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मुख्यमंत्री के गोद लिए गांव में विजिलेंस ने शुरू की सरपंच पर भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच शुरू
Updated Fri, 31 Aug 2018 12:02 AM IST
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गांव पहुंची विजिलेंस टीम ने गलियों में लगे ब्लॉकों की जांच की
- सीएम के गोद लिए गांव क्योड़क में सरपंच पर लगे भ्रष्टाचार के आरोप का मामला, विजिलेंस ने शुरू की जांच
- मौके पर दोनों पक्षों की मौजूदगी में हो रही है जांच, पुलिस बल तैनात
फोटो नंबर-11 व 12
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। सीएम के गोद लिए गांव क्योड़क में सरपंच पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद वीरवार को गांव में हरियाणा पंचायती राज की विजलेंस की टीम पहुंची। जिसने गांव में विवादित स्थलों का दौरा किया। इस दौरान गांव में दोनों पक्ष टीम के पहुंचने पर ही एक स्थान पर एकत्रित हो गए। जहां पर दोनों पक्षों में टकराव की स्थिति पैदा हो गई। इस समय भ्रष्टाचार के मामले को लेकर गांव में तनाव का माहौल है। इससे पूर्व डीसी ने अपने कैंपस कार्यालय में गांव के पंचायत पक्ष के साथ बैठक की। बैठक के बाद विजिलेंस टीम को जांच के लिए भेजा गया।
विजिलेंस की टीम के गांव में पहुंचते ही दोनों पक्षों की ओर से कई ग्रामीण टीम के साथ जाने के लिए तैयार हो खड़े हुए। जिस पर टीम ने ऐतराज किया। इसके बाद सरपंच व शिकायतकर्ता दोनों की टीम के साथ गांव के विवादित स्थानों पर गए, जहां पर गलियों में ब्लॉक लगाने का विवाद हुआ। विजलेंस की टीम में सुपरिटेंडेंट नरेश, असिस्टेंट विजय, मदन व बीडीपीओ कैथल सुमित चौधरी शामिल रहे। जिन्होंने ग्रामीण सेठपाल द्वारा दी गई शिकायत के तहत जांच करते हुए उन गलियों का दौरा किया जहां पर पंचायत द्वारा ब्लॉक लगाए गए हैं। इस पर टीम इंचार्ज नरेश ने शिकायतकर्ता की शिकायत को सुन गली का दौरा कर ब्लाकों की जांच की।
निष्पक्ष रूप से किया गया है कार्य : सरपंच बलकार आर्य ने कहा कि वे हर जांच का स्वागत करते हैं। जो भी कार्य गांव में किया गया है। वह निष्पक्ष रूप से किया गया है। उन्हें पूरा विश्वास है कि जांच के बाद किसी भी प्रकार से कोई कमी नहीं पाई जाएगी और व निर्दोष पाए जाएंगे।
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सरपंच ने एक करोड़ 66 लाख का किया गबन : वहीं शिकायतकर्ता सेठपाल ने बताया कि सरकार के पत्र के बावजूद भी सरपंच ने गांव में गली निर्माण का कार्य करवाया है। सरपंच ने एक करोड़ 66 लाख रुपये गबन किया है।
जिस गली में विवाद हुआ है वहां पर दौरा कर लिया गया है। लेकिन अभी जांच और चलेगी। अगले सप्ताह विभाग की टेक्निकल टीम को बुलाया जाएगा। जो टेक्निकल रूप से यहां पर दौरा करेगी। इसके बाद ही जांच रिपोर्ट तैयार की जाएगी। टीम इंचार्ज नरेश कुमार।
यह था मामला : गांव में पंचों ने सरपंच पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए अपने पद से इस्तीफा देने के लिए डीसी को ज्ञापन सौंपा था। सरपंच ने सभी आरोपों को नकारते हुए खुद को निर्दोष बताया था और कहा था कि वे हर तरह की जांच को तैयार हैं। इसके बाद वीरवार सुबह डीसी कैंपस कार्यालय में डीसी के साथ सरपंच पक्ष की बैठक हुई। जिसमें डीसी ने विजिलेंस की टीम को जांच के लिए भेजा।
