{"_id":"5b085c034f1c1ba46e8b4977","slug":"151527274499-kaithal-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"डीजल की कीमतों में बढ़ौतरी से बाजार में भारी मंदी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डीजल की कीमतों में बढ़ौतरी से बाजार में भारी मंदी
Updated Sat, 26 May 2018 12:24 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
पेट्रोल डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी से बाजार में भारी मंदी
फलों व बाहर से आने वाली सब्जियों पर ट्रांसपोर्ट में भी 25 प्रतिशत तक का इजाफा
पेट्रोल व डीजल के बढ़े दामों का सब्जी मंडी पर भी असर
पिछले माह की अपेक्षा 20 रुपये हुए फल व सब्जियों के दाम
सरिया की कीमतों में 2 से 3 रुपये प्रति किलो की बढ़ोत्तरी
गर्मी के कारण भी सब्जियां सड़कर हो रही है खराब
माल ढुलाई 100 रुपये प्रति टन बढ़ा, उपभोक्ताओं पर बड़ा असर
फोटो नंबर-2 से 8, 23 व 24
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। पेट्रोल डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का बाजार में बड़ा असर हुआ है। फल-सब्जियों की कीमतें बढने के साथ-साथ माल ढुलाई महंगी हो गई है। वहीं सरिया की कीमतों में 2 से 3 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई है। जिससे काम-धंधे पर एकदम से बुरा असर पड़ा है। दूसरे राज्यों से आने वाली सब्जियों व फलों की कीमतें भी 25 प्रतिशत तक बढ़ गई हैं।
सरिया विक्रेता तुषार मंगला ने बताया कि डीजल की हर रोज बढ़ रही कीमतों के कारण पिछले करीब दस दिनों में सरिया की कीमतों में 2 से 3 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी हो गई है। सबसे ज्यादा असर तो माल ढुलाई पर पड़ा है। जिसमें प्रति टन करीब 100 रुपये की बढ़ोतरी हो गई है। इससे काम धंधा काफी मंदा हो गया है।
इसी प्रकार से ट्रांसपोर्टर रणधीर सिंह हैप्पी ने कहा कि एक सप्ताह से ट्रांसपोर्टर्स काफी परेशान हो गए हैं। गाड़ियां खड़ी हैं। काम मिल नहीं रहा। डीजल 68 रुपये के पार हो गया है। सरकार के साथ जो कांट्रेक्ट के काम थे, उनमें बड़ा भारी नुकसान हो रहा है। लोकल काम काफी कम हो गया है। मुख्यत: 30 से 50 किलोमीटर की दूरी तक होने वाले माल ढुलाई के काम रुक गए हैं। लोग डीजल की कीमतों में कमी होने का इंतजार कर रहे हैं।
विज्ञापन
सब्जी मंडी में बड़ा असर, बाहर से आने वाली सब्जियां महंगी हुईं
सब्जी मंडी के आढ़ती विरेंद्र कुमार ने बताया कि अन्य राज्यों से आने वाले फलों में पेट्रोल व डीजल के दाम बढ़ने के बाद से 20 से प्रतिशत तक ट्रांसपोर्टेशन के किराए में बढ़ोतरी हुई है। जिससे फलों के दाम भी बढ़े है। उन्होंने कहा कि एक तो डीजल की कीमत बढ़ने के बाद फलो के दाम बढ़े है वहीं दूसरी ओर गर्मी बढ़ने के कारण यह गल और सड़ भी जाते है। जिससे हमें नुकसान होता है।
आढ़ती दर्शन कुमार ने बताया कि गर्मी में फसलें तो अधिक होती है। लेकिन अधिक तापमान होने के कारण फसल में खड़ी सब्जियां सड़ जाती है। वहीं पेट्रोल डीजल के बढ़े दामों ने ट्रांसपोर्टेशन का खर्चा बढ़ दिया है।
किसान संदीप ने कहा कि गर्मी के कारण सब्जियां के सड़ जाने के कारण किसान अपनी लागत तक पूरी नहीं कर पा रहा है। टमाटर की आधी फसल तो गर्मी के कारण खराब हो जाती है। वहीं इसका दाम भी दो रुपये प्रति किलो मिलता है। जिसकी लागत भर नही पुरी हो पा रही है।
आढ़ती श्याम जुनेजा ने कहा कि गर्मी के साथ तेल की कीमतों की बढ़ोतरी के कारण ट्रांसपोर्टेशन भी मंहगा हुआ है तो दामों में और अधिक तेजी आ गई है।
यह है बाहर से आने वाले फलों और सब्जियों के दाम:-
