले, हाउस की बैठक एक तिहाई बहुमत के साथ हुई संपन्न:
पार्षदों द्वारा हाउस की बैठक का बायकाट करने के बाद डीसी के पास पहुंचने पर डीसी ने तो उन्हें हाउस की बैठक कराने का आदेश दिया तो वहीं सीटीएम द्वारा कुल पार्षदों के एक तिहाई कोरम में हाउस की बैठक पूरी कर ली गई। जिस पर 13 एजेंडों पर चर्चा की गई। सीटीएम ने हाउस की बैठक को एक तिहाई बहुमत के साथ संपन्न हुई। बैठक में हंगामा करने वाले पार्षदों का उनका अपना व्यक्तिगत कोई मनमुटाव था। उनके खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाने और नाराज होकर बैठक का बायकाट करने की बात पर सीटीएम ने कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया।
22 जून को सीएम को भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई के लिए देंगे ज्ञापन:
पूर्व चेयरमैन यशपाल प्रजापति ने कहा कि वे सिटी स्कवायर में हुए भ्रष्टाचार मामले और शहर के अन्य विकास कार्यों के रुका होने पर 22 जून को सीएम मनोहर लाल के कैथल दौरे के दौरान उन्हें एक ज्ञापन भी देंगे। जिसमें सीएम से भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी।
इन पार्षदों ने किया बैठक का बायकाट:
हाउस की बैठक का बायकाट करने वाले पार्षदों में पूर्व चेयरमैन यशपाल प्रजापति, राकेश सरदाना, गोपाल सैनी, प्रवीन शर्मा उर्फ काला सांघन, दीपक शर्मा, विनोद सोनी, ज्योति सैनी, कुलदीप सैनी, तृप्ता सचदेवा, संतोष भोला, आशा रानी, रेखा सिंगला, रमा मित्तल, निशा गर्ग, रमेश गुप्ता, बृज मोहन सिंगला सहित अन्य मौजूद रहे।
यह हुए बैठक में शामिल:
बैठक में चेयरपर्सन सीमा कश्यप, वाइस चेयरमैन डॉ. पवन थरेजा, महेंद्र थरेजा, किरण भान, सुनीता रानी, सरदार हरजिंद्र सिंह, वीरेंद्र उर्फ बिल्लू सैनी, संजय भौरिया, महेंद्रो देवी, वेद प्रकाश, बबीता मित्तल, शशी किरण सहित अन्य पार्षद मौजूद रहे।