{"_id":"695c07fc51d87d6f490e1f07","slug":"the-road-from-rohtak-road-to-crsu-has-become-a-temporary-dumping-station-jind-news-c-199-1-sroh1009-146537-2026-01-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jind News: रोहतक रोड से सीआरएसयू जाने वाला मार्ग बना अस्थाई डंपिंग स्टेशन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jind News: रोहतक रोड से सीआरएसयू जाने वाला मार्ग बना अस्थाई डंपिंग स्टेशन
Tue, 06 Jan 2026 12:20 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Tue, 06 Jan 2026 12:20 AM IST
विज्ञापन
05जेएनडी37: राकेश।
जींद। शहर की स्वच्छता व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। रोहतक रोड से चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय (सीआरएसयू) की ओर जाने वाला मुख्य संपर्क मार्ग इन दिनों कूड़े-कचरे का ढेर बनता जा रहा है।
शहर के विभिन्न इलाकों से उठाई जा रही गंदगी को इसी मार्ग के नजदीक डाला जा रहा है। इससे यह रास्ता अस्थाई डंपिंग स्टेशन में तब्दील हो गया है। यह मार्ग न केवल विश्वविद्यालय के सैकड़ों विद्यार्थियों के रोजाना आवागमन का मुख्य रास्ता है बल्कि आसपास की कॉलोनियों के लोगों और राहगीरों के लिए भी बेहद जरूरी है।
सड़क किनारे फैली गंदगी, प्लास्टिक कचरा, सड़े-गले अवशेष और निर्माण मलबा वातावरण को दूषित कर रहे हैं। कूड़े से उठती दुर्गंध के कारण यहां से गुजरना मुश्किल हो गया है। विद्यार्थियों का कहना है कि रोजाना इस रास्ते से कॉलेज आते-जाते समय बदबू और गंदगी से मानसिक परेशानी होती है।
विज्ञापन
कई बार आवारा पशु कूड़े में मुंह मारते नजर आते हैं। इससे सड़क पर जाम और दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है। बरसात या नमी के दिनों में हालात और खराब हो जाते हैं, जब कूड़ा सड़क पर फैलकर फिसलन पैदा कर देता है।
नहीं उठाया जा रहा ठोस कदम
नगर परिषद को इस समस्या की जानकारी होने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा। शहर की गंदगी को मुख्य सड़क के पास डालना न केवल स्वच्छता नियमों का उल्लंघन है बल्कि शहर की छवि को भी नुकसान पहुंचा रहा है। विश्वविद्यालय जैसे शैक्षणिक संस्थान की ओर जाने वाले मार्ग पर ऐसी स्थिति होना प्रशासन की लापरवाही को दर्शाता है। इसको लेकर प्रशासन को भी शिकायत दी जा रही है फिर भी इसका समाधान नहीं हो रहा।
- घन श्याम गोयल, अधिवक्ता
स्वच्छ भारत मिशन के तहत शहर को साफ-सुथरा रखने के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट नजर आ रही है। इस मार्ग से तुरंत डंपिंग हटाई जाए और कचरे के निस्तारण के लिए शहर से दूर स्थाई व्यवस्था की जाए। साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई कर नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए ताकि भविष्य में इस तरह की समस्या दोबारा न खड़ी हो।
- राकेश, विद्यार्थी।
शहर के सुंदरीकरण व विश्वविद्यालय को लेकर प्रशासन को गंभीर होना चाहिए। इस रोड के सुंदरीकरण के लिए भी काम होना चाहिए ताकि विश्वविद्यालय जैसे स्थान की अलग से पहचान बने, लेकिन प्रशासन की लापरवाही के चलते यहां पर कूड़े के ढेर लगाए जा रहे हैं। यहां पर कूड़ा डालने वालों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
- नसीब, विद्यार्थी।
रोहतक रोड पर अगर कूड़ा डाला जा रहा है तो इसको उठवाया जाएगा। कूड़ा डालने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी ताकि शहर की सुंदरता बनी रहे।
- डॉ. अनुराधा सैनी, चेयरपर्सन नगर परिषद जींद।
विज्ञापन
शहर के विभिन्न इलाकों से उठाई जा रही गंदगी को इसी मार्ग के नजदीक डाला जा रहा है। इससे यह रास्ता अस्थाई डंपिंग स्टेशन में तब्दील हो गया है। यह मार्ग न केवल विश्वविद्यालय के सैकड़ों विद्यार्थियों के रोजाना आवागमन का मुख्य रास्ता है बल्कि आसपास की कॉलोनियों के लोगों और राहगीरों के लिए भी बेहद जरूरी है।
विज्ञापन
सड़क किनारे फैली गंदगी, प्लास्टिक कचरा, सड़े-गले अवशेष और निर्माण मलबा वातावरण को दूषित कर रहे हैं। कूड़े से उठती दुर्गंध के कारण यहां से गुजरना मुश्किल हो गया है। विद्यार्थियों का कहना है कि रोजाना इस रास्ते से कॉलेज आते-जाते समय बदबू और गंदगी से मानसिक परेशानी होती है।
विज्ञापन
कई बार आवारा पशु कूड़े में मुंह मारते नजर आते हैं। इससे सड़क पर जाम और दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है। बरसात या नमी के दिनों में हालात और खराब हो जाते हैं, जब कूड़ा सड़क पर फैलकर फिसलन पैदा कर देता है।
नहीं उठाया जा रहा ठोस कदम
नगर परिषद को इस समस्या की जानकारी होने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा। शहर की गंदगी को मुख्य सड़क के पास डालना न केवल स्वच्छता नियमों का उल्लंघन है बल्कि शहर की छवि को भी नुकसान पहुंचा रहा है। विश्वविद्यालय जैसे शैक्षणिक संस्थान की ओर जाने वाले मार्ग पर ऐसी स्थिति होना प्रशासन की लापरवाही को दर्शाता है। इसको लेकर प्रशासन को भी शिकायत दी जा रही है फिर भी इसका समाधान नहीं हो रहा।
- घन श्याम गोयल, अधिवक्ता
स्वच्छ भारत मिशन के तहत शहर को साफ-सुथरा रखने के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट नजर आ रही है। इस मार्ग से तुरंत डंपिंग हटाई जाए और कचरे के निस्तारण के लिए शहर से दूर स्थाई व्यवस्था की जाए। साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई कर नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए ताकि भविष्य में इस तरह की समस्या दोबारा न खड़ी हो।
- राकेश, विद्यार्थी।
शहर के सुंदरीकरण व विश्वविद्यालय को लेकर प्रशासन को गंभीर होना चाहिए। इस रोड के सुंदरीकरण के लिए भी काम होना चाहिए ताकि विश्वविद्यालय जैसे स्थान की अलग से पहचान बने, लेकिन प्रशासन की लापरवाही के चलते यहां पर कूड़े के ढेर लगाए जा रहे हैं। यहां पर कूड़ा डालने वालों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
- नसीब, विद्यार्थी।
रोहतक रोड पर अगर कूड़ा डाला जा रहा है तो इसको उठवाया जाएगा। कूड़ा डालने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी ताकि शहर की सुंदरता बनी रहे।
- डॉ. अनुराधा सैनी, चेयरपर्सन नगर परिषद जींद।

05जेएनडी37: राकेश।

05जेएनडी37: राकेश।

05जेएनडी37: राकेश।