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दो हजार रुपये रिश्वत लेते एसआई गिरफ्तार
ब्यूरो/अमर उजाला, जींद
Updated Tue, 09 Sep 2014 12:19 AM IST
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विजिलेंस विभाग की टीम ने सोमवार सिविल लाइन में तैनात एएसआई को दो हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। एएसआई धोखाधड़ी के एक मामले में आरोपियों को गिरफ्तार करने की एवज में रिश्वत मांग रहा था। पुलिस ने एएसआई के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है।
गांव हाडवा निवासी उदय सिंह ने विजिलेंस विभाग को शिकायत दी थी कि 16 जून को सिविल लाइन पुलिस चौकी में शिकायत देकर उसने अर्बन एस्टेट निवासी हजकां नेता रविंद्र कुंडू तथा गांव रामराये निवासी पवन शर्मा तथा रविंद्र कुंडू की पुत्रवधू विजया कुंडू के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया था।
तीनों पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर दस लाख 40 हजार रुपये हड़पने का आरोप लगाया था। जिस पर पुलिस ने तीनों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया था और जांच का जिम्मा सिविल लाइन चौकी में तैनात एएसआई रमेश कुमार को सौंपा गया था। उदय सिंह ने आरोप लगाया कि एएसआई रमेश कुमार ने पहले तो आरोपी विजया कुंडू को मामले से निकाल दिया। पुलिस ने इस
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दौरान आरोपी गांव रामराये निवासी पवन शर्मा को गिरफ्तार कर लिया।
जबकि रविंद्र कुंडू को गिरफ्तार नहीं किया। जब इसके बारे में एएसआई रमेश से बात की तो उसने गिरफ्तार करने की एवज में दो हजार रुपये की मांग की। विजिलेंस विभाग ने उदय सिंह की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए छापामार दल का गठन किया गया। ड्यूटी मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार लखविंद्र सिंह को नियुक्त किया गया जबकि कार्रवाई को अंजाम देने के लिए निरीक्षक आजाद सिंह को जिम्मा सौंपा गया।
टीम में उप निरीक्षक कृष्णलाल, एएसआई अनिल, देवेंद्र, हवलदार ओमप्रकाश को शामिल किया गया। छापामार दल ने शिकायतकर्ता को 1000-1000 के दो नोट ड्यूटी मजिस्ट्रेट से हस्ताक्षरित करा पाउडर लगा कर दिए। योजना के तहत शिकायतकर्ता ने नोटों को सिविल लाइन पुलिस चौकी पहुंच कर एएसआई रमेश को दे दिए। इसी दौरान विजिलेंस विभाग की टीम ने एएसआई को पकड़ लिया और उसकी तलाशी लिए जाने पर जेब से दो हजार रुपये मिले।
तलाशी लिए जाने पर उसकी जेब से मजिस्ट्रेट द्वारा हस्ताक्षरित तथा पाउडर युक्त नोट बरामद हुए। हाथ धुलाए जाने पर उसके हाथों का रंग लाल हो गया। सतर्कता विभाग ने एएसआई रमेश के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है।
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गांव हाडवा निवासी उदय सिंह ने विजिलेंस विभाग को शिकायत दी थी कि 16 जून को सिविल लाइन पुलिस चौकी में शिकायत देकर उसने अर्बन एस्टेट निवासी हजकां नेता रविंद्र कुंडू तथा गांव रामराये निवासी पवन शर्मा तथा रविंद्र कुंडू की पुत्रवधू विजया कुंडू के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया था।
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तीनों पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर दस लाख 40 हजार रुपये हड़पने का आरोप लगाया था। जिस पर पुलिस ने तीनों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया था और जांच का जिम्मा सिविल लाइन चौकी में तैनात एएसआई रमेश कुमार को सौंपा गया था। उदय सिंह ने आरोप लगाया कि एएसआई रमेश कुमार ने पहले तो आरोपी विजया कुंडू को मामले से निकाल दिया। पुलिस ने इस
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दौरान आरोपी गांव रामराये निवासी पवन शर्मा को गिरफ्तार कर लिया।
जबकि रविंद्र कुंडू को गिरफ्तार नहीं किया। जब इसके बारे में एएसआई रमेश से बात की तो उसने गिरफ्तार करने की एवज में दो हजार रुपये की मांग की। विजिलेंस विभाग ने उदय सिंह की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए छापामार दल का गठन किया गया। ड्यूटी मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार लखविंद्र सिंह को नियुक्त किया गया जबकि कार्रवाई को अंजाम देने के लिए निरीक्षक आजाद सिंह को जिम्मा सौंपा गया।
टीम में उप निरीक्षक कृष्णलाल, एएसआई अनिल, देवेंद्र, हवलदार ओमप्रकाश को शामिल किया गया। छापामार दल ने शिकायतकर्ता को 1000-1000 के दो नोट ड्यूटी मजिस्ट्रेट से हस्ताक्षरित करा पाउडर लगा कर दिए। योजना के तहत शिकायतकर्ता ने नोटों को सिविल लाइन पुलिस चौकी पहुंच कर एएसआई रमेश को दे दिए। इसी दौरान विजिलेंस विभाग की टीम ने एएसआई को पकड़ लिया और उसकी तलाशी लिए जाने पर जेब से दो हजार रुपये मिले।
तलाशी लिए जाने पर उसकी जेब से मजिस्ट्रेट द्वारा हस्ताक्षरित तथा पाउडर युक्त नोट बरामद हुए। हाथ धुलाए जाने पर उसके हाथों का रंग लाल हो गया। सतर्कता विभाग ने एएसआई रमेश के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है।