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एक साल पहले हुए भ्रष्टाचार के मामले में एमई गिरफ्तार

Tue, 02 Oct 2018 12:51 AM IST
Updated Tue, 02 Oct 2018 12:51 AM IST
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एक साल पहले हुए भ्रष्टाचार के मामले में एमई गिरफ्तार
ठेकेदार को दो बार पेमेंट करने के आरोप में एमई गिरफ्तार
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गोहाना से क्राइम ब्रांच की टीम ने किया काबू
अमर उजाला ब्यूरो
जींद।एक साल पहले उचाना नगर पालिका में पुराने विकास कार्यों की दोबारा अदायगी के मामले में क्राइम ब्रांच हिसार की टीम ने पूर्व एमई निजेश को गोहाना से काबू कर लिया है। निजेश सहित नौ कर्मचारियों व पूर्व चेयरमैन के खिलाफ इस मामले में 2017 में एफआईआर दजई हुई थी।
गौरतलब है कि 2017 में उचाना नगर पालिका के पार्षद नीलम रानी, राजेश कुमार, मुकेश रानी, विद्या सागर, विकास श्योकंद सहित अन्य पार्षदों ने डीसी को शिकायत देकर फर्जी तरीके से करीब ढाई करोड़ रुपये का भुगतान करने का आरोप लगाया था। इस मामले में पिछले साल मार्च महीने में उचाना थाना में धोखाधड़ी, नपा तत्कालीन चेयरमैन सहित दस कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इस मामले में नरवाना की तत्कालीन एसडीएम डॉ. किरण सिंह द्वारा की गई जांच में सामने आया था कि नपा से हुई कोई भी पेमेंट नियमों के अनुसार नहीं हुई है। जो रिकॉर्ड जांच के दौरान मांगा वो भी उपलब्ध नहीं करवाया गया। दो कर्मचारियों ने यह तक कहा था कि भुगतान के दस्तावेजों पर उनके हस्ताक्षर तक नहीं हैं। इस मामले में एमई निजेश ने हाईकोर्ट में अपील कर गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग की थी। अब अदालत ने उनकी गिरफ्तारी रोकने से मना कर दिया है। ऐसे में पुलिस ने निजेश को गोहाना से काबू कर लिया। हिसार क्राइम ब्रांच के डीएसपी विजय कुमार के अनुसार निजेश को गिरफ्तार गया है।
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यूं गर्माया था मामला
उचाना नगर पालिका के कई सदस्यों ने तत्कालीन चेयरमैन वीना देवी के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए गोलमाल का आरोप लगाया था। हालांकि वीना देवी भुगतान के मामले में उनकी किसी भी प्रकार की भूमिका से साफ माना करती रही हैं। वीना देवी का कहना है कि यह मामला सिर्फ अधिकारियों का होता है। पार्षदों ने कहा था कि उचाना नगर पालिका में विकास कार्य ही नहीं हुए तो ये पैसा कहां गया। पार्षदों ने ढाई करोड़ रुपये से अधिक की राशि नगर पालिका के खाते से गायब होने के आरोप लगाए थे। जांच के बाद सामने आया कि ठेकेदार को विकास कार्यों के लिए दोबारा पेमेंट की गई है।
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