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्ूर्व चेयरमैन व 12 पार्षद बैठे धरने पर, शहर में समान विकास कार्य ना होने का लगाया आरोप

Fri, 15 Feb 2019 12:15 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 15 Feb 2019 12:15 AM IST
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्ूर्व चेयरमैन व 12 पार्षद बैठे धरने पर, शहर में समान विकास कार्य ना होने का लगाया आरोप
शहर मेें समान विकास कार्य न होने का आरोप लगा पूर्व चेयरमैन व 12 पार्षद धरने पर बैठे
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टेंडर न छूटने, पार्षदों के अनुसार काम न किए जाने सहित प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पात्रों को लाभ न मिलने के कारण भड़के पार्षद
सिटी स्क्वायर मामले में भी जांच में बेवजह देरी करने का आरोप, चेयरपर्सन व अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग, मांगे पूरी होने तक धरना रहेगा जारी
फोटो नंबर- 01
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। सिटी स्क्वायर प्रोजेक्ट निर्माण में गड़बड़ी की जांच सहित शहर में विकास कार्यों में भेदभाव के आरोप लगाते हुए पूर्व चेयरमैन यशपाल प्रजापति सहित 10 पार्षदों ने वीरवार को नगर परिषद परिसर में धरना दिया और सरकार से मांग की कि दोषी पाए जाने पर भ्रष्ट कर्मचारियों को गिरफ्तार किया जाए। यदि चेयरपर्सन भी दोषी मिले तो उसे भी गिरफ्तार किया जाए।
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नगर परिषद के पूर्व अध्यक्ष यशपाल प्रजापति सहित 10 पार्षद वीरवार सुबह नगर परिषद कार्यालय पहुंचे। जहां सफाई कर्मचारियों के धरने के निकट ही धरना देकर बैठ गए। धरने में नगर परिषद के पूर्व अध्यक्ष यशपाल प्रजापति, राकेश सरदाना, ज्योति सैनी, कुलदीप सैनी, निशा गर्ग, प्रवीन उर्फ काला सांघन, मनोनीत पार्षद बृज मोहन, रमेश गुप्ता, पार्षद प्रतिनिधि धर्मबीर भोला, वरुण जैन शामिल हुए।
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पूर्व चेयरमैन यशपाल प्रजापति ने कहा कि शहर को जाम की समस्या से निजात दिलवाने के लिए सीएम की घोषणा में शामिल शहर के ड्रीम प्रोजेक्ट का कार्य कुछ महीने पहले शुरू हुआ है। लेकिन यह भी नप चेयरपर्सन व अधिकारियों की लापरवाही के कारण भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया। जिसमें इसमें ठेकेदार को काम देने के 12 दिनों के अंदर ही 7.5 करोड़ रुपये की राशि दे दी गई जो नियमों के खिलाफ है। इसके साथ ही शहर के विभिन्न वार्डाें के विकास कार्यों में भी अनदेखी की ज रही है। सरकार की छवि खराब करने का कार्य किया जा रहा है। जिसे बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पार्षद प्रतिनिधि धर्मबीर भोला ने कहा कि सिटी स्क्वायर के मामले में वर्क आर्डर जारी होने के 10 दिन के अंदर ही ठेकेदार को करोड़ों रुपये की जारी करना नियमों के खिलाफ है। जो कानून के हिसाब से नहीं किया गया। जब तक जिला प्रशासन इस भ्रष्टाचार में सम्मलित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं करवाता तब तक नप परिसर में पार्षदों का धरना जारी रहेगा।
पार्षद राकेश सरदाना ने कहा कि शहर में विकास कार्यों में भेदभाव किया जा रहा है। जिस कारण पार्षद परेशान हैं। जब नगर परिषद की बैठक में पार्षदों ने प्रस्ताव पारित कर दिया तो अधिकारी उस पर कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे। यह पार्षदों के अधिकारों का हनन है।
पार्षद प्रवीण सांगन ने कहा कि अधिकारी अपनी मनमर्जी से विकास कार्य कर रहे हैं। जहां पार्षद कहे, वहां काम नहीं होता। जहां लोग परेशान हैं, वे परेशान ही रह रहे हैं, अधिकारी उनकी सुनवाई नहीं करते। ना ही पार्षद की बात मानी जाती। जिस कारण लोगों सहित पार्षदों मेें रोष है। अधिकारी सरकार की छवि खराब कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत भटक रहे हैं लोग : पूर्व चेयरमैन यशपाल प्रजापति ने कहा कि शहर में आवास योजना के तहत पात्र भटक रहे हैं, अधिकारी उनकी कोई सुनवाई नहीं कर रहे। जबकि सरकार ने 6 करोड़ रुपये से अधिक की राशि पहले भेजी जा चुकी है। जो लैप्स हो सकती है। अधिकारी गरीब लोगों को परेशान करके सरकार को बदनाम कर रहे हैं। उन सभी पार्षदों की मांग है कि पीएम आवास योजना के पात्रों की जल्द से जल्द सुनवाई की जाए।
वहीं चेयरपर्सन प्रतिनिधि सुरेश कश्यप ने कहा कि बैठक की कार्रवाई डीसी को भेज दी गई है। पूरे शहर में समान रूप से विकास कार्य करवाए जा रहे हैं।
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