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पुलिस व बदमाशों में हुआ टकराव
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मामले की जानकारी देते पुलिस अधीक्षक वसीम अकरम।
- फोटो : Jind
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हत्या, लूटपाट के आरोपी में तीन साल से जेल में बंद गांव राजपुरा भैण निवासी विनय को इलाज के दौरान नागरिक अस्पताल में छुड़वाने आए बदमाशों को पुलिस ने ही चमका दे दिया। वीरवार को बदमाशों की गैंग ने विनय को पुलिस की हिरासत से छुड़वाना था लेकिन पुलिस को पहले ही इसकी भनक लग गई और अस्पताल के पास सादे कपड़ों में पुलिस के जवान तैनात कर दिए गए।
जैसे ही बदमाशों ने आगे बढ़ कर पुलिस की जिप्सी को रुकवाना चाहा जिसमें विनय था। पुलिस के जवानों ने उन्हें रोक लिया। हालांकि इस दौरान करीब दस मिनट तक झड़प चली लेकिन पुलिस द्वारा पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। इस दौरान दो बदमाश पुलिस की गिरफ्त में आ गए। इनसे पूछताछ की जा रही है। शुक्रवार को आरोपियों को अदालत में पेश किया जाएगा।
हालांकि बदमाशों ने गोली भी चलाई जिसमें पुलिस टीम में शामिल एएसआई अशोक बाल-बाल बच गया। आठ बदमाश अस्पताल की दीवार को फांदकर फरार हो गए। जेल में बंद बंदी विनय ने यह साजिश पेट में दर्द का बहाना बनाकर अस्पताल आने को लेकर लगभग एक माह पहले रची थी। इसमें पुलिस ने हिसार जिले के गांव सिसाय निवासी प्रदीप व रोहतक जिले के गांव फरमाणा निवासी धर्मेंद्र को गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से पुलिस को दो पिस्तौल, छह कारतूस व मिर्च पाउडर बरामद हुआ।
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पत्रकारों से बातचीत में एसपी वसीम अकरम ने बताया कि गांव राजपुरा भैण निवासी विनय पर छह जुलाई 2018 को निजी स्कूल संचालक भूपेंद्र उर्फ बबल की हत्या का आरोप है। वह तीन साल से जेल में बंद है। उसके साथ ही लूटपाट के मामले में गांव ब्राहणवास निवासी राहुल भी जेल में बंद था। विनय को जमानत नहीं मिलने के कारण उसको राहुल के साथ मिलकर जेल से भागने की साजिश रची। राहुल को एक माह पहले अदालत से जमानत मिल गई। पहले से तैयार की साजिश के अनुसार बंदी विनय ने वीरवार सुबह पेट में दर्द होने का बहाना बनाया और जेल प्रशासन के आदेश पर पुलिस की टीम सुबह दस बजे विनय को नागरिक अस्पताल ले आई। पुलिस को पहले से ही इसका अंदेशा था, ऐसे में आसपास के क्षेत्र में नजर रखनी शुरू कर दी। जब बंदी विनय को लेकर पुलिस अस्पताल में पहुंची तो अस्पताल के पार्क व दूसरे जगहों पर खड़े बदमाश सक्रिय हो गए और विनय को भगाने के लिए उसकी तरफ चल पड़े। इसी दौरान सीआईए स्टाफ की टीम ने गाड़ी में बैठे बदमाशों को पकड़ने लगी तो एक बदमाश ने गोली चला दी। इसके बाद बदमाश गाड़ी से निकलकर भाग गए, लेकिन पुलिस ने गाड़ी चला रहे गांव सिसाय निवासी प्रदीप को काबू कर लिया। वहीं उनके पास में मोटरसाइकिल पर खड़े गांव फरमाणा निवासी धर्मेंद्र को काबू कर लिया। पकड़े गए आरोपियों के पास से दो पिस्तौल, छह कारतूस व बंदी को भगाने में प्रयोग होने वाला मिर्ची पाउडर बरामद कर लिया।
