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Jind News: छह मामलों में तीन का निपटारा, तीन हवालातियों को किया रिहा
Thu, 05 Sep 2024 01:51 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Thu, 05 Sep 2024 01:51 AM IST
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04जेएनडी06: जिला कारागार में महिला बंदियों व हवालातियों को जानकारी देती सीजेएम मोनिका। स्रोत प्
जींद। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से बुधवार को जिला कारागार में जेल लोक अदालत का आयोजन किया गया। जेल लोक अदालत में छह मामले निपटान के लिए रखे गए, इनमें तीन मामलों का निपटारा किया गया और तीन हवालातियों को रिहा किया गया।
मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) मोनिका ने बताया कि जेल लोक अदालत महीने दो बार लगाई जाती है। इसमें कई प्रकार के संबंधित मामले लिए जाते है। इस दौरान उन्होंने जिला कारागार का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कैदियो, हवालातियों को उनके केसों में आ रही मुश्किलों को सुना व समस्याओं के समाधान संबंधित जानकारी दी।
उन्होंने जेल में बंद कैदियों से अपील की कि यदि किसी व्यक्ति को अपने केस की पैरवी करने के लिए वकील की जरूरत है तो वह मुफ्त कानूनी सेवाएं ले सकता है। इस संबंध में लिखित दरखास्त जेल प्रशासन के माध्यम से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जींद के कार्यालय में भेजनी होती है। महिला जेल बंदियों को समय-समय पर स्वास्थ्य जांच करवाने की सलाह दी। उनके रहन-सहन, स्वास्थ्य जांच, कानूनी जागरूकता के विषय में संबंधित अधिकारी को जरूरी दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि जेल लोक अदालत में छह मामले रखे गए, इनमें तीन का निपटारा किया गया और तीन हवालातियों को रिहा किया गया।
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मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) मोनिका ने बताया कि जेल लोक अदालत महीने दो बार लगाई जाती है। इसमें कई प्रकार के संबंधित मामले लिए जाते है। इस दौरान उन्होंने जिला कारागार का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कैदियो, हवालातियों को उनके केसों में आ रही मुश्किलों को सुना व समस्याओं के समाधान संबंधित जानकारी दी।
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उन्होंने जेल में बंद कैदियों से अपील की कि यदि किसी व्यक्ति को अपने केस की पैरवी करने के लिए वकील की जरूरत है तो वह मुफ्त कानूनी सेवाएं ले सकता है। इस संबंध में लिखित दरखास्त जेल प्रशासन के माध्यम से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जींद के कार्यालय में भेजनी होती है। महिला जेल बंदियों को समय-समय पर स्वास्थ्य जांच करवाने की सलाह दी। उनके रहन-सहन, स्वास्थ्य जांच, कानूनी जागरूकता के विषय में संबंधित अधिकारी को जरूरी दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि जेल लोक अदालत में छह मामले रखे गए, इनमें तीन का निपटारा किया गया और तीन हवालातियों को रिहा किया गया।
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