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Jind News: पिंडारा और अहिरका के जर्जर स्कूलों में विभाग बनवाएगा नए कमरें
Thu, 07 Aug 2025 01:37 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Thu, 07 Aug 2025 01:37 AM IST
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स्कूल के भवन।
जींद। सरकार ने डीसी के माध्यम से प्रत्येक जिले में जर्जर स्कूलों की रिपोर्ट जिला शिक्षा अधिकारियों से मांगी गई थी। इसमें जींद ब्लॉक के तीन स्कूल हैं जिसमें अलग-अलग संख्या में कमरे जर्जर घोषित किए गए हैं।
सुंदरपुरा गांव के राजकीय कन्या प्राथमिक पाठशाला में नौ में सात जर्जर कमरे घोषित किए गए हैं। इसके अलावा पिंडारा के राजकीय हाई स्कूल और अहिरका गांव के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में छह-छह कमरे जर्जर घोषित किए गए हैं।
सरकारी स्कूलों में जर्जर बिल्डिंग, शिक्षकों की कमी और अन्य मूलभूत समस्याओं को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था। स्थानीय जिला शिक्षा अधिकारियों की ओर से जो रिपोर्ट सरकार को भेजी है उसमें से दो स्कूलों की समस्या को प्रमुखता से उठाया था। इन दोनों स्कूलों के जर्जर कमरों की बोली हो चुकी है। स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या अनुसार यहां नए कमरों का निर्माण होगा।
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इसमें से छह कमरे राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय अहिरका और छह कमरे राजकीय हाई स्कूल पांडू पिंडारा में हैं। इन स्कूलों में पर्याप्त कमरे न होने के कारण विद्यार्थियों को दूसरी कक्षाओं में बैठाया जा रहा है जिससे एक कक्ष में विद्यार्थियों की संख्या अधिक हो जाती है और विद्यार्थियों को भीड़ में बैठना पड़ता है। अहिरका के विद्यालय की जर्जर कमरों की बोली पांच अगस्त को चुकी है। बाद इसे गिराया जाएगा और उसकी जगह नए कमरे बनने में समय लगेगा।
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सुंदरपुरा गांव के राजकीय कन्या प्राथमिक पाठशाला में नौ में सात जर्जर कमरे घोषित किए गए हैं। इसके अलावा पिंडारा के राजकीय हाई स्कूल और अहिरका गांव के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में छह-छह कमरे जर्जर घोषित किए गए हैं।
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सरकारी स्कूलों में जर्जर बिल्डिंग, शिक्षकों की कमी और अन्य मूलभूत समस्याओं को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था। स्थानीय जिला शिक्षा अधिकारियों की ओर से जो रिपोर्ट सरकार को भेजी है उसमें से दो स्कूलों की समस्या को प्रमुखता से उठाया था। इन दोनों स्कूलों के जर्जर कमरों की बोली हो चुकी है। स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या अनुसार यहां नए कमरों का निर्माण होगा।
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इसमें से छह कमरे राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय अहिरका और छह कमरे राजकीय हाई स्कूल पांडू पिंडारा में हैं। इन स्कूलों में पर्याप्त कमरे न होने के कारण विद्यार्थियों को दूसरी कक्षाओं में बैठाया जा रहा है जिससे एक कक्ष में विद्यार्थियों की संख्या अधिक हो जाती है और विद्यार्थियों को भीड़ में बैठना पड़ता है। अहिरका के विद्यालय की जर्जर कमरों की बोली पांच अगस्त को चुकी है। बाद इसे गिराया जाएगा और उसकी जगह नए कमरे बनने में समय लगेगा।

स्कूल के भवन।