हरियाणा पुलिस का कारनामा: ऑक्सीजन सिलिंडर ले जा रही गाड़ी को कागज दिखाने पर भी नहीं जाने दिया, मरीज की मौत
चालक ने वीडियो कॉल कर मरीज की हालत भी दिखाई लेकिन पुलिसकर्मी नहीं माने और गाड़ी चालक का मोबाइल छीन लिया।
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पंजाब के धुरी से ऑक्सीजन के दो सिलिंडर लेकर गाजियाबाद जा रही गाड़ी को गतौली चौकी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने सोमवार की रात में करीब 11 बजे रोक लिया। आरोप है कि वीडियो कॉल कर मरीज की हालत को दिखाया गया, फिर भी पुलिसकर्मी नहीं माने और गाड़ी चालक का मोबाइल छीन लिया। उसे जांच के नाम पर चौकी में बंद कर दिया गया। सुबह जब तक गाड़ी चालक को छोड़ा गया तब तक गाजियाबाद निवासी 60 वर्षीय ललित मोहन की ऑक्सीजन की कमी के कारण मौत हो चुकी थी। इस मामले की शिकायत डीआईजी ओपी नरवाल से की गई है। उन्होंने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
डीआईजी ओपी नरवाल को दी शिकायत में पंजाब के संगरूर जिले के धुरी पिंठ निवासी राजेंद्र ने बताया कि गाजियाबाद में उनके रिश्तेदार निखिल गोयल के ससुर ललित मोहन कोरोना से संक्रमित थे। स्वास्थ्य विभाग द्वारा उनको घर पर ही क्वारंटीन किया गया था। देखभाल करने वाले चिकित्सकों ने बताया कि उनके पास मंगलवार सुबह चार बजे तक की ही ऑक्सीजन बची है। इसके बाद उन्होंने धुरी से दो ऑक्सीजन के सिलिंडर खरीदकर गाड़ी चालक गुरप्रीत उर्फ निक्का को देकर गाजियाबाद के लिए भेज दिया था।
सोमवार रात 11 बजे के करीब जब गुरप्रीत गतौली गांव के पास पहुंचा तो नाका लगाकर खड़े पुलिसकर्मियों ने जांच के लिए उसे रोक लिया। राजेंद्र ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने गुरप्रीत के साथ दुर्व्यवहार किया और उसे रातभर पुलिस चौकी में बैठाए रखा। गुरप्रीत ने आरोप लगाया कि ड्यूटी पर तैनात सभी पुलिसकर्मी नशे में धुत थे। जब उसने अपने मालिक राजेंद्र से बात करवानी चाही तो उसका मोबाइल छीनकर फेंक दिया। सुबह उसे जींद के नागरिक अस्पताल में ले गए तो सिविल सर्जन ने उसे छोड़ने के आदेश दिए। इस पर पुलिसकर्मी वहीं पर उसे छोड़कर चले गए।
आरोप निराधार हैं - चौकी प्रभारी
रात को पंजाब नंबर की गाड़ी को रुकवाया गया, जिसमें दो ऑक्सीजन सिलिंडर मिले थे। चालक मौके पर आवश्यक कागजात नहीं दिखा पाया था। बाद में उसने कागजात दिखाए तो रात में ही उसे छोड़ दिया गया था। उन पर लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं। -विरेंद्र सिंह, चौकी प्रभारी गतौली।
पुलिस की लापरवाही पर होगी कार्रवाई
इस मामले की शिकायत मिली है। इसकी जांच डीएसपी हेड क्वार्टर को सौंपी गई है। अगर इसमें पुलिस की लापरवाही सामने आती है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कोरोना संक्रमितों तक ऑक्सीजन पहुंचाने में पुलिस को जांच के नाम पर ज्यादा समय बर्बाद नहीं बल्कि सहायता करनी चाहिए। -ओपी नरवाल, डीआईजी जींद।