{"_id":"69fe2a48d7275dbc3a0f2923","slug":"water-supply-management-to-improve-under-the-new-drinking-water-policy-jind-news-c-199-1-jnd1010-153029-2026-05-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jind News: अब नई पेयजल नीति से सुधरेगा जलापूर्ति प्रबंधन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jind News: अब नई पेयजल नीति से सुधरेगा जलापूर्ति प्रबंधन
विज्ञापन
08जेएनडी08: सफीदों में प्रशिक्षण में मौजूद सरपंच और सचिव। स्रोत आयोजक
संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग द्वारा पेयजल आपूर्ति के रखरखाव के लिए शुक्रवार को सफीदों रेस्ट हाउस में एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर दिया गया। शिविर में ब्लॉक के सरपंचों और ग्राम सचिवों ने नई नीति की बारीकियों को समझा और इसमें गहरी रुचि दिखाई।
मुख्य वक्ता जिला सलाहकार रणधीर मताना ने बताया कि इस नई नीति का सबसे बड़ा लाभ यह है कि अब पेयजल संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए बजट का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
ग्राम पंचायतों को रखरखाव के लिए एडवांस राशि उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे पाइपलाइन लीकेज या मोटर खराब होने जैसी समस्याओं को तुरंत ठीक किया जा सकेगा। इस फंड में विभाग की राशि के साथ-साथ स्वयं सहायता समूहों की ओर से एकत्रित बिल, 15वें वित्त आयोग का बजट और सामाजिक संस्थाओं का सहयोग शामिल होगा।
विज्ञापन
उपमंडल अभियंता राकेश शर्मा ने कहा कि इस नीति को लागू करने के लिए ग्राम सभा की सहमति अनिवार्य है। तीन पक्षों के बीच साझा घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर होने के बाद ही इसे अमल में लाया जाएगा। इसके लिए पंचायतों का इंडियन बैंक में अलग से खाता भी खोला जाएगा।
इस अवसर पर कनिष्ठ अभियंता सागर, जसवीर सिंह, खंड समन्वयक बलवान सिंह और सुरेंद्र दुग्गल ने सरपंचों को जल जीवन मिशन और जल संरक्षण के महत्व के बारे में जानकारी दी।
विज्ञापन
जींद। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग द्वारा पेयजल आपूर्ति के रखरखाव के लिए शुक्रवार को सफीदों रेस्ट हाउस में एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर दिया गया। शिविर में ब्लॉक के सरपंचों और ग्राम सचिवों ने नई नीति की बारीकियों को समझा और इसमें गहरी रुचि दिखाई।
मुख्य वक्ता जिला सलाहकार रणधीर मताना ने बताया कि इस नई नीति का सबसे बड़ा लाभ यह है कि अब पेयजल संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए बजट का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
विज्ञापन
ग्राम पंचायतों को रखरखाव के लिए एडवांस राशि उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे पाइपलाइन लीकेज या मोटर खराब होने जैसी समस्याओं को तुरंत ठीक किया जा सकेगा। इस फंड में विभाग की राशि के साथ-साथ स्वयं सहायता समूहों की ओर से एकत्रित बिल, 15वें वित्त आयोग का बजट और सामाजिक संस्थाओं का सहयोग शामिल होगा।
विज्ञापन
उपमंडल अभियंता राकेश शर्मा ने कहा कि इस नीति को लागू करने के लिए ग्राम सभा की सहमति अनिवार्य है। तीन पक्षों के बीच साझा घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर होने के बाद ही इसे अमल में लाया जाएगा। इसके लिए पंचायतों का इंडियन बैंक में अलग से खाता भी खोला जाएगा।
इस अवसर पर कनिष्ठ अभियंता सागर, जसवीर सिंह, खंड समन्वयक बलवान सिंह और सुरेंद्र दुग्गल ने सरपंचों को जल जीवन मिशन और जल संरक्षण के महत्व के बारे में जानकारी दी।