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Jind News: बरसात और आंधी ने किसानों की मेहनत पर फेरा पानी, खेतों में बिछी धान की फसल

Tue, 13 Oct 2026 12:57 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 13 Oct 2026 12:57 AM IST
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Rain and storms ruined the hard work of farmers, leaving paddy fields lying in ruins.
12जेएनडी21: शीशराम किसान।
जींद। धान की फसल बेचकर घर लौटने की उम्मीद लगाए बैठे किसानों की परेशानी रविवार रात हुई बरसात और तेज आंधी ने बढ़ा दी। खेतों में पककर तैयार खड़ी धान की फसल जमीन पर बिछ गई, वहीं मंडियों में बिक्री के लिए पहुंचा करीब दो लाख क्विंटल धान बारिश में भीग गया। किसानों और आढ़तियों को अब भीगे धान को सुखाने की चिंता सता रही है। खरीद व्यवस्था में आ रही अड़चनों ने भी उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
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पिल्लूखेड़ा क्षेत्र में बरसात और आंधी के कारण करीब पांच हजार एकड़ में धान की फसल गिरने का अनुमान है। खेतों में फसल गिरने से किसानों को नुकसान हुआ है। जमीन पर बिछी धान की फसल की कटाई में भी दिक्कत आएगी।
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किसानों को आशंका है कि मौसम खराब रहने पर फसल की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है और मंडी में उपज बेचने के दौरान परेशानी झेलनी पड़ सकती है। पहले ही धान की कटाई और मंडियों में बिक्री को लेकर दबाव झेल रहे किसानों के सामने अब मौसम की मार नई चुनौती बनकर आई है।
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रात की बारिश से सफीदों और पिल्लूखेड़ा सहित मंडियों में खुले में पड़ा धान भीग गया। सुबह मौसम खुलने पर किसानों और आढ़तियों ने धान को सुखाने के लिए मंडियों में फैलाया। करीब दो लाख क्विंटल धान के भीगने से खरीद और उठान की प्रक्रिया पर भी असर पड़ने की आशंका है। किसानों को चिंता है कि यदि दोबारा बारिश हुई तो धान को सुखाना मुश्किल होगा और उपज को सुरक्षित रखना चुनौती बन जाएगा।

बारदाने की कमी और मिल आवंटन नहीं होने से खरीद में अड़चन
पिल्लूखेड़ा मंडी में खरीदे गए धान को भरने के लिए बारदाना नहीं पहुंचने की समस्या सामने आई है। इससे खरीदी गई उपज के भंडारण और आगे की प्रक्रिया में परेशानी हो रही है। वहीं, जींद अनाजमंडी को मिल आवंटित नहीं होने के कारण आढ़तियों ने धान खरीदने से मना कर दिया। ऐसे में मंडी में फसल लेकर पहुंचने वाले किसानों को खरीद शुरू होने का इंतजार करना पड़ सकता है। किसानों के सामने एक तरफ खेतों में गिरी फसल को संभालने और दूसरी तरफ मंडियों में भीगी उपज को सुखाकर बेचने की चुनौती है। खरीद व्यवस्था में आ रही बाधाओं के बीच किसान चाहते हैं कि मंडियों में धान की खरीद सुचारु रूप से हो, बारदाने की कमी दूर की जाए और भीगी उपज को सुरक्षित रखने के पर्याप्त इंतजाम हों, ताकि उन्हें मौसम की मार के साथ-साथ मंडियों में भी परेशानी न झेलनी पड़े।
बाक्स
वह जींद मंडी में पीआर धान लेकर आए थे। यहां पर आने के बाद पता चला कि आढ़तियों ने फैसला लिया है कि जब तक पुराना बिका हुआ धान नहीं उठाया जाएगा। वह आगामी धान नहीं खरीदेंगे। इसके कारण उन्हें परेशानी हुई है। -शीशराम कागसर

बाक्स
मंडी में मिलर्स की मांग को लेकर डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण मिड्ढा, मंत्री कृष्ण पंवार, डीसी डॉ. वैशाली शर्मा से भी मिल चुके हैं लेकिन हर जगह से आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला। इसके विरोध में पीआर धान खरीद मंडी में बंद की है ताकि जब तक पहले खरीदी गई धान का उठान नहीं होगा तब तक वह नई धान नहीं खरीदेंगे।
-दलशेर रेढू प्रधान आढ़ती वेलफेयर एसोसिएशन जींद नई अनाज मंडी।
फोटो कैप्शन
12जेएनडी21: शीशराम किसान।
12जेएनडी22: ढाठरथ गांव में बरसात के कारण बिछी फसल। संवाद
12जेएनडी23: पिल्लूखेड़ा मंडी में भीगे धान को सुखाते हुए। संवाद

12जेएनडी21: शीशराम किसान।

12जेएनडी21: शीशराम किसान।

12जेएनडी21: शीशराम किसान।

12जेएनडी21: शीशराम किसान।

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