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Jind News: दो दिवसीय हड़ताल को सफल बनाने के लिए रोडवेज कर्मचारियों ने की गेट मीटिंग
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फोटो 27जेएनडी01-बस अड्डे पर हुई गेट मीटिंग में पहुंचे सांझा मोर्चा सदस्य। स्रोत कर्मचारी
जींद। हरियाणा रोडवेज कर्मचारी सांझा मोर्चा ने पांच और छह नवंबर को प्रस्तावित दो दिवसीय हड़ताल को लेकर मंगलवार को डिपो में गेट मीटिंग की। इसमें कर्मचारियों से हड़ताल को सफल बनाने का आह्वान किया गया।
बैठक में जयबीर घणघस, जगदीप लाठर, वीरेंद्र सिंह, नीरज शर्मा, संजीव कुमार, सुरेंद्र कुमार, कृष्ण नोहरा, श्रीभगवान, पवन सहारण, अशोक खोखर और अनूप लाठर ने कहा कि सरकार की निजी परमिट, किलोमीटर स्कीम और ठेके पर महंगी इलेक्ट्रिक बसें चलाने की नीतियां रोडवेज के हितों के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी बसों की संख्या बढ़ाने के बजाय निजी बसों को बढ़ावा देना कर्मचारियों और आम जनता, दोनों के हितों को प्रभावित करेगा।
निजी सोसायटी की बसों में बुजुर्गों, विद्यार्थियों और महिलाओं को सरकारी बसों में मिलने वाली सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। मोर्चा की मांग है कि प्रत्येक गांव तक सरकारी बस सेवा पहुंचाई जाए। स्कूल और कॉलेज के समय छात्राओं के लिए अलग स्पेशल सरकारी बसें चलाई जाएं, ताकि उन्हें सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके।
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उन्होंने कहा कि सरकार को सात सूत्री मांगपत्र सौंपा गया है, जिसमें सरकारी बसों की संख्या बढ़ाने, नियमित भर्ती करने और कर्मचारियों की लंबित आर्थिक मांगें लागू करने की मांग शामिल है। मोर्चा नेताओं ने कहा कि यह हड़ताल केवल कर्मचारियों की मांगों तक सीमित नहीं है, बल्कि सरकारी परिवहन व्यवस्था, सस्ती यात्रा और युवाओं के रोजगार को बचाने की लड़ाई भी है।बॉक्स
परिचालकों और चालकों का पे ग्रेड बढ़ाने की मांग
कर्मचारियों ने परिचालकों और चालकों का पे ग्रेड बढ़ाने, उप निरीक्षकों के रिक्त पदों पर शीघ्र पदोन्नति करने, वर्ष 2016 में भर्ती चालकों को पक्का करने और बकाया बोनस का भुगतान करने की मांग उठाई। इसके अलावा हरियाणा कौशल रोजगार निगम के कर्मचारियों को नियमित करने, काटी गई अर्जित छुट्टियां बहाल करने और जोखिम भत्ता देने की मांग भी की गई।
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बैठक में जयबीर घणघस, जगदीप लाठर, वीरेंद्र सिंह, नीरज शर्मा, संजीव कुमार, सुरेंद्र कुमार, कृष्ण नोहरा, श्रीभगवान, पवन सहारण, अशोक खोखर और अनूप लाठर ने कहा कि सरकार की निजी परमिट, किलोमीटर स्कीम और ठेके पर महंगी इलेक्ट्रिक बसें चलाने की नीतियां रोडवेज के हितों के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी बसों की संख्या बढ़ाने के बजाय निजी बसों को बढ़ावा देना कर्मचारियों और आम जनता, दोनों के हितों को प्रभावित करेगा।
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निजी सोसायटी की बसों में बुजुर्गों, विद्यार्थियों और महिलाओं को सरकारी बसों में मिलने वाली सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। मोर्चा की मांग है कि प्रत्येक गांव तक सरकारी बस सेवा पहुंचाई जाए। स्कूल और कॉलेज के समय छात्राओं के लिए अलग स्पेशल सरकारी बसें चलाई जाएं, ताकि उन्हें सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके।
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उन्होंने कहा कि सरकार को सात सूत्री मांगपत्र सौंपा गया है, जिसमें सरकारी बसों की संख्या बढ़ाने, नियमित भर्ती करने और कर्मचारियों की लंबित आर्थिक मांगें लागू करने की मांग शामिल है। मोर्चा नेताओं ने कहा कि यह हड़ताल केवल कर्मचारियों की मांगों तक सीमित नहीं है, बल्कि सरकारी परिवहन व्यवस्था, सस्ती यात्रा और युवाओं के रोजगार को बचाने की लड़ाई भी है।बॉक्स
परिचालकों और चालकों का पे ग्रेड बढ़ाने की मांग
कर्मचारियों ने परिचालकों और चालकों का पे ग्रेड बढ़ाने, उप निरीक्षकों के रिक्त पदों पर शीघ्र पदोन्नति करने, वर्ष 2016 में भर्ती चालकों को पक्का करने और बकाया बोनस का भुगतान करने की मांग उठाई। इसके अलावा हरियाणा कौशल रोजगार निगम के कर्मचारियों को नियमित करने, काटी गई अर्जित छुट्टियां बहाल करने और जोखिम भत्ता देने की मांग भी की गई।