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Jind News: दशरथ के बाण से श्रवण कुमार की माैत, मिला श्राप
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फोटो 3 नरवाना। श्रवण कुमार के मार्मिक प्रसंग प्रस्तुत करते हुए कलाकार। स्रोत आयोजक।
- फोटो : Archive
नरवाना। पुरानी अनाज लोहा मंडी में श्री रामा भारतीय कला केंद्र की ओर से रामलीला मंचन का शुभारंभ श्रवण कुमार के मार्मिक नाटक से किया गया। शुक्रवार को पहले दिन कलाकारों ने अपने सशक्त अभिनय से ऐसा भावुक दृश्य प्रस्तुत किया कि दर्शक भावुक हो गए।
कार्यक्रम में बाबा गैबी साहब के महंत अजय गिरी महाराज मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे। पूर्व नगर परिषद चेयरपर्सन प्रतिनिधि हंसराज समैण भी मौजूद रहे।
मंचन में दिखाया गया कि श्रवण कुमार अपने अंधे माता-पिता को तीर्थ यात्रा पर लेकर जा रहे थे। रास्ते में माता-पिता को प्यास लगने पर वह पानी लेने नहर पर पहुंचे। इसी दौरान शिकार कर रहे राजा दशरथ ने पानी भरने की आवाज को पशु की आहट समझ लिया और शब्दभेदी बाण चला दिया।
बाण लगने से श्रवण कुमार घायल हो गए। राजा दशरथ व्यथित हो उठे और श्रवण कुमार के माता-पिता को पूरी घटना बताई। इकलौते पुत्र की मृत्यु का समाचार सुनकर माता-पिता शोक में डूब गए और राजा दशरथ को पुत्र वियोग में मरने का श्राप दिया। नाटक में राजा दशरथ की भूमिका पं. मेहर चंद पुजारी, वशिष्ठ की भूमिका मंजीत गौरा व अन्य ने भूमिका निभाई।
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कार्यक्रम में बाबा गैबी साहब के महंत अजय गिरी महाराज मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे। पूर्व नगर परिषद चेयरपर्सन प्रतिनिधि हंसराज समैण भी मौजूद रहे।
मंचन में दिखाया गया कि श्रवण कुमार अपने अंधे माता-पिता को तीर्थ यात्रा पर लेकर जा रहे थे। रास्ते में माता-पिता को प्यास लगने पर वह पानी लेने नहर पर पहुंचे। इसी दौरान शिकार कर रहे राजा दशरथ ने पानी भरने की आवाज को पशु की आहट समझ लिया और शब्दभेदी बाण चला दिया।
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बाण लगने से श्रवण कुमार घायल हो गए। राजा दशरथ व्यथित हो उठे और श्रवण कुमार के माता-पिता को पूरी घटना बताई। इकलौते पुत्र की मृत्यु का समाचार सुनकर माता-पिता शोक में डूब गए और राजा दशरथ को पुत्र वियोग में मरने का श्राप दिया। नाटक में राजा दशरथ की भूमिका पं. मेहर चंद पुजारी, वशिष्ठ की भूमिका मंजीत गौरा व अन्य ने भूमिका निभाई।
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