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Jind News: चावल मिल के आवंटन में अटकी पीआर धान की एमएसपी खरीद, आढ़तियों ने अधिकारियों से लगाई गुहार
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05जेएनडी18:शहर की अनाजमंडी में लगी धान की ढेरी। संवाद
- फोटो : Archive
जींद। अनाज मंडियों में पीआर धान की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद शुरू करने के सरकारी आदेश के एक सप्ताह बाद भी नई अनाज मंडी में खरीद व्यवस्था पटरी पर नहीं आ पाई है। मंडी में हैफेड को खरीद एजेंसी बनाया गया है लेकिन अब तक चावल मिल का आवंटन नहीं होने के कारण किसानों की पीआर धान की एमएसपी पर खरीद शुरू नहीं हो सकी है।
सोमवार तक मंडी में करीब 1100 क्विंटल पीआर धान पहुंच चुका है। खरीद में हो रही देरी को लेकर आढ़तियों में भी चिंता बढ़ने लगी है। सोमवार को आढ़तियों के प्रतिनिधिमंडल ने जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक राजेश आर्य और हैफेड के जिला प्रबंधक अनुराग गुप्ता से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने अधिकारियों से मांग की कि हैफेड के लिए तत्काल चावल मिल आवंटित की जाए ताकि मंडी में पीआर धान की एमएसपी पर खरीद शुरू हो सके।
आढ़तियों ने अधिकारियों को बताया कि आने वाले दिनों में धान की आवक बढ़ने की संभावना है। ऐसे में यदि समय रहते खरीद शुरू नहीं हुई तो मंडी में धान का दबाव बढ़ सकता है और किसानों व आढ़तियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
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29 सितंबर से शुरू होनी थी खरीद
सरकार ने प्रदेश की अनाज मंडियों में 29 सितंबर से पीआर धान की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद शुरू करने के निर्देश दिए थे। प्रत्येक खरीद सीजन से पहले खरीद एजेंसियों और मार्केट कमेटियों की ओर से मंडियों में आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी की जाती हैं। इनमें खरीद एजेंसी के लिए चावल मिल का आवंटन भी अहम प्रक्रिया है। जींद की नई अनाज मंडी में पीआर धान की खरीद की जिम्मेदारी हैफेड को दी गई है लेकिन अब तक चावल मिल तय नहीं होने से खरीद प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई। आढ़ती कल्याण संघ के प्रधान दलशेर रेढू, सुनील कंडेला, द न्यू फूडग्रेन डीलर्स कल्याण संघ के प्रधान जगदीश भारद्वाज, प्रदीप गर्ग और गौरीशंकर जिंदल ने हैफेड के जिला प्रबंधक अनुराग गुप्ता और जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक राजेश आर्य से मुलाकात की।
कुरुक्षेत्र की मिल के लिए भेजा प्रस्ताव
आढ़तियों का प्रतिनिधिमंडल उनसे मिला था। जींद मंडी के लिए हैफेड को खरीद एजेंसी निर्धारित किया गया है। हैफेड की ओर से जिले से बाहर कुरुक्षेत्र आदि क्षेत्र की चावल मिल आवंटित करने के लिए सोमवार को डीसी को अनुशंसा पत्र भेजा गया है। प्रक्रिया पूरी होने में एक-दो दिन लग सकते हैं। इसके बाद मंडी में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर पीआर धान की खरीद शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि चावल मिल तय होने के बाद धान के उठान में भी परेशानी नहीं आएगी। समय पर उठान नहीं होने पर आढ़तियों को धान में कमी आने जैसी समस्या का जोखिम रहता है। -राजेश आर्य, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक
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सोमवार तक मंडी में करीब 1100 क्विंटल पीआर धान पहुंच चुका है। खरीद में हो रही देरी को लेकर आढ़तियों में भी चिंता बढ़ने लगी है। सोमवार को आढ़तियों के प्रतिनिधिमंडल ने जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक राजेश आर्य और हैफेड के जिला प्रबंधक अनुराग गुप्ता से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने अधिकारियों से मांग की कि हैफेड के लिए तत्काल चावल मिल आवंटित की जाए ताकि मंडी में पीआर धान की एमएसपी पर खरीद शुरू हो सके।
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आढ़तियों ने अधिकारियों को बताया कि आने वाले दिनों में धान की आवक बढ़ने की संभावना है। ऐसे में यदि समय रहते खरीद शुरू नहीं हुई तो मंडी में धान का दबाव बढ़ सकता है और किसानों व आढ़तियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
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29 सितंबर से शुरू होनी थी खरीद
सरकार ने प्रदेश की अनाज मंडियों में 29 सितंबर से पीआर धान की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद शुरू करने के निर्देश दिए थे। प्रत्येक खरीद सीजन से पहले खरीद एजेंसियों और मार्केट कमेटियों की ओर से मंडियों में आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी की जाती हैं। इनमें खरीद एजेंसी के लिए चावल मिल का आवंटन भी अहम प्रक्रिया है। जींद की नई अनाज मंडी में पीआर धान की खरीद की जिम्मेदारी हैफेड को दी गई है लेकिन अब तक चावल मिल तय नहीं होने से खरीद प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई। आढ़ती कल्याण संघ के प्रधान दलशेर रेढू, सुनील कंडेला, द न्यू फूडग्रेन डीलर्स कल्याण संघ के प्रधान जगदीश भारद्वाज, प्रदीप गर्ग और गौरीशंकर जिंदल ने हैफेड के जिला प्रबंधक अनुराग गुप्ता और जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक राजेश आर्य से मुलाकात की।
कुरुक्षेत्र की मिल के लिए भेजा प्रस्ताव
आढ़तियों का प्रतिनिधिमंडल उनसे मिला था। जींद मंडी के लिए हैफेड को खरीद एजेंसी निर्धारित किया गया है। हैफेड की ओर से जिले से बाहर कुरुक्षेत्र आदि क्षेत्र की चावल मिल आवंटित करने के लिए सोमवार को डीसी को अनुशंसा पत्र भेजा गया है। प्रक्रिया पूरी होने में एक-दो दिन लग सकते हैं। इसके बाद मंडी में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर पीआर धान की खरीद शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि चावल मिल तय होने के बाद धान के उठान में भी परेशानी नहीं आएगी। समय पर उठान नहीं होने पर आढ़तियों को धान में कमी आने जैसी समस्या का जोखिम रहता है। -राजेश आर्य, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक