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99 साले पट्टे की अधिसूचना को लागू करवाने के लिए किसानों ने बुलाई पंचायत
Updated Tue, 27 Jun 2017 11:59 PM IST
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99 साल के पट्टे की अधिसूचना लागू कराने के लिए किसानों ने बुलाई पंचायत
फोटो संख्या-40
अमर उजाला ब्यूरो
गुहला-चीका। अखिल भारतीय किसान सभा जिला कमेटी कैथल की ओर से आबादकार पट्टेदार किसानों की एक पंचायत अनाज मंडी चीका में बुलाई गई। पंचायत की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष महेंद्र सिंह ने की व संचालन जिला सचिव करतार सिंह ने किया।
महेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार ने 13 दिसंबर 2013 को एक अधिसूचना जारी कर पट्टेदार व आबादकार किसानों को 99 साले पट्टे पर जमीन देने का एलान किया था लेकिन सरकार ने इस फैसले को आज तक लागू नहीं किया। दूसरी तरफ पिछले साठ सत्तर साल पहले जंगली व ऊबड़ खाबड़ जमीन को संवार कर खेती योग्य बनाने वाले किसानों को आज खुली बोली के नाम पर उजाड़ा जा रहा है। सतपाल सिंह ककेहड़ी व इंद्रजीत सिंह राम नगर ने कहा कि विभाजन के बाद से ये पट्टेदार इस जमीन पर काश्त करते आ रहे हैं और इन्होंने अपने खर्च से जमीन पर ट्यूबवेल, बिजली का कनेक्शन व मकान तक बना रखे है। इन किसानों के पास जीवन यापन का कोई दूसरा साधन भी नहीं है। ऐसे में प्रदेश सरकार को चाहिए कि पूर्व की सरकार द्वारा घोषित की गई अधिसूचना को लागू कर किसानों पर लटक रही बेदखली की तलवार को हटाए। इस अवसर पर कुलदीप सिंह, दलेल सिंह, मुख्तयारा राम, लखा सिंह, भगवान दास, कुंदन लाल सहित सैकड़ों किसान मौजूद रहे।
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फोटो संख्या-40
अमर उजाला ब्यूरो
गुहला-चीका। अखिल भारतीय किसान सभा जिला कमेटी कैथल की ओर से आबादकार पट्टेदार किसानों की एक पंचायत अनाज मंडी चीका में बुलाई गई। पंचायत की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष महेंद्र सिंह ने की व संचालन जिला सचिव करतार सिंह ने किया।
महेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार ने 13 दिसंबर 2013 को एक अधिसूचना जारी कर पट्टेदार व आबादकार किसानों को 99 साले पट्टे पर जमीन देने का एलान किया था लेकिन सरकार ने इस फैसले को आज तक लागू नहीं किया। दूसरी तरफ पिछले साठ सत्तर साल पहले जंगली व ऊबड़ खाबड़ जमीन को संवार कर खेती योग्य बनाने वाले किसानों को आज खुली बोली के नाम पर उजाड़ा जा रहा है। सतपाल सिंह ककेहड़ी व इंद्रजीत सिंह राम नगर ने कहा कि विभाजन के बाद से ये पट्टेदार इस जमीन पर काश्त करते आ रहे हैं और इन्होंने अपने खर्च से जमीन पर ट्यूबवेल, बिजली का कनेक्शन व मकान तक बना रखे है। इन किसानों के पास जीवन यापन का कोई दूसरा साधन भी नहीं है। ऐसे में प्रदेश सरकार को चाहिए कि पूर्व की सरकार द्वारा घोषित की गई अधिसूचना को लागू कर किसानों पर लटक रही बेदखली की तलवार को हटाए। इस अवसर पर कुलदीप सिंह, दलेल सिंह, मुख्तयारा राम, लखा सिंह, भगवान दास, कुंदन लाल सहित सैकड़ों किसान मौजूद रहे।
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