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Jind News: ऑनलाइन हुनर सीख रविता तैयार कर रहीं कैंडल
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27जेएनडी06: बेटी के जन्म पर कुआं पूजन कार्यक्रम में मौजूद परिजन। स्रोत: परिजन
संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। मन में कुछ नया करने का जुनून हो तो घर बैठे भी अपने हुनर को रोजगार में बदला जा सकता है। जींद की रविता जालंधरा ने इसी सोच के साथ सवा साल पहले हैंडक्राफ्टिंग का काम शुरू किया। खुद कुछ अलग करने के शौक ने उन्हें ऑनलाइन कक्षाओं के जरिये नई कला सीखने के लिए प्रेरित किया।
जम्मू-कश्मीर से ऑनलाइन प्रशिक्षण लेकर उन्होंने मोमबत्तियां और सजावटी सामान बनाना शुरू किया। आज वह आर्य क्रिएशन के नाम से घर से ही अपना कारोबार चला रही हैं और त्योहारों पर उनके उत्पादों की मांग बढ़ रही है।
रविता सामान्य मोमबत्तियों से अलग कई तरह की खुशबूदार कैंडल तैयार करती हैं जो लंबे समय तक जलने के साथ कमरे में अच्छी महक भी फैलाती हैं। वह टेराकोटा, ग्लास जार, मेटल जार और कंक्रीट जार में कैंडल बनाने के साथ शुभ-लाभ, सजावटी सामान, टेबल लैंप और मनी प्लांट जैसे उत्पाद भी तैयार करती हैं।
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ग्राहकों की जरूरत और पसंद के अनुसार डिजाइन व सामान तैयार किया जाता है। सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचार कर वह ऑनलाइन ऑर्डर लेती हैं और घर से ही डिलीवरी की व्यवस्था करती हैं। दिल्ली से उन्हें अच्छे ऑर्डर मिल रहे हैं, जबकि अब जींद में भी उनके उत्पादों की मांग बढ़ने लगी है।
स्वदेशी मेले में आकर्षण बनी स्टॉल: एसडी स्कूल के पास आयोजित स्वदेशी मेले में रविता की स्टॉल पर उनके हाथों से तैयार उत्पाद देखने के लिए लोग पहुंच रहे हैं। उनके बनाए सजावटी सामान और खुशबूदार कैंडल लोगों का ध्यान खींच रहे हैं।
स्वदेशी उत्पादों को अपनाने से स्थानीय हुनर और छोटे कारोबार को प्रोत्साहन मिलता है। रविता की पहल बताती है कि महिलाएं ही नहीं, पुरुष भी अपने शौक को हुनर में बदलकर घर से कारोबार शुरू कर सकते हैं। स्वदेशी उत्पादों को अपनाने से स्थानीय हुनर और छोटे कारोबार को प्रोत्साहन मिलता है।
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जींद। मन में कुछ नया करने का जुनून हो तो घर बैठे भी अपने हुनर को रोजगार में बदला जा सकता है। जींद की रविता जालंधरा ने इसी सोच के साथ सवा साल पहले हैंडक्राफ्टिंग का काम शुरू किया। खुद कुछ अलग करने के शौक ने उन्हें ऑनलाइन कक्षाओं के जरिये नई कला सीखने के लिए प्रेरित किया।
जम्मू-कश्मीर से ऑनलाइन प्रशिक्षण लेकर उन्होंने मोमबत्तियां और सजावटी सामान बनाना शुरू किया। आज वह आर्य क्रिएशन के नाम से घर से ही अपना कारोबार चला रही हैं और त्योहारों पर उनके उत्पादों की मांग बढ़ रही है।
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रविता सामान्य मोमबत्तियों से अलग कई तरह की खुशबूदार कैंडल तैयार करती हैं जो लंबे समय तक जलने के साथ कमरे में अच्छी महक भी फैलाती हैं। वह टेराकोटा, ग्लास जार, मेटल जार और कंक्रीट जार में कैंडल बनाने के साथ शुभ-लाभ, सजावटी सामान, टेबल लैंप और मनी प्लांट जैसे उत्पाद भी तैयार करती हैं।
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स्वदेशी मेले में आकर्षण बनी स्टॉल: एसडी स्कूल के पास आयोजित स्वदेशी मेले में रविता की स्टॉल पर उनके हाथों से तैयार उत्पाद देखने के लिए लोग पहुंच रहे हैं। उनके बनाए सजावटी सामान और खुशबूदार कैंडल लोगों का ध्यान खींच रहे हैं।
स्वदेशी उत्पादों को अपनाने से स्थानीय हुनर और छोटे कारोबार को प्रोत्साहन मिलता है। रविता की पहल बताती है कि महिलाएं ही नहीं, पुरुष भी अपने शौक को हुनर में बदलकर घर से कारोबार शुरू कर सकते हैं। स्वदेशी उत्पादों को अपनाने से स्थानीय हुनर और छोटे कारोबार को प्रोत्साहन मिलता है।