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Jind News: नागरिक अस्पताल में दवाओं की किल्लत, 250 में से 99 के आगे ‘नो’, मरीज बाहर से खरीद रहे
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27जेएनडी17: तमन्ना।
जींद। नागरिक अस्पताल में दवाइयों की कमी के कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल की दवा खिड़की पर चस्पा 250 दवाइयों की सूची में से 99 के सामने ‘नो’ लिखा हुआ है, जबकि 151 दवाइयां उपलब्ध दर्शाई गई हैं।
ऐसे में चिकित्सकों की ओर से लिखी गई सभी दवाइयां मरीजों को अस्पताल से नहीं मिल पा रही हैं। मरीजों को कुछ दवाइयां बाहर मेडिकल स्टोर से खरीदनी पड़ रही हैं, जिससे उनके इलाज का खर्च बढ़ रहा है।
नागरिक अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन औसतन 1800 मरीज पहुंचते हैं। इनमें बड़ी संख्या आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की होती है, जो सरकारी अस्पताल में कम खर्च पर इलाज की उम्मीद लेकर आते हैं। जांच और चिकित्सक की सलाह के बाद दवाइयां लेने के लिए जब मरीज खिड़की पर पहुंचते हैं तो कई बार उन्हें एक या दो दवाइयां उपलब्ध नहीं होने की जानकारी दी जाती है। इससे उन्हें बाहर मेडिकल स्टोर का रुख करना पड़ता है।
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एनक्वास जांच के बीच दवा उपलब्धता पर सवाल
नागरिक अस्पताल में एनक्वास टीम की ओर से व्यवस्थाओं का आकलन किया जा रहा है। ऐसे में साफ-सफाई और उपचार सुविधाओं के साथ मरीजों को जरूरी दवाइयां उपलब्ध करवाना भी महत्वपूर्ण है। दवाओं की कमी के कारण मरीजों को बाहर से दवाइयां खरीदनी पड़ रही हैं। ऐसे में दवा स्टॉक की नियमित समीक्षा और कमी वाली दवाइयों की समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करना जरूरी है ताकि मरीजों को एक ही स्थान पर उपचार के साथ दवाइयां भी मिल सकें।
वर्जन
वह अपने सात दिन के बच्चे की दवाई लेने के लिए आई हूं। काफी देर तक लाइन में खड़ें होकर अपनी बारी का इंतजार किया। इसके बाद जब दवा खिड़की पर पहुंचीं तो दवाई नहीं होने की बात कही। उन्हें बाहर से दवा खरीदने के लिए कहा गया। -तमन्ना, राजनगर निवासी
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दांत दर्द की दवाई लेने अस्पताल आई हूं। चिकित्सक ने दवाइयां लिखीं लेकिन दवा खिड़की से दो ही मिल सकीं। एक दवा बाहर से खरीदने के लिए कहा। जब चिकित्सक अस्पताल में ही दवा लिखते हैं तो पर्ची की सभी दवाइयां वहीं उपलब्ध होनी चाहिए -शीला देवी, लुदाना
बाक्स
काफी समय पहले सिर में चोट लगी थी। अब दर्द रहता है। इलाज के लिए वह अस्पताल में आई हैं। काफी देर तक लाइन में लगी जब दवा खिड़की पर पहुंची तो दवा नहीं मिली। उन्हें बाहर से दवा लेने के लिए कहा गया।
-बंटी उगालन
बाक्स
अस्पताल में खांसी की दवाई लेने के लिए आई थी। इससे पहले तीन बार लाइन में लगना पड़ा। पहले पर्ची काउंटर, फिर चिकित्सक की ओपीडी का इंतजार किया। अब दवा खिड़की पर आई तो यहां पर खांसी की दवाई नहीं मिली। अब दवाई बाहर से लेनी पड़ेगी। -मुन्नी देवी, विकास नगर
बाक्स
नागरिक अस्पताल के पीएमओ डॉ. रघुवीर पूनिया ने बताया कि अस्पताल में जिन दवाइयों की कमी है, उन्हें मंगवाया गया है। जल्द ही अस्पताल में सभी दवाइयां उपलब्ध करवाई जाएंगी। किसी भी मरीज को परेशानी नहीं आने दी जाएगी। -डॉ. रघुवीर पूनिया, पीएमओ नागरिक अस्पताल जींद।
फोटो कैप्शन
