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Jind News: पैलेट प्लांटों में पहुंची संयुक्त टीम, पराली स्टॉक की जांच की
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08जेएनडी04: किलाजफरगढ़ स्थित आरकेजीएस पैलेट प्लांट का निरीक्षण करने के लिए गई टीम। स्रोत: कर्मच
- फोटो : Archive
जुलाना। धान कटाई के सीजन में पराली जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए कृषि एवं किसान कल्याण विभाग और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की संयुक्त टीम ने जुलाना क्षेत्र में निगरानी तेज कर दी है। टीम ने अनूपगढ़ और किलाजफरगढ़ क्षेत्र में पहुंचकर पैलेट प्लांटों का निरीक्षण किया और पराली के स्टॉक व उठान की स्थिति जांची।
एडीओ रेनू, एएससीओ संत कुमार और सीपीसीबी वैज्ञानिक अनंथा की टीम ने अनूपगढ़ स्थित एनसीआर क्लीन अर्थ सॉल्यूशन पैलेट प्लांट का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने प्लांट में रखी पराली की गांठों के स्टॉक, उनकी स्थिति और भंडारण व्यवस्था का जायजा लिया। इसके बाद टीम ने किलाजफरगढ़ स्थित आरकेजीएस पैलेट प्लांट और जुलाना के जय चौधरी पैलेट प्लांट का भी निरीक्षण किया।
अधिकारियों ने प्लांटों में पराली के उपयोग और कृषि अवशेषों के प्रबंधन की स्थिति देखी तथा नियमों के अनुसार व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। संयुक्त टीम ने क्षेत्र में पराली जलाने की दृष्टि से संवेदनशील हॉटस्पॉट पर भी निगरानी की। इस दौरान किसानों के साथ बैठकें कर उन्हें फसल अवशेषों में आग नहीं लगाने के लिए जागरूक किया गया।
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उप निदेशक कृषि एवं किसान कल्याण विभाग सुखदेव कंबोज ने किसानों से पराली न जलाने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसान बेलर से पराली की गांठें बनवाकर इन-सिटू और एक्स-सिटू योजनाओं का लाभ ले सकते हैं। इससे फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन होने के साथ किसानों की आय बढ़ाने और मिट्टी की उर्वरा शक्ति बनाए रखने में मदद मिलेगी।
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एडीओ रेनू, एएससीओ संत कुमार और सीपीसीबी वैज्ञानिक अनंथा की टीम ने अनूपगढ़ स्थित एनसीआर क्लीन अर्थ सॉल्यूशन पैलेट प्लांट का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने प्लांट में रखी पराली की गांठों के स्टॉक, उनकी स्थिति और भंडारण व्यवस्था का जायजा लिया। इसके बाद टीम ने किलाजफरगढ़ स्थित आरकेजीएस पैलेट प्लांट और जुलाना के जय चौधरी पैलेट प्लांट का भी निरीक्षण किया।
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अधिकारियों ने प्लांटों में पराली के उपयोग और कृषि अवशेषों के प्रबंधन की स्थिति देखी तथा नियमों के अनुसार व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। संयुक्त टीम ने क्षेत्र में पराली जलाने की दृष्टि से संवेदनशील हॉटस्पॉट पर भी निगरानी की। इस दौरान किसानों के साथ बैठकें कर उन्हें फसल अवशेषों में आग नहीं लगाने के लिए जागरूक किया गया।
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उप निदेशक कृषि एवं किसान कल्याण विभाग सुखदेव कंबोज ने किसानों से पराली न जलाने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसान बेलर से पराली की गांठें बनवाकर इन-सिटू और एक्स-सिटू योजनाओं का लाभ ले सकते हैं। इससे फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन होने के साथ किसानों की आय बढ़ाने और मिट्टी की उर्वरा शक्ति बनाए रखने में मदद मिलेगी।