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गेहूं की फसल को सुरक्षित रखने के लिए बिजली निगम ने बनाया बिजली कट का शेड्यूल
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एक खेत में लगाया गया बिजली का ट्रांसफार्मर। संवाद
- फोटो : Jind
किसानों का गेहूं पक कर तैयार हो रहा है। ऐसे में आगजनी से बचने के लिए बिजली निगम ने भी खास योजना तैयार की है। दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम ने बिजली के शेड्यूल में बदलाव किया है। दिन के समय में एपी फीडर पर निगम बिजली सप्लाई बंद रखेगा। इसके अलावा रात के समय में साढ़े चार घंटे बिजली सप्लाई फीडर अनुसार दी जाएगी।
अप्रैल महीने में गेहूं कटाई शुरू होने तथा तेज हवाएं चलने के कारण कई बार खेतों के बीच से गुजर रही तारों में चिंगारी बनने के कारण आग लग जाती है। किसानों की फ सल सुरक्षित रहे, इसको ध्यान में रखते हुए हर साल बिजली निगम द्वारा गेहूं कटाई होने तक बिजली की सप्लाई को दिन के समय में बंद रखा जाता है, ताकि किसान अपनी फ सल की सही तरीके से कटाई कर सके। इसके अलावा निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा किसानों को पक कर तैयार हुई फसल की सबसे पहले बिजली लाइन के नीचे से कटाई करने के लिए कहा जाता है। कटाई के बाद गेहूं की ढेरी लाइन के आस-पास नहीं करते हुए थोड़ी दूरी पर करने के लिए निर्देश दिए जाते हैं, ताकि शॉर्ट सर्किट के कारण किसान की साल भर की फसल को नुकसान नहीं हो। इस बार भी निगम के अधिकारियों ने शेड्यूल तैयार कर लिया है। कृषि फीडर पर बिजली निगम द्वारा साढ़े चार घंटे बिजली सप्लाई देने की योजना तैयार की गई है। पहले एपी फीडरों पर आठ घंटे बिजली की सप्लाई दी जाती थी, अब रात सवा 9 बजे से 12 बजकर 45 मिनट तक बिजली की सप्लाई दी जाएगी। यदि किसी पावर हाउस में दो फीडर एपी हैं तो एपी-ए को साढ़े 9 से 12 बजकर 45 मिनट तथा एपी बी को 12 बजकर 45 मिनट से सुबह 4 बजकर 13 मिनट तक बिजली सप्लाई दी जाएगी। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्र में भी बिजली की कटौती रहेगी। ग्रामीण क्षेत्र और जगमग से जुड़े गांवों को साढ़े 12 घंटे बिजली सप्लाई दी जाएगी। यह सप्लाई लोगों को शाम 6 बजे से सुबह साढ़े 6 बजे तक मिलेगी। निगम ने रात के समय में सप्लाई देने का फैसला इसलिए लिया है ताकि खेतों में रहने वाले किसानों को पानी या चारे के लिए पर्याप्त बिजली मिल सके।
किसान यह करे काम, ताकि फसल रहे सुरक्षित
किसान फसल की सुरक्षा खुद की जागरूकता से कर सकते हैं। किसानों को चाहिए कि वह सबसे पहले अपनी पकी हुई फसल की कटाई खेतों से गुजर रही लाइन के नीचे से करें और उनके गट्ठर लाइनों के नीचे न लगाएं। दिन के समय में तो किसान खेतों में होता है, लेकिन रात में बिजली सप्लाई से यदि शॉर्ट सर्किट हो गया तो फसल का नुकसान हो सकता है। इसके अलावा गेहूं को कभी भी लाइनों के आसपास एकत्रित न करें। क्योंकि यह भी किसान के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि किसान हित में हर साल निगम द्वारा ऐसी व्यवस्था की जाती है, क्योंकि तेज हवाओं के कारण अकसर लाइनों में शॉर्ट सर्किट होने का खतरा बन जाता है।
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किसान को फसल की कटाई करते समय अपने आसपास पानी का ड्रम या पानी का स्टाक रखना चाहिए। क्योंकि कई बार आपात स्थिति में इसका प्रयोग किसान कर सकता है। रात के समय में बिजली सप्लाई देने का शेड्यूल निगम ने 1 अप्रैल से लागू कर दिया है। यह 20 अप्रैल तक जारी रहेगा। यदि फिर भी शेड्यूल को आगे बढ़ाने की जरूरत पड़ी तो इसको आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि निगम के पास बिजली की कोई कमी नहीं है, केवल किसान हित में यह कदम हर साल उठाए जाते हैं।
