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Jind News: सरकार मांगों की कर रही अनदेखी, 24 को रोष जताएंगे एनएचएम कर्मी
Tue, 18 Jun 2024 01:20 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Tue, 18 Jun 2024 01:20 AM IST
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17जेएनडी31: बैठक में भाग लेते हुए कर्मचारी। स्रोत संघ
जींद। स्वास्थ्य कर्मचारी संघ हरियाणा संबंधित भारतीय मजदूर संघ की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक जाट धर्मशाला में प्रदेशाध्यक्ष विपिन शर्मा की अध्यक्षता में हुई। बैठक का संचालन प्रदेश महामंत्री जितेंद्र वत्स ने किया। जिला भारतीय मजदूर संघ जींद की तरफ से जिला मंत्री विनोद शर्मा शामिल हुए। बैठक में 17 जिलों के कार्यकर्ता मौजूद थे।
प्रदेश अध्यक्ष विपिन शर्मा ने बताया कि पिछले कई वर्षों से सरकार एनएचएम कर्मचारियों के मांगों की अनदेखी कर रही है। संगठन ने बार-बार ज्ञापन व बैठको के माध्यम से सरकार अपनी आवाज पहुंचने का प्रयास किया है परंतु सरकार संगठन को हल्के में ले रही है।
जिसके चलते एनएचएम कर्मियों में भारी रोष है। 16 हजार एनएचएम कर्मचारी पिछले 25 वर्षों से स्वास्थ्य विभाग में अपने उत्कृष्ट सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन अभी तक एनएचएम कर्मियों को नियमित नहीं किया गया है। एनएचएम कर्मचारियों की मांग है कि उन्हें मणिपुर राज्य की तर्ज पर रेगुलर किया जाए। दो नवंबर 2021 को तत्कालीन मुख्यमंत्री द्वारा सातवें पे कमीशन की घोषणा को लागू किया जाए। हड़ताल का काटा गया वेतन जारी किया जाए। एनएचएम कर्मियों को कैशलेस आयुष्मान भारत योजना का लाभ दिया जाए।
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वेतन विसंगति दूर की जाए। एनएचएम कर्मचारियो को ग्रेच्युटी का लाभ दिया जाए। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने मांगे नहीं मानी तो कर्मचारी आंदोलन के लिए विवश होंगे, जिसकी जिम्मेवारी सरकार व प्रशासन की होगी। उन्होंने कहा कि इसी कड़ी में सभी एनएचएम कर्मचारियों 24 जून को काले रिबन लगाकर अपना विरोध प्रकट करेंगे। एक जुलाई को सभी सीएमओ के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपेंगे।
नौ से 12 जुलाई तक सभी सत्ता पक्ष एवं विपक्ष के विधायक व सांसदों को ज्ञापन सौंपेंगे। इसके बाद 14 जुलाई को बैठक करके आगामी आंदोलन की घोषणा करेंगे। इस अवसर पर प्रदेश कौशल अध्यक्ष पंकज आत्रे, प्रदेश उपाध्यक्ष जगत बिसला, कार्यालय सचिव गौरव सहगल, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अनिल कुमार, हरदीप सिंह, सुमित शर्मा मौजूद थे। य
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प्रदेश अध्यक्ष विपिन शर्मा ने बताया कि पिछले कई वर्षों से सरकार एनएचएम कर्मचारियों के मांगों की अनदेखी कर रही है। संगठन ने बार-बार ज्ञापन व बैठको के माध्यम से सरकार अपनी आवाज पहुंचने का प्रयास किया है परंतु सरकार संगठन को हल्के में ले रही है।
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जिसके चलते एनएचएम कर्मियों में भारी रोष है। 16 हजार एनएचएम कर्मचारी पिछले 25 वर्षों से स्वास्थ्य विभाग में अपने उत्कृष्ट सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन अभी तक एनएचएम कर्मियों को नियमित नहीं किया गया है। एनएचएम कर्मचारियों की मांग है कि उन्हें मणिपुर राज्य की तर्ज पर रेगुलर किया जाए। दो नवंबर 2021 को तत्कालीन मुख्यमंत्री द्वारा सातवें पे कमीशन की घोषणा को लागू किया जाए। हड़ताल का काटा गया वेतन जारी किया जाए। एनएचएम कर्मियों को कैशलेस आयुष्मान भारत योजना का लाभ दिया जाए।
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वेतन विसंगति दूर की जाए। एनएचएम कर्मचारियो को ग्रेच्युटी का लाभ दिया जाए। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने मांगे नहीं मानी तो कर्मचारी आंदोलन के लिए विवश होंगे, जिसकी जिम्मेवारी सरकार व प्रशासन की होगी। उन्होंने कहा कि इसी कड़ी में सभी एनएचएम कर्मचारियों 24 जून को काले रिबन लगाकर अपना विरोध प्रकट करेंगे। एक जुलाई को सभी सीएमओ के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपेंगे।
नौ से 12 जुलाई तक सभी सत्ता पक्ष एवं विपक्ष के विधायक व सांसदों को ज्ञापन सौंपेंगे। इसके बाद 14 जुलाई को बैठक करके आगामी आंदोलन की घोषणा करेंगे। इस अवसर पर प्रदेश कौशल अध्यक्ष पंकज आत्रे, प्रदेश उपाध्यक्ष जगत बिसला, कार्यालय सचिव गौरव सहगल, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अनिल कुमार, हरदीप सिंह, सुमित शर्मा मौजूद थे। य

17जेएनडी31: बैठक में भाग लेते हुए कर्मचारी। स्रोत संघ