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तो उन दो सूटकेस व एक कैन में क्या था?
Updated Tue, 07 Aug 2018 12:09 AM IST
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छापे में बरामद किया काफी सारा सामान, पर दिखाया सिर्फ कारतूस
डेरा सच्चा सौदा प्रकरण में आरटीआई से मांगी गई सूचना में पुलिस ने बताया था महज तीन कारतूस मिले
सूचना आयोग में अपील की तो वीडियोग्राफी की सीडी में निकले दो सूटकेस व एक कैन
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। डेरा सच्चा सौदा प्रकरण के दौरान पुलिस ने गांव रसूलपुर में छापा मारकर एक जगह से काफी सारा सामान बरामद किया था। लेकिन पुलिस ने इस पूरे सामान को रिकॉर्ड में नहीं दिखाया। पुलिस ने महज तीन कारतूस दिखाकर एफआईआर दर्ज कर ली। जबकि मौके पर ग्रामीणों ने काफी सारा सामान देखा था और प्रशासन की ओर से ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में बाकायदा वीडियोग्राफी भी की गई थी। अब वह इस पूरे मामले में कोर्ट में याचिका दायर करेगा कि पुलिस ने ऐसा क्यों किया? उस समय इस सामान को छिपाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
इस मामले में गांव के ही आरटीआई एक्टिविस्ट जयपाल ने पुलिस-प्रशासन से आरटीआई से सूचना मांगी थी। इसमें पुलिस ने सूचना दी थी कि पुलिस ने गांव रसूलपुर से दो गाड़ियां बरामद की थीं। इनमें से तीन जिंदा कारतूस बरामद हुए थे। बार-बार अपील करने के बावजूद डीसी के आदेशों पर उसे तीन मिनट का वीडियो दिया गया। इसमें उनके गांव की रिकॉर्डिंग नहीं थी। इसके बाद उसे मजबूरन सूचना आयोग में आवेदन करना पड़ा। सूचना आयोग के आदेश पर जिला प्रशासन ने अब उसे उनके गांव में उस समय किए गए दौरे की वीडियो की सीडी उपलब्ध करवाई। इसमें उसने देखा कि पुलिस ने उस समय दो युवकों को काबू किया था। इसमें उनके पास सील किए हुए दो सूटकेस दिखाई दे रहे हैं और एक कैन भी गाड़ी में पड़ा हुआ नजर आ रहा है। पुलिस को चाहिए था कि उसी समय सूटकेस को खोलकर उसकी भी वीडियोग्राफी होती। इन सूटकेस में क्या सामान था। इसकी जांच होनी चाहिए थी। उन्हें पूरा अंदेशा है कि इस सामान में गड़बड़ी थी और पुलिस ने इस सामान को रिकॉर्ड में नहीं दिया। अब वह इस पूरे मामले में कोर्ट में याचिका दायर करेगा कि पुलिस ने ऐसा क्यों किया? उस समय इस सामान को छिपाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
विदित रहे कि डेरा सच्चा सौदा प्रकरण के समय कई जगह से पुलिस ने छापेमारी करके सामान बरामद किया था। गांव रसूलपुर में भी छापेमार कार्रवाई कर पुलिस ने सामान बरामद किया था।
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फोटो संख्या-43 व 44
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डेरा सच्चा सौदा प्रकरण में आरटीआई से मांगी गई सूचना में पुलिस ने बताया था महज तीन कारतूस मिले
सूचना आयोग में अपील की तो वीडियोग्राफी की सीडी में निकले दो सूटकेस व एक कैन
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। डेरा सच्चा सौदा प्रकरण के दौरान पुलिस ने गांव रसूलपुर में छापा मारकर एक जगह से काफी सारा सामान बरामद किया था। लेकिन पुलिस ने इस पूरे सामान को रिकॉर्ड में नहीं दिखाया। पुलिस ने महज तीन कारतूस दिखाकर एफआईआर दर्ज कर ली। जबकि मौके पर ग्रामीणों ने काफी सारा सामान देखा था और प्रशासन की ओर से ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में बाकायदा वीडियोग्राफी भी की गई थी। अब वह इस पूरे मामले में कोर्ट में याचिका दायर करेगा कि पुलिस ने ऐसा क्यों किया? उस समय इस सामान को छिपाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
इस मामले में गांव के ही आरटीआई एक्टिविस्ट जयपाल ने पुलिस-प्रशासन से आरटीआई से सूचना मांगी थी। इसमें पुलिस ने सूचना दी थी कि पुलिस ने गांव रसूलपुर से दो गाड़ियां बरामद की थीं। इनमें से तीन जिंदा कारतूस बरामद हुए थे। बार-बार अपील करने के बावजूद डीसी के आदेशों पर उसे तीन मिनट का वीडियो दिया गया। इसमें उनके गांव की रिकॉर्डिंग नहीं थी। इसके बाद उसे मजबूरन सूचना आयोग में आवेदन करना पड़ा। सूचना आयोग के आदेश पर जिला प्रशासन ने अब उसे उनके गांव में उस समय किए गए दौरे की वीडियो की सीडी उपलब्ध करवाई। इसमें उसने देखा कि पुलिस ने उस समय दो युवकों को काबू किया था। इसमें उनके पास सील किए हुए दो सूटकेस दिखाई दे रहे हैं और एक कैन भी गाड़ी में पड़ा हुआ नजर आ रहा है। पुलिस को चाहिए था कि उसी समय सूटकेस को खोलकर उसकी भी वीडियोग्राफी होती। इन सूटकेस में क्या सामान था। इसकी जांच होनी चाहिए थी। उन्हें पूरा अंदेशा है कि इस सामान में गड़बड़ी थी और पुलिस ने इस सामान को रिकॉर्ड में नहीं दिया। अब वह इस पूरे मामले में कोर्ट में याचिका दायर करेगा कि पुलिस ने ऐसा क्यों किया? उस समय इस सामान को छिपाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
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विदित रहे कि डेरा सच्चा सौदा प्रकरण के समय कई जगह से पुलिस ने छापेमारी करके सामान बरामद किया था। गांव रसूलपुर में भी छापेमार कार्रवाई कर पुलिस ने सामान बरामद किया था।
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फोटो संख्या-43 व 44