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Jind News: शब्द कीर्तन गायन से गुरु अर्जन देव को किया नमन
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30जेएनडी03-गुरमुख सिंह का रागी जत्था गुरुबाणी गायन करते हुए। स्रोत श्रद्धालु
जींद। शहीदों के सरताज पातशाही गुरु अर्जन देव का शहीदी गुरुपर्व शुक्रवार को शहर के सभी गुरुद्वारों में श्रद्धापूर्वक मनाया गया। गुरुद्वारों में सुखमनी सेवा सोसाइटी के सहयोग से शहीदी गुरुपर्व के सम्मान में चल रहे श्री सुखमनी साहिब का पाठ किया गया। इस दौरान शब्द कीर्तन गायन किया गया। साथ ही संगतों के लिए मीठे शरबत की छबील लगाई गई और लंगर का आयोजन किया गया।
गुरुघर के प्रवक्ता बलविंदर सिंह ने बताया कि पांचवीं पातशाही गुरु अर्जन देव शहीदी गुरुपर्व के उपलक्ष में स्थानीय ऐतिहासिक गुरुद्वारा गुरु तेग बहादुर साहिब में गुरमत समागम का आयोजन किया गया। गुरुद्वारा साहिब के रागी जसबीर सिंह रमदसिया और पांतड़ा पंजाब से आए गुरमुख सिंह के रागी जत्थे ने गुरु अर्जन देव द्वारा श्री गुरु ग्रंथ साहिब में रचित गुरबाणी शब्द कीर्तन का गायन किया।
गुरुद्वारा साहिब के हेड ग्रंथी गुरविंदर सिंह रत्तक ने कहा कि गुरु अर्जन देव को शहीदी का सरताज इसलिए कहा जाता है कि सिख धर्म में किसी गुरु द्वारा धर्म और समाज की भलाई के लिए अपने आप को कुर्बान करने वाले गुरु अर्जन देव पहले गुरु थे।
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गुरु घर के प्रवक्ता बलविंदर सिंह ने कहा कि गुरु अर्जन देव को कुर्बानी का प्रतीक इसलिए कहा जाता है, क्योंकि उन्होंने सिख धर्म की रक्षा के लिए गर्म तवी पर बैठ कर खुद को कुर्बान कर दिया था। इससे पहले उन्हें गर्म पानी में उबाला गया तथा गर्म तवी पर बैठा कर ऊपर से गर्म रेत डाली गई थी।
यहां-यहां हुए कार्यक्रम
शहर के रेलवे जंक्शन स्थित सिंह सभा गुरुद्वारा में जसवंत सिंह, गुरुद्वारा बंदा सिंह बहादुर पटियाला चौक में गुरजीत सिंह और गुरुद्वारा सिंह सभा भारत सिनेमा रोड में गुरदित्त सिंह के रागी जत्थे द्वारा गुरबाणी कीर्तन गायन किया गया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं द्वारा शहर में जगह-जगह रेलवे रोड, पटियाला चौक, पुराना बिजली घर, झांझ गेट, पंजाबी बाजार, मेन बाजार, सिटी थाना, सफीदों गेट और अर्बन एस्टेट में मीठे शरबत की छबीलें लगाई गईं। कार्यक्रम में गुरुद्वारा मैनेजर गुरविंदर सिंह चौगामा, हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के कार्यकारिणी सदस्य करनैल सिंह, जत्थेदार गुरजिंदर सिंह, बीबी परमिंदर कौर, जोगिंदर सिंह पाहवा, जसकरण सिंह, टहल सिंह और दलबीर सिंह सेठी भी उपस्थित रहे।
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गुरुघर के प्रवक्ता बलविंदर सिंह ने बताया कि पांचवीं पातशाही गुरु अर्जन देव शहीदी गुरुपर्व के उपलक्ष में स्थानीय ऐतिहासिक गुरुद्वारा गुरु तेग बहादुर साहिब में गुरमत समागम का आयोजन किया गया। गुरुद्वारा साहिब के रागी जसबीर सिंह रमदसिया और पांतड़ा पंजाब से आए गुरमुख सिंह के रागी जत्थे ने गुरु अर्जन देव द्वारा श्री गुरु ग्रंथ साहिब में रचित गुरबाणी शब्द कीर्तन का गायन किया।
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गुरुद्वारा साहिब के हेड ग्रंथी गुरविंदर सिंह रत्तक ने कहा कि गुरु अर्जन देव को शहीदी का सरताज इसलिए कहा जाता है कि सिख धर्म में किसी गुरु द्वारा धर्म और समाज की भलाई के लिए अपने आप को कुर्बान करने वाले गुरु अर्जन देव पहले गुरु थे।
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गुरु घर के प्रवक्ता बलविंदर सिंह ने कहा कि गुरु अर्जन देव को कुर्बानी का प्रतीक इसलिए कहा जाता है, क्योंकि उन्होंने सिख धर्म की रक्षा के लिए गर्म तवी पर बैठ कर खुद को कुर्बान कर दिया था। इससे पहले उन्हें गर्म पानी में उबाला गया तथा गर्म तवी पर बैठा कर ऊपर से गर्म रेत डाली गई थी।
यहां-यहां हुए कार्यक्रम
शहर के रेलवे जंक्शन स्थित सिंह सभा गुरुद्वारा में जसवंत सिंह, गुरुद्वारा बंदा सिंह बहादुर पटियाला चौक में गुरजीत सिंह और गुरुद्वारा सिंह सभा भारत सिनेमा रोड में गुरदित्त सिंह के रागी जत्थे द्वारा गुरबाणी कीर्तन गायन किया गया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं द्वारा शहर में जगह-जगह रेलवे रोड, पटियाला चौक, पुराना बिजली घर, झांझ गेट, पंजाबी बाजार, मेन बाजार, सिटी थाना, सफीदों गेट और अर्बन एस्टेट में मीठे शरबत की छबीलें लगाई गईं। कार्यक्रम में गुरुद्वारा मैनेजर गुरविंदर सिंह चौगामा, हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के कार्यकारिणी सदस्य करनैल सिंह, जत्थेदार गुरजिंदर सिंह, बीबी परमिंदर कौर, जोगिंदर सिंह पाहवा, जसकरण सिंह, टहल सिंह और दलबीर सिंह सेठी भी उपस्थित रहे।

30जेएनडी03-गुरमुख सिंह का रागी जत्था गुरुबाणी गायन करते हुए। स्रोत श्रद्धालु

30जेएनडी03-गुरमुख सिंह का रागी जत्था गुरुबाणी गायन करते हुए। स्रोत श्रद्धालु