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डॉ. स्वामीनाथन ने गेहूं व चावल की अधिक पैदावार देने वाली किस्म विकसित कर दी सौगात : डॉ. कर्मचंद
Fri, 08 Aug 2025 12:06 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Fri, 08 Aug 2025 12:06 AM IST
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07जेएनडी07-हमेटी में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेते हुए सदस्य। स्रोत : हमेटी
जींद। हमेटी में कृषि वैज्ञानिक भारत रत्न डॉ. एमएस स्वामीनाथन का जन्म शताब्दी दिवस मनाया गया। हमेटी के निदेशक डॉ. कर्मचंद ने बताया कि डॉ. एमएस स्वामीनाथन ने गेहूं व चावल की अधिक पैदावार देने वाली किस्म विकसित कर भारत वर्ष को वह सौगात दी। इसकी बदौलत आज देश खाद्यान्न में ने केवल आत्मनिर्भर है बल्कि निर्यात भी कर रहा है।
डॉ. एमएस स्वामीनाथन व उनकी टीम ने ऐसे समय पर यह चमत्कार किया जब देश भुखमरी के संकट से जूझ रहा था और दूसरे देशों से अनाज आयात करना पड़ रहा था। डॉ. कर्मचंद ने कहा कि भारतीय कृषि अनुसंधान के अध्यक्ष पद पर कार्य करते हुए उन्होंने वे शोध कार्य किए जिनकी बदौलत भारतीय कृषि की तस्वीर ही बदल गई। इसलिए उन्हें भारतीय हरित क्रांति के जनक की पदवी दी गई।
किसान आयोग के अध्यक्ष पद पर कार्य करते हुए उन्होंने किसान को अपनी लागत मूल्य पर 50 प्रतिशत अधिक एमएसपी मिलने वाली सिफारिश की थी जिसे आज स्वामीनाथन रिपोर्ट के नाम से जाना जाता है। वर्ष 2024 में वर्तमान सरकार द्वारा डॉ. स्वामीनाथन को मरणोपरांत भारत रत्न अवॉर्ड दिया गया। इस अवसर पर डॉ. आरएस मलिक, डॉ रंजीत सिंह, डॉ. सुभाष चंद्र, डॉ. हर भगवान कंबोज और राजेश कुमार भी उपस्थित रहे।
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डॉ. एमएस स्वामीनाथन व उनकी टीम ने ऐसे समय पर यह चमत्कार किया जब देश भुखमरी के संकट से जूझ रहा था और दूसरे देशों से अनाज आयात करना पड़ रहा था। डॉ. कर्मचंद ने कहा कि भारतीय कृषि अनुसंधान के अध्यक्ष पद पर कार्य करते हुए उन्होंने वे शोध कार्य किए जिनकी बदौलत भारतीय कृषि की तस्वीर ही बदल गई। इसलिए उन्हें भारतीय हरित क्रांति के जनक की पदवी दी गई।
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किसान आयोग के अध्यक्ष पद पर कार्य करते हुए उन्होंने किसान को अपनी लागत मूल्य पर 50 प्रतिशत अधिक एमएसपी मिलने वाली सिफारिश की थी जिसे आज स्वामीनाथन रिपोर्ट के नाम से जाना जाता है। वर्ष 2024 में वर्तमान सरकार द्वारा डॉ. स्वामीनाथन को मरणोपरांत भारत रत्न अवॉर्ड दिया गया। इस अवसर पर डॉ. आरएस मलिक, डॉ रंजीत सिंह, डॉ. सुभाष चंद्र, डॉ. हर भगवान कंबोज और राजेश कुमार भी उपस्थित रहे।
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