{"_id":"68d197ba4641c4b6f208b143","slug":"elderly-farmer-received-crop-compensation-from-insurance-company-after-three-years-jind-news-c-199-1-jnd1002-141367-2025-09-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jind News: बुजुर्ग किसान ने बीमा कंपनी से तीन साल बाद पाया फसल मुआवजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jind News: बुजुर्ग किसान ने बीमा कंपनी से तीन साल बाद पाया फसल मुआवजा
Tue, 23 Sep 2025 12:08 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Tue, 23 Sep 2025 12:08 AM IST
विज्ञापन
22जेएनडी21-लघु सचिवालय परिसर में जानकारी देते हुए बुजुर्ग किसान चंद्र और अधिवक्ता रणबीर नरवाल।
- फोटो : शहर स्थित एक बाइक शोरूम में बाइक लेने के लिए जानकारी करते लोग।
जींद। गांव भैरोखेड़ा के 98 वर्षीय किसान चंद्र ने उपभोक्ता कमीशन जींद में एसबीआई जनरल इंश्योरेंस के खिलाफ फसल खराबे के मुआवजे का मुकदमा लगभग तीन साल की कानूनी लड़ाई के बाद जीता। किसान ने अपनी 10 एकड़ गेहूं फसल का बीमा बैंक ऑफ बड़ौदा के माध्यम से 13 दिसंबर 2019 को करवाया था।
उसके बाद किसान की फसल जलभराव के कारण खत्म हो गई थी। किसान ने कृषि विभाग व इंश्योरेंस कंपनी कार्यालय के चक्कर काटे लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। इसको लेकर किसान ने अधिवक्ता रणबीर नरवाल के माध्यम से जिला उपभोक्ता अदालत में 23 फरवरी 2021 को मुकदमा दायर कर दिया।
लगभग तीन वर्ष की कानूनी लड़ाई के बाद बुजुर्ग किसान के हक में उपभोक्ता कमीशन ने फैसला सुनाया। उपभोक्ता कमीशन के अध्यक्ष एके सरदाना की पीठ द्वारा सात जून 2024 को बीमा कंपनी को जवाब देही तय करते हुए बुजुर्ग किसान को दो लाख 57418 रुपये मुआवजा देने का आदेश जारी किया।
विज्ञापन
इसके साथ-साथ कानूनी प्रक्रिया खर्च व मानसिक पीड़ा के तौर पर भी 20 हजार रुपये किसान को देने का आदेश दिया गया। बुजुर्ग किसान ने इस उम्र में भी अपना धैर्य रखते हुए उन सब के लिए एक नजीर पेश की जो लोग हार के भय से हारकर घर बैठ जाते हैं।
उकिसान ने कहा कि उन्होंने अंग्रेजों का दौर भी देखा है। वहीं आजादी के बाद वह अनुभूति कर रहा है कि हमारे देश का कानून सभी नागरिकों की सुरक्षा, न्याय व सम्मान के लिए बना है।
विज्ञापन
उसके बाद किसान की फसल जलभराव के कारण खत्म हो गई थी। किसान ने कृषि विभाग व इंश्योरेंस कंपनी कार्यालय के चक्कर काटे लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। इसको लेकर किसान ने अधिवक्ता रणबीर नरवाल के माध्यम से जिला उपभोक्ता अदालत में 23 फरवरी 2021 को मुकदमा दायर कर दिया।
विज्ञापन
लगभग तीन वर्ष की कानूनी लड़ाई के बाद बुजुर्ग किसान के हक में उपभोक्ता कमीशन ने फैसला सुनाया। उपभोक्ता कमीशन के अध्यक्ष एके सरदाना की पीठ द्वारा सात जून 2024 को बीमा कंपनी को जवाब देही तय करते हुए बुजुर्ग किसान को दो लाख 57418 रुपये मुआवजा देने का आदेश जारी किया।
विज्ञापन
इसके साथ-साथ कानूनी प्रक्रिया खर्च व मानसिक पीड़ा के तौर पर भी 20 हजार रुपये किसान को देने का आदेश दिया गया। बुजुर्ग किसान ने इस उम्र में भी अपना धैर्य रखते हुए उन सब के लिए एक नजीर पेश की जो लोग हार के भय से हारकर घर बैठ जाते हैं।
उकिसान ने कहा कि उन्होंने अंग्रेजों का दौर भी देखा है। वहीं आजादी के बाद वह अनुभूति कर रहा है कि हमारे देश का कानून सभी नागरिकों की सुरक्षा, न्याय व सम्मान के लिए बना है।