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- सीएम के गोद लिए गांव क्योड़क में सरपंच पर लगे भ्रष्टाचार के आरोप का मामला, विजिलेंस ने शुरू की जांच
- मौके पर दोनों पक्षों की मौजूदगी में हो रही है जांच, पुलिस बल तैनात
फोटो नंबर-11 व 12
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। सीएम के गोद लिए गांव क्योड़क में सरपंच पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद वीरवार को गांव में हरियाणा पंचायती राज की विजलेंस की टीम पहुंची। जिसने गांव में विवादित स्थलों का दौरा किया। इस दौरान गांव में दोनों पक्ष टीम के पहुंचने पर ही एक स्थान पर एकत्रित हो गए। जहां पर दोनों पक्षों में टकराव की स्थिति पैदा हो गई। इस समय भ्रष्टाचार के मामले को लेकर गांव में तनाव का माहौल है। इससे पूर्व डीसी ने अपने कैंपस कार्यालय में गांव के पंचायत पक्ष के साथ बैठक की। बैठक के बाद विजिलेंस टीम को जांच के लिए भेजा गया।
विजिलेंस की टीम के गांव में पहुंचते ही दोनों पक्षों की ओर से कई ग्रामीण टीम के साथ जाने के लिए तैयार हो खड़े हुए। जिस पर टीम ने ऐतराज किया। इसके बाद सरपंच व शिकायतकर्ता दोनों की टीम के साथ गांव के विवादित स्थानों पर गए, जहां पर गलियों में ब्लॉक लगाने का विवाद हुआ। विजलेंस की टीम में सुपरिटेंडेंट नरेश, असिस्टेंट विजय, मदन व बीडीपीओ कैथल सुमित चौधरी शामिल रहे। जिन्होंने ग्रामीण सेठपाल द्वारा दी गई शिकायत के तहत जांच करते हुए उन गलियों का दौरा किया जहां पर पंचायत द्वारा ब्लॉक लगाए गए हैं। इस पर टीम इंचार्ज नरेश ने शिकायतकर्ता की शिकायत को सुन गली का दौरा कर ब्लाकों की जांच की।
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निष्पक्ष रूप से किया गया है कार्य : सरपंच बलकार आर्य ने कहा कि वे हर जांच का स्वागत करते हैं। जो भी कार्य गांव में किया गया है। वह निष्पक्ष रूप से किया गया है। उन्हें पूरा विश्वास है कि जांच के बाद किसी भी प्रकार से कोई कमी नहीं पाई जाएगी और व निर्दोष पाए जाएंगे।
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सरपंच ने एक करोड़ 66 लाख का किया गबन : वहीं शिकायतकर्ता सेठपाल ने बताया कि सरकार के पत्र के बावजूद भी सरपंच ने गांव में गली निर्माण का कार्य करवाया है। सरपंच ने एक करोड़ 66 लाख रुपये गबन किया है।
जिस गली में विवाद हुआ है वहां पर दौरा कर लिया गया है। लेकिन अभी जांच और चलेगी। अगले सप्ताह विभाग की टेक्निकल टीम को बुलाया जाएगा। जो टेक्निकल रूप से यहां पर दौरा करेगी। इसके बाद ही जांच रिपोर्ट तैयार की जाएगी। टीम इंचार्ज नरेश कुमार।
यह था मामला : गांव में पंचों ने सरपंच पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए अपने पद से इस्तीफा देने के लिए डीसी को ज्ञापन सौंपा था। सरपंच ने सभी आरोपों को नकारते हुए खुद को निर्दोष बताया था और कहा था कि वे हर तरह की जांच को तैयार हैं। इसके बाद वीरवार सुबह डीसी कैंपस कार्यालय में डीसी के साथ सरपंच पक्ष की बैठक हुई। जिसमें डीसी ने विजिलेंस की टीम को जांच के लिए भेजा।