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गांव बालू में पीएनबी ने वापिस की बुजुर्गों की पेंशन
Updated Fri, 23 Feb 2018 12:05 AM IST
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ऋण वसूली के लिए रोक दी थी पेंशन, शिकायत के बाद की वापस
तीन बुजुर्गों को पिछले कई माह की पेंशन राशि घर देकर आए बैंक मैनेजर
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। गांव बालू में ऋण वसूली के लिए बुजुर्गों की बुढ़ापा पेंशन रोके जाने के मामले में पंजाब नेशनल बैंक के प्रबंधक ने अपना फैसला वापस ले लिया है। रोकी गई पेंशन की राशि बुजुर्गों को दे दी गई है। तीन बुजुर्गों में हरि सिंह को साढ़े पांच हजार, धनपत को 1800 और रामदिया को करीब 5000 रुपये से अधिक की राशि दी गई।
गांव के बुजुर्गों ने पंजाब नेशनल बैंक को लेकर सीएम विंडो पर शिकायत दी थी। इसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि किसी समय में उनके या उनके बुजुर्गों ने बैंक से ऋण लिया था, जिसे वे चुका नहीं पाए। पिछले दो साल से सरकार ने बुढ़ापा पेंशन को सरकार ने बैंकों के माध्यम से देने की योजना शुरू की थी। उनकी बुढ़ापा पेंशन पंजाब नेशनल बैंक में ही आती है। इसी बात का फायदा उठाते हुए बैंक अधिकारियों ने उनकी पेंशन रोक दी और कहा कि उनकी पेंशन से ऋण की राशि वसूली जाएगी। अब बुढ़ापे में सरकार द्वारा सम्मान के तौर पर दी जाने वाली बुढ़ापा पेंशन से उनका खर्च चल जाता था। लेकिन इसके बंद होने से उन्हें काफी परेशानी हो रही थी। जब बैंक अधिकारियों ने उनकी कोई सुनवाई नहीं की तो मजबूरन उन्हें सीएम विंडो में शिकायत देनी पड़ी।
इस शिकायत की भनक लगने पर पंजाब नेशनल बैंक के अधिकारियों ने तीनों बुजुर्गों को उनकी पेंशन की राशि दे दी है। चौथे बुजुर्ग गांव से बाहर होने के कारण पेंशन नहीं ले पाए। बुजुर्ग हरीसिंह ने बताया कि वीरवार को उन तीनों को पेंशन की राशि दे दी गई। जिसे पहले इंकार किया जा रहा था। अब वे अपनी शिकायत वापस ले लेंगे। एसडीएम आरके कटारिया ने कहा कि बैंक मैनेजर ने केवल दबाव बनाने के लिए पेंशन रोकी थी। पेंशन से ऋण वसूली जैसी कोई बात नहीं है। बुजुर्गों को सम्मान दे दिया गया है।
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तीन बुजुर्गों को पिछले कई माह की पेंशन राशि घर देकर आए बैंक मैनेजर
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। गांव बालू में ऋण वसूली के लिए बुजुर्गों की बुढ़ापा पेंशन रोके जाने के मामले में पंजाब नेशनल बैंक के प्रबंधक ने अपना फैसला वापस ले लिया है। रोकी गई पेंशन की राशि बुजुर्गों को दे दी गई है। तीन बुजुर्गों में हरि सिंह को साढ़े पांच हजार, धनपत को 1800 और रामदिया को करीब 5000 रुपये से अधिक की राशि दी गई।
गांव के बुजुर्गों ने पंजाब नेशनल बैंक को लेकर सीएम विंडो पर शिकायत दी थी। इसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि किसी समय में उनके या उनके बुजुर्गों ने बैंक से ऋण लिया था, जिसे वे चुका नहीं पाए। पिछले दो साल से सरकार ने बुढ़ापा पेंशन को सरकार ने बैंकों के माध्यम से देने की योजना शुरू की थी। उनकी बुढ़ापा पेंशन पंजाब नेशनल बैंक में ही आती है। इसी बात का फायदा उठाते हुए बैंक अधिकारियों ने उनकी पेंशन रोक दी और कहा कि उनकी पेंशन से ऋण की राशि वसूली जाएगी। अब बुढ़ापे में सरकार द्वारा सम्मान के तौर पर दी जाने वाली बुढ़ापा पेंशन से उनका खर्च चल जाता था। लेकिन इसके बंद होने से उन्हें काफी परेशानी हो रही थी। जब बैंक अधिकारियों ने उनकी कोई सुनवाई नहीं की तो मजबूरन उन्हें सीएम विंडो में शिकायत देनी पड़ी।
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इस शिकायत की भनक लगने पर पंजाब नेशनल बैंक के अधिकारियों ने तीनों बुजुर्गों को उनकी पेंशन की राशि दे दी है। चौथे बुजुर्ग गांव से बाहर होने के कारण पेंशन नहीं ले पाए। बुजुर्ग हरीसिंह ने बताया कि वीरवार को उन तीनों को पेंशन की राशि दे दी गई। जिसे पहले इंकार किया जा रहा था। अब वे अपनी शिकायत वापस ले लेंगे। एसडीएम आरके कटारिया ने कहा कि बैंक मैनेजर ने केवल दबाव बनाने के लिए पेंशन रोकी थी। पेंशन से ऋण वसूली जैसी कोई बात नहीं है। बुजुर्गों को सम्मान दे दिया गया है।
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