मटर 45 रुपये, गोभी 18 रुपये, मौसंबी 1200 रुपये प्रति 50 किलो, सेब 180, पपीता 30 रुपये, आड़ू 50 रुपये, आम 50 रुपये, तरबूज 25 रुपये, बबू कोसा 130, खुरमानी लीची 120 रुपये है। जिसमें पहले की अपेक्षा 20 से 30 रुपये की बढ़ोतरी है।
फलों व बाहर से आने वाली सब्जियों पर ट्रांसपोर्ट में भी 25 प्रतिशत तक का इजाफा
पेट्रोल व डीजल के बढ़े दामों का सब्जी मंडी पर भी असर
पिछले माह की अपेक्षा 20 रुपये हुए फल व सब्जियों के दाम
सरिया की कीमतों में 2 से 3 रुपये प्रति किलो की बढ़ोत्तरी
गर्मी के कारण भी सब्जियां सड़कर हो रही है खराब
माल ढुलाई 100 रुपये प्रति टन बढ़ा, उपभोक्ताओं पर बड़ा असर
फोटो नंबर-2 से 8, 23 व 24
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। पेट्रोल डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का बाजार में बड़ा असर हुआ है। फल-सब्जियों की कीमतें बढने के साथ-साथ माल ढुलाई महंगी हो गई है। वहीं सरिया की कीमतों में 2 से 3 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई है। जिससे काम-धंधे पर एकदम से बुरा असर पड़ा है। दूसरे राज्यों से आने वाली सब्जियों व फलों की कीमतें भी 25 प्रतिशत तक बढ़ गई हैं।
सरिया विक्रेता तुषार मंगला ने बताया कि डीजल की हर रोज बढ़ रही कीमतों के कारण पिछले करीब दस दिनों में सरिया की कीमतों में 2 से 3 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी हो गई है। सबसे ज्यादा असर तो माल ढुलाई पर पड़ा है। जिसमें प्रति टन करीब 100 रुपये की बढ़ोतरी हो गई है। इससे काम धंधा काफी मंदा हो गया है।
विज्ञापन
इसी प्रकार से ट्रांसपोर्टर रणधीर सिंह हैप्पी ने कहा कि एक सप्ताह से ट्रांसपोर्टर्स काफी परेशान हो गए हैं। गाड़ियां खड़ी हैं। काम मिल नहीं रहा। डीजल 68 रुपये के पार हो गया है। सरकार के साथ जो कांट्रेक्ट के काम थे, उनमें बड़ा भारी नुकसान हो रहा है। लोकल काम काफी कम हो गया है। मुख्यत: 30 से 50 किलोमीटर की दूरी तक होने वाले माल ढुलाई के काम रुक गए हैं। लोग डीजल की कीमतों में कमी होने का इंतजार कर रहे हैं।
विज्ञापन
सब्जी मंडी में बड़ा असर, बाहर से आने वाली सब्जियां महंगी हुईं
सब्जी मंडी के आढ़ती विरेंद्र कुमार ने बताया कि अन्य राज्यों से आने वाले फलों में पेट्रोल व डीजल के दाम बढ़ने के बाद से 20 से प्रतिशत तक ट्रांसपोर्टेशन के किराए में बढ़ोतरी हुई है। जिससे फलों के दाम भी बढ़े है। उन्होंने कहा कि एक तो डीजल की कीमत बढ़ने के बाद फलो के दाम बढ़े है वहीं दूसरी ओर गर्मी बढ़ने के कारण यह गल और सड़ भी जाते है। जिससे हमें नुकसान होता है।
आढ़ती दर्शन कुमार ने बताया कि गर्मी में फसलें तो अधिक होती है। लेकिन अधिक तापमान होने के कारण फसल में खड़ी सब्जियां सड़ जाती है। वहीं पेट्रोल डीजल के बढ़े दामों ने ट्रांसपोर्टेशन का खर्चा बढ़ दिया है।
किसान संदीप ने कहा कि गर्मी के कारण सब्जियां के सड़ जाने के कारण किसान अपनी लागत तक पूरी नहीं कर पा रहा है। टमाटर की आधी फसल तो गर्मी के कारण खराब हो जाती है। वहीं इसका दाम भी दो रुपये प्रति किलो मिलता है। जिसकी लागत भर नही पुरी हो पा रही है।
आढ़ती श्याम जुनेजा ने कहा कि गर्मी के साथ तेल की कीमतों की बढ़ोतरी के कारण ट्रांसपोर्टेशन भी मंहगा हुआ है तो दामों में और अधिक तेजी आ गई है।
यह है बाहर से आने वाले फलों और सब्जियों के दाम:-
मटर 45 रुपये, गोभी 18 रुपये, मौसंबी 1200 रुपये प्रति 50 किलो, सेब 180, पपीता 30 रुपये, आड़ू 50 रुपये, आम 50 रुपये, तरबूज 25 रुपये, बबू कोसा 130, खुरमानी लीची 120 रुपये है। जिसमें पहले की अपेक्षा 20 से 30 रुपये की बढ़ोतरी है।