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बाबा राजपुरी डेरे पर दो दिवसीय मेले में एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं का उमड़ा सैलाब
Updated Sun, 21 Oct 2018 11:53 PM IST
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मेले में श्रद्धालुओं ने दूध व फल चढ़ाकर की पशुधन वृद्धि की कामना
बाबा राजपुरी डेरे पर दो दिवसीय मेले में एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं का उमड़ा सैलाब
फोटो नंबर-
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। गांव बाबा लदाना स्थित श्री सिद्ध बाबा राजपुरी डेरे पर आयोजित मेले के अंतिम दिन श्रद्धा का सैलाब उमड़ा। मेले में रविवार को हजारों की संख्या में श्रद्धालु बाबा की समाधि पर पूजा अर्चना के लिए पहुंचे और माथा टेका। पूजा स्थल से लेकर आधा किलोमीटर दूर तक श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रही।
सुबह चार बजे ही बाबा की समाधि पर पूजा अर्चना शुरू हो गई। दशहरे के दिन रात 12 बजे के बाद से मेला शुरू हो गया था। जो रविवार को रात की आरती के बाद संपन्न हुआ। इस मेले में करीब 1.25 लाख श्रद्धालुओं ने माथा टेक मनोकामनाएं मांगी। मेले में श्रद्धालुओं ने दूध व फल चढ़ाकर पशुधन वृद्धि की कामना की। मेले में बच्चों व महिलाओं ने जमकर खरीदारी की। मेले में हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, दिल्ली सहित अन्य प्रदेशों से श्रद्धालु मंदिर में पहुंचे। इस बार यह मेला जिला प्रशासन की देखरेख में लगाया जा रहा है।
भारी पुलिस बल रहा तैनात : जिला प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए। श्रद्धालुओं के आवागमन पर नियंत्रण को लेकर पुलिसकर्मी 100-100 मीटर की दूरी पर तैनात रहे। महिलाओं की सुरक्षा को लेकर पुलिस कर्मियों में महिला पुलिस को भी तैनात किया गया था।
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अंतिम दिन महिलाओं ने की पूजा : मेले में रविवार को महिलाओं ने विशेष रूप से बाबा की समाधि पर पूजा की। रविवार को हजारों की तादाद में महिलाओं ने बाबा की समाधि पर माथा टेका।
दो दिन में करीब डेढ़ सौ क्विंटल दूध का चढ़ावा : मेले के नोडल अधिकारी व नायब तहसीलदार ईश्वर सिंह ने बताया कि डेरा में ऐसी मान्यता है कि यहां पर दूध चढ़ाने से पशुधन में वृद्धि होती है। जिसके बाद से यहां पर दूध चढ़ाने की पंरपरा शुरू हुई। दो दिवसीय मेले में दो दिनों में डेढ़ सौ क्विंटल दूध का चढ़ावा चढ़ा। जिससे गांव के ग्रामीणों में बांटा गया और इसके साथ ही दूध को भंडारे में प्रयोग में लाया गया।
इन्होंने की सेवा : जिला प्रशासन की देखरेख में आयोजित मेले में करीब 500 कर्मचारियों ने यहां पर सेवा की। जिसमें धर्मबीर प्रजापति कानूनगो, सतनारायण पटवारी, राजेंद्र मेहता नंबरदार, रामेशअ्वर, जितेंद्र मास्टर, गणेशदत्त शर्मा, सन्नी दयोल पटवारी, धर्मपाल सहित अन्य ने अपनी सेवा दी।
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बाबा राजपुरी डेरे पर दो दिवसीय मेले में एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं का उमड़ा सैलाब
फोटो नंबर-
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। गांव बाबा लदाना स्थित श्री सिद्ध बाबा राजपुरी डेरे पर आयोजित मेले के अंतिम दिन श्रद्धा का सैलाब उमड़ा। मेले में रविवार को हजारों की संख्या में श्रद्धालु बाबा की समाधि पर पूजा अर्चना के लिए पहुंचे और माथा टेका। पूजा स्थल से लेकर आधा किलोमीटर दूर तक श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रही।
सुबह चार बजे ही बाबा की समाधि पर पूजा अर्चना शुरू हो गई। दशहरे के दिन रात 12 बजे के बाद से मेला शुरू हो गया था। जो रविवार को रात की आरती के बाद संपन्न हुआ। इस मेले में करीब 1.25 लाख श्रद्धालुओं ने माथा टेक मनोकामनाएं मांगी। मेले में श्रद्धालुओं ने दूध व फल चढ़ाकर पशुधन वृद्धि की कामना की। मेले में बच्चों व महिलाओं ने जमकर खरीदारी की। मेले में हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, दिल्ली सहित अन्य प्रदेशों से श्रद्धालु मंदिर में पहुंचे। इस बार यह मेला जिला प्रशासन की देखरेख में लगाया जा रहा है।
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भारी पुलिस बल रहा तैनात : जिला प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए। श्रद्धालुओं के आवागमन पर नियंत्रण को लेकर पुलिसकर्मी 100-100 मीटर की दूरी पर तैनात रहे। महिलाओं की सुरक्षा को लेकर पुलिस कर्मियों में महिला पुलिस को भी तैनात किया गया था।
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अंतिम दिन महिलाओं ने की पूजा : मेले में रविवार को महिलाओं ने विशेष रूप से बाबा की समाधि पर पूजा की। रविवार को हजारों की तादाद में महिलाओं ने बाबा की समाधि पर माथा टेका।
दो दिन में करीब डेढ़ सौ क्विंटल दूध का चढ़ावा : मेले के नोडल अधिकारी व नायब तहसीलदार ईश्वर सिंह ने बताया कि डेरा में ऐसी मान्यता है कि यहां पर दूध चढ़ाने से पशुधन में वृद्धि होती है। जिसके बाद से यहां पर दूध चढ़ाने की पंरपरा शुरू हुई। दो दिवसीय मेले में दो दिनों में डेढ़ सौ क्विंटल दूध का चढ़ावा चढ़ा। जिससे गांव के ग्रामीणों में बांटा गया और इसके साथ ही दूध को भंडारे में प्रयोग में लाया गया।
इन्होंने की सेवा : जिला प्रशासन की देखरेख में आयोजित मेले में करीब 500 कर्मचारियों ने यहां पर सेवा की। जिसमें धर्मबीर प्रजापति कानूनगो, सतनारायण पटवारी, राजेंद्र मेहता नंबरदार, रामेशअ्वर, जितेंद्र मास्टर, गणेशदत्त शर्मा, सन्नी दयोल पटवारी, धर्मपाल सहित अन्य ने अपनी सेवा दी।