27जेएनडी17: तमन्ना।
27जेएनडी18: शीला देवी।
27जेएनडी19: बंटी।
27जेएनडी20: मुन्नी देवी।
27जेएनडी21: नागरिक अस्पताल की दवा खिड़की पर लगी मरीजों की भीड़। संवाद
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ऐसे में चिकित्सकों की ओर से लिखी गई सभी दवाइयां मरीजों को अस्पताल से नहीं मिल पा रही हैं। मरीजों को कुछ दवाइयां बाहर मेडिकल स्टोर से खरीदनी पड़ रही हैं, जिससे उनके इलाज का खर्च बढ़ रहा है।
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नागरिक अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन औसतन 1800 मरीज पहुंचते हैं। इनमें बड़ी संख्या आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की होती है, जो सरकारी अस्पताल में कम खर्च पर इलाज की उम्मीद लेकर आते हैं। जांच और चिकित्सक की सलाह के बाद दवाइयां लेने के लिए जब मरीज खिड़की पर पहुंचते हैं तो कई बार उन्हें एक या दो दवाइयां उपलब्ध नहीं होने की जानकारी दी जाती है। इससे उन्हें बाहर मेडिकल स्टोर का रुख करना पड़ता है।
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एनक्वास जांच के बीच दवा उपलब्धता पर सवाल
नागरिक अस्पताल में एनक्वास टीम की ओर से व्यवस्थाओं का आकलन किया जा रहा है। ऐसे में साफ-सफाई और उपचार सुविधाओं के साथ मरीजों को जरूरी दवाइयां उपलब्ध करवाना भी महत्वपूर्ण है। दवाओं की कमी के कारण मरीजों को बाहर से दवाइयां खरीदनी पड़ रही हैं। ऐसे में दवा स्टॉक की नियमित समीक्षा और कमी वाली दवाइयों की समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करना जरूरी है ताकि मरीजों को एक ही स्थान पर उपचार के साथ दवाइयां भी मिल सकें।
वर्जन
वह अपने सात दिन के बच्चे की दवाई लेने के लिए आई हूं। काफी देर तक लाइन में खड़ें होकर अपनी बारी का इंतजार किया। इसके बाद जब दवा खिड़की पर पहुंचीं तो दवाई नहीं होने की बात कही। उन्हें बाहर से दवा खरीदने के लिए कहा गया। -तमन्ना, राजनगर निवासी
दांत दर्द की दवाई लेने अस्पताल आई हूं। चिकित्सक ने दवाइयां लिखीं लेकिन दवा खिड़की से दो ही मिल सकीं। एक दवा बाहर से खरीदने के लिए कहा। जब चिकित्सक अस्पताल में ही दवा लिखते हैं तो पर्ची की सभी दवाइयां वहीं उपलब्ध होनी चाहिए -शीला देवी, लुदाना
बाक्स
काफी समय पहले सिर में चोट लगी थी। अब दर्द रहता है। इलाज के लिए वह अस्पताल में आई हैं। काफी देर तक लाइन में लगी जब दवा खिड़की पर पहुंची तो दवा नहीं मिली। उन्हें बाहर से दवा लेने के लिए कहा गया।
-बंटी उगालन
बाक्स
अस्पताल में खांसी की दवाई लेने के लिए आई थी। इससे पहले तीन बार लाइन में लगना पड़ा। पहले पर्ची काउंटर, फिर चिकित्सक की ओपीडी का इंतजार किया। अब दवा खिड़की पर आई तो यहां पर खांसी की दवाई नहीं मिली। अब दवाई बाहर से लेनी पड़ेगी। -मुन्नी देवी, विकास नगर
बाक्स
नागरिक अस्पताल के पीएमओ डॉ. रघुवीर पूनिया ने बताया कि अस्पताल में जिन दवाइयों की कमी है, उन्हें मंगवाया गया है। जल्द ही अस्पताल में सभी दवाइयां उपलब्ध करवाई जाएंगी। किसी भी मरीज को परेशानी नहीं आने दी जाएगी। -डॉ. रघुवीर पूनिया, पीएमओ नागरिक अस्पताल जींद।
फोटो कैप्शन
27जेएनडी17: तमन्ना।
27जेएनडी18: शीला देवी।
27जेएनडी19: बंटी।
27जेएनडी20: मुन्नी देवी।
27जेएनडी21: नागरिक अस्पताल की दवा खिड़की पर लगी मरीजों की भीड़। संवाद

27जेएनडी17: तमन्ना।

27जेएनडी17: तमन्ना।

27जेएनडी17: तमन्ना।

27जेएनडी17: तमन्ना।