श्यामबीर सैनी अधीक्षक अभियंता जींद।
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अप्रैल महीने में गेहूं कटाई शुरू होने तथा तेज हवाएं चलने के कारण कई बार खेतों के बीच से गुजर रही तारों में चिंगारी बनने के कारण आग लग जाती है। किसानों की फ सल सुरक्षित रहे, इसको ध्यान में रखते हुए हर साल बिजली निगम द्वारा गेहूं कटाई होने तक बिजली की सप्लाई को दिन के समय में बंद रखा जाता है, ताकि किसान अपनी फ सल की सही तरीके से कटाई कर सके। इसके अलावा निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा किसानों को पक कर तैयार हुई फसल की सबसे पहले बिजली लाइन के नीचे से कटाई करने के लिए कहा जाता है। कटाई के बाद गेहूं की ढेरी लाइन के आस-पास नहीं करते हुए थोड़ी दूरी पर करने के लिए निर्देश दिए जाते हैं, ताकि शॉर्ट सर्किट के कारण किसान की साल भर की फसल को नुकसान नहीं हो। इस बार भी निगम के अधिकारियों ने शेड्यूल तैयार कर लिया है। कृषि फीडर पर बिजली निगम द्वारा साढ़े चार घंटे बिजली सप्लाई देने की योजना तैयार की गई है। पहले एपी फीडरों पर आठ घंटे बिजली की सप्लाई दी जाती थी, अब रात सवा 9 बजे से 12 बजकर 45 मिनट तक बिजली की सप्लाई दी जाएगी। यदि किसी पावर हाउस में दो फीडर एपी हैं तो एपी-ए को साढ़े 9 से 12 बजकर 45 मिनट तथा एपी बी को 12 बजकर 45 मिनट से सुबह 4 बजकर 13 मिनट तक बिजली सप्लाई दी जाएगी। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्र में भी बिजली की कटौती रहेगी। ग्रामीण क्षेत्र और जगमग से जुड़े गांवों को साढ़े 12 घंटे बिजली सप्लाई दी जाएगी। यह सप्लाई लोगों को शाम 6 बजे से सुबह साढ़े 6 बजे तक मिलेगी। निगम ने रात के समय में सप्लाई देने का फैसला इसलिए लिया है ताकि खेतों में रहने वाले किसानों को पानी या चारे के लिए पर्याप्त बिजली मिल सके।
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किसान यह करे काम, ताकि फसल रहे सुरक्षित
किसान फसल की सुरक्षा खुद की जागरूकता से कर सकते हैं। किसानों को चाहिए कि वह सबसे पहले अपनी पकी हुई फसल की कटाई खेतों से गुजर रही लाइन के नीचे से करें और उनके गट्ठर लाइनों के नीचे न लगाएं। दिन के समय में तो किसान खेतों में होता है, लेकिन रात में बिजली सप्लाई से यदि शॉर्ट सर्किट हो गया तो फसल का नुकसान हो सकता है। इसके अलावा गेहूं को कभी भी लाइनों के आसपास एकत्रित न करें। क्योंकि यह भी किसान के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि किसान हित में हर साल निगम द्वारा ऐसी व्यवस्था की जाती है, क्योंकि तेज हवाओं के कारण अकसर लाइनों में शॉर्ट सर्किट होने का खतरा बन जाता है।
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किसान को फसल की कटाई करते समय अपने आसपास पानी का ड्रम या पानी का स्टाक रखना चाहिए। क्योंकि कई बार आपात स्थिति में इसका प्रयोग किसान कर सकता है। रात के समय में बिजली सप्लाई देने का शेड्यूल निगम ने 1 अप्रैल से लागू कर दिया है। यह 20 अप्रैल तक जारी रहेगा। यदि फिर भी शेड्यूल को आगे बढ़ाने की जरूरत पड़ी तो इसको आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि निगम के पास बिजली की कोई कमी नहीं है, केवल किसान हित में यह कदम हर साल उठाए जाते हैं।
श्यामबीर सैनी अधीक्षक अभियंता जींद।