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Jind News: जींद से बसें भेजने पर अलेवा व मालवी जैसे लोकल रूट बाधित
Thu, 18 Sep 2025 12:02 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Thu, 18 Sep 2025 12:02 AM IST
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17जेएनडी23-बस स्टैंड परिसर में बूथ पर इंतजार में खड़े यात्री। संवाद
जींद। रोहतक में आयोजित राज्यस्तरीय विश्वकर्मा जयंती के चलते जींद डिपो से 48 बस भेजी गई। इस कारण रामकली, शामलो, ढिगाना, हथवाला, गोहियां मांडी, अलेवा, उगालन, मालवी खरैंटी, बुआना, किठाना जैसे लोकल रूट के साथ-साथ भिवानी, कैथल व टोहाना जैसे रूट भी बाधित हुए। जहां लोगों को समय से बस न मिलने पर परेशानी का सामना करना पड़ा।
बसों की कमी के चलते यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। जींद डिपो में इस समय रोडवेज बसों की संख्या 168 हैं और हर रोज लगभग 16 हजार यात्री सफर करते हैं जिससे डिपो को एक दिन में लगभग दस लाख रुपये से ज्यादा का राजस्व प्राप्त होता है लेकिन 48 बस के जाने पर यात्रियों को लोकल रूट पर परेशानी का सामना करना पड़ा।
वहीं हांसी, असंध, नरवाना और गोहाना जैसे रूट पर यात्रियों को प्राइवेट बसों का ही आसरा रहा। जिलेभर में अलग-अलग रूटों पर 162 प्राइवेट बसें दौड़ रही हैं। इनमें नरवाना रूट पर 31, असंध रूट पर 16, गोहाना, बरवाला रूट पर 19, हांसी रूट पर 26, पुंडरी रूट पर तीन, जींद से पानीपत रूट पर 26, पिल्लूखेड़ा से रोहतक रूट पर पांच, नरवाना से हांसी रूट पर पांच, नरवाना से कैथल रूट पर 24 और नरवाना से हिसार रूट पर 20 निजी बस चलती हैं।
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प्रदेश भर से 329 बसों की गई थी डिमांड
आगार का नाम-बसों की संख्या
अंबाला-05
भिवानी-29
चरखीदादरी-06
फरीदाबाद-02
फतेहाबाद-17
हिसार-24
जींद-39
झज्जर-50
कुरुक्षेत्र-07
कै थल-21
करनाल-02
नारनौल/महेंद्रगढ़-22
नूहं-03
पानीपत-10
पलवल-02
रोहतक-27
रेवाड़ी-07
सोनीपत-25
सिरसा-31
कुल-329
बॉक्स
रोडवेज बसों की संख्या बढ़ाई जाए जिससे युवाओं को स्थाई रोजगार मिल सके और साथ ही लोगों को बेहतर परिवहन सुविधा मिल जाए। इस तरह के कार्यक्रमों में रोडवेज बसों का प्रयोग करने से अन्य रूट पर यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। -संदीप रंगा, राज्य उपप्रधान हरियाणा रोडवेज संयुक्त कर्मचारी संघ।
वर्जन
रोहतक में आयोजित राज्यस्तरीय विश्वकर्मा जयंती कार्यक्रम में जींद से कुछ बस भेजी गई थी। शाम तक जींद डिपो में बस वापस आ गई थी। जो बस थी वह यात्रियों की भीड़ अनुसार रूट पर चलाई गई थी। यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी गई। रोडवेज अधिकारियों का प्रयास है कि यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधा दी जा सके। -राहुल जैन, रोडवेज महाप्रबंधक जींद डिपो।
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बसों की कमी के चलते यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। जींद डिपो में इस समय रोडवेज बसों की संख्या 168 हैं और हर रोज लगभग 16 हजार यात्री सफर करते हैं जिससे डिपो को एक दिन में लगभग दस लाख रुपये से ज्यादा का राजस्व प्राप्त होता है लेकिन 48 बस के जाने पर यात्रियों को लोकल रूट पर परेशानी का सामना करना पड़ा।
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वहीं हांसी, असंध, नरवाना और गोहाना जैसे रूट पर यात्रियों को प्राइवेट बसों का ही आसरा रहा। जिलेभर में अलग-अलग रूटों पर 162 प्राइवेट बसें दौड़ रही हैं। इनमें नरवाना रूट पर 31, असंध रूट पर 16, गोहाना, बरवाला रूट पर 19, हांसी रूट पर 26, पुंडरी रूट पर तीन, जींद से पानीपत रूट पर 26, पिल्लूखेड़ा से रोहतक रूट पर पांच, नरवाना से हांसी रूट पर पांच, नरवाना से कैथल रूट पर 24 और नरवाना से हिसार रूट पर 20 निजी बस चलती हैं।
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प्रदेश भर से 329 बसों की गई थी डिमांड
आगार का नाम-बसों की संख्या
अंबाला-05
भिवानी-29
चरखीदादरी-06
फरीदाबाद-02
फतेहाबाद-17
हिसार-24
जींद-39
झज्जर-50
कुरुक्षेत्र-07
कै थल-21
करनाल-02
नारनौल/महेंद्रगढ़-22
नूहं-03
पानीपत-10
पलवल-02
रोहतक-27
रेवाड़ी-07
सोनीपत-25
सिरसा-31
कुल-329
बॉक्स
रोडवेज बसों की संख्या बढ़ाई जाए जिससे युवाओं को स्थाई रोजगार मिल सके और साथ ही लोगों को बेहतर परिवहन सुविधा मिल जाए। इस तरह के कार्यक्रमों में रोडवेज बसों का प्रयोग करने से अन्य रूट पर यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। -संदीप रंगा, राज्य उपप्रधान हरियाणा रोडवेज संयुक्त कर्मचारी संघ।
वर्जन
रोहतक में आयोजित राज्यस्तरीय विश्वकर्मा जयंती कार्यक्रम में जींद से कुछ बस भेजी गई थी। शाम तक जींद डिपो में बस वापस आ गई थी। जो बस थी वह यात्रियों की भीड़ अनुसार रूट पर चलाई गई थी। यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी गई। रोडवेज अधिकारियों का प्रयास है कि यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधा दी जा सके। -राहुल जैन, रोडवेज महाप्रबंधक जींद डिपो।