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प्रमोशन में एससी कर्मचारियों को मिले 20 प्रतिशत प्रतिनिधित्व : मनोज चहल
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फोटो 12जेएनडी20-डिपो परिसर में आयोजित बैठक को संबोधित करते राज्य प्रधान मनोज चहल। स्रोत सदस्य
जींद। हरियाणा रोडवेज स्वतंत्र कर्मचारी यूनियन ने सरकार से अनुसूचित जाति के कर्मचारियों को पदोन्नति में आरक्षण के तहत 20 प्रतिशत प्रतिनिधित्व देने और लंबे समय से लंबित प्रमोशन जल्द करने की मांग की है। यूनियन के राज्य प्रधान मनोज चहल डिपो परिसर में डिपो पदाधिकारियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि रोडवेज विभाग में परिचालक करीब 18 वर्षों से पदोन्नति का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन उनकी मांग पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। वर्ष 2008 में भर्ती परिचालकों को उपनिरीक्षक के रिक्त पदों पर जल्द पदोन्नत किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार कर्मचारियों के ओवरटाइम, एलटीसी और अन्य भत्तों का भुगतान समय पर सुनिश्चित करे। कर्मचारियों के अर्जित अवकाश में कटौती के आदेश वापस लेकर पुरानी व्यवस्था बहाल की जाए।
इसके अलावा विभाग के मुख्यालय और डिपो स्तर पर रोस्टर रजिस्टर लागू किया जाए, ताकि पदोन्नति में आरक्षण से संबंधित व्यवस्था पारदर्शी तरीके से लागू हो सके। यूनियन ने अनुसूचित जाति के कर्मचारियों के बैकलॉग को विशेष भर्ती के माध्यम से भरने की मांग की। उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग के चालक-परिचालकों, ग्रुप डी के कॉमन कैडर और कर्मशाला कर्मचारियों को सभी राजपत्रित अवकाश दिए जाएं।
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चालक और परिचालक का पे-ग्रेड भी संशोधित किया जाए। हरियाणा कौशल रोजगार निगम के तहत होने वाली भर्तियों में भी अनुसूचित जाति के लिए 20 प्रतिशत प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की मांग उठाई गई। उन्होंने कहा कि सरकार की 15 मई 2015 की नीति के तहत पदोन्नति में आरक्षण दिया जाए। वर्ष 1992 से 2004 के बीच भर्ती कर्मचारियों को नियुक्ति तिथि से नियमित करने की मांग भी की गई।
इस दौरान महासचिव संदीप बौद्ध, कोषाध्यक्ष विजय कुमार, ऑडिटर सतीश कुमार, गुरदास सिरोही, पूर्व प्रधान बलवंत सिंह, कैथल डिपो प्रधान आनंद सिंह, करनाल डिपो प्रधान राजकुमार, कर्मवीर रंगा, जींद डिपो प्रधान राजेश चोपड़ा, विनोद कुमार और संदीप मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि रोडवेज विभाग में परिचालक करीब 18 वर्षों से पदोन्नति का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन उनकी मांग पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। वर्ष 2008 में भर्ती परिचालकों को उपनिरीक्षक के रिक्त पदों पर जल्द पदोन्नत किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार कर्मचारियों के ओवरटाइम, एलटीसी और अन्य भत्तों का भुगतान समय पर सुनिश्चित करे। कर्मचारियों के अर्जित अवकाश में कटौती के आदेश वापस लेकर पुरानी व्यवस्था बहाल की जाए।
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इसके अलावा विभाग के मुख्यालय और डिपो स्तर पर रोस्टर रजिस्टर लागू किया जाए, ताकि पदोन्नति में आरक्षण से संबंधित व्यवस्था पारदर्शी तरीके से लागू हो सके। यूनियन ने अनुसूचित जाति के कर्मचारियों के बैकलॉग को विशेष भर्ती के माध्यम से भरने की मांग की। उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग के चालक-परिचालकों, ग्रुप डी के कॉमन कैडर और कर्मशाला कर्मचारियों को सभी राजपत्रित अवकाश दिए जाएं।
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चालक और परिचालक का पे-ग्रेड भी संशोधित किया जाए। हरियाणा कौशल रोजगार निगम के तहत होने वाली भर्तियों में भी अनुसूचित जाति के लिए 20 प्रतिशत प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की मांग उठाई गई। उन्होंने कहा कि सरकार की 15 मई 2015 की नीति के तहत पदोन्नति में आरक्षण दिया जाए। वर्ष 1992 से 2004 के बीच भर्ती कर्मचारियों को नियुक्ति तिथि से नियमित करने की मांग भी की गई।
इस दौरान महासचिव संदीप बौद्ध, कोषाध्यक्ष विजय कुमार, ऑडिटर सतीश कुमार, गुरदास सिरोही, पूर्व प्रधान बलवंत सिंह, कैथल डिपो प्रधान आनंद सिंह, करनाल डिपो प्रधान राजकुमार, कर्मवीर रंगा, जींद डिपो प्रधान राजेश चोपड़ा, विनोद कुमार और संदीप मौजूद रहे।