पुलिस को पहले से ही सूचना होने के कारण 20 पुलिस जवानों को तैनात किया गया। इनमें से अधिकतर सादे कपड़ों में थे। कुछ जवान साधारण रूप से यहां-वहां खड़े रहे। हालांकि इस दौरान सभी एक दूसरे से इशारों में संपर्क करते रहे। जैसे ही बदमाशों ने हरकत की, पुलिस ने अपनी कार्रवाई कर दी।
एसएसपी वसीम अकरम ने बताया कि फरार हुए बदमाशों को पकड़ने के लिए तीन टीमें लगाई गई हैं तीनों टीमें सीसीटीवी फुटेेज व पकड़े गए आरोपियों की पूछताछ के आधार पर आरोपियों की पहचान गांव सिसाय निवासी अंकित, गांव ब्राहणवास निवासी राहुल, गांव बीबीपुर निवासी पवित्र, गांव अनूपगढ़ निवासी बिट्टू व मोहित के रूप में हुई जबकि दो बदमाशों की फिलहाल पहचान नहीं हो पाई।
एसएसपी वसीम अकरम ने बताया कि राजपुरा भैण निवासी विनय को जेल से भगाने के प्रयास में जिला जेल वार्डन शमशेर के बेटे मोहित का भी नाम सामने आया है। इसमें जेल वार्डन भी पुलिस के शक के दायरे में हैं, हालांकि इस मामले में पुलिस पूछताछ कर रही है, आरोपियों कि गिरफ्तारी के बाद ही जेल वार्डन के बारे में पता लगेगा।
नागरिक अस्पताल में इलाज के लिए लाए जा रहे विनय को छुड़वाने की साजिश रचने वालों से सीआईए के जवानों ने फिल्मी स्टाइल में निपटकर गिरफ्तार किया है। जिस प्रकार से बदमाश अपनी वारदात को अंजाम देने के लिए अस्पताल परिसर में बैठे थे। इनके इस चक्रव्यूह को तोड़ने के लिए सीआईए के जवान भी पूरी तरह से मुस्तैद थे। जब बदमाश अस्पताल में विनय को आता देख मिर्ची पाउडर व पिस्तौल लेकर आए बढ़े तो इसी दौरान वहां तैनात सीआईए कर्मियों ने घेरा डाल लिया। सीआईए को देख बदमाश डर गए और भागने का प्रयास किया। इसके बाद बदमाशों ने बचने का प्रयास करते हुए सीआईए कर्मियों पर एक राउंड गोली चलाई लेकिन वह पिछले नहीं हटे। जिसके बाद सात आठ बदमाश भागने में कामयाब हो गए जबकि दो को पुलिस ने टकराव के बाद गिरफ्तार कर लिया।
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जैसे ही बदमाशों ने आगे बढ़ कर पुलिस की जिप्सी को रुकवाना चाहा जिसमें विनय था। पुलिस के जवानों ने उन्हें रोक लिया। हालांकि इस दौरान करीब दस मिनट तक झड़प चली लेकिन पुलिस द्वारा पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। इस दौरान दो बदमाश पुलिस की गिरफ्त में आ गए। इनसे पूछताछ की जा रही है। शुक्रवार को आरोपियों को अदालत में पेश किया जाएगा।
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हालांकि बदमाशों ने गोली भी चलाई जिसमें पुलिस टीम में शामिल एएसआई अशोक बाल-बाल बच गया। आठ बदमाश अस्पताल की दीवार को फांदकर फरार हो गए। जेल में बंद बंदी विनय ने यह साजिश पेट में दर्द का बहाना बनाकर अस्पताल आने को लेकर लगभग एक माह पहले रची थी। इसमें पुलिस ने हिसार जिले के गांव सिसाय निवासी प्रदीप व रोहतक जिले के गांव फरमाणा निवासी धर्मेंद्र को गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से पुलिस को दो पिस्तौल, छह कारतूस व मिर्च पाउडर बरामद हुआ।
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पत्रकारों से बातचीत में एसपी वसीम अकरम ने बताया कि गांव राजपुरा भैण निवासी विनय पर छह जुलाई 2018 को निजी स्कूल संचालक भूपेंद्र उर्फ बबल की हत्या का आरोप है। वह तीन साल से जेल में बंद है। उसके साथ ही लूटपाट के मामले में गांव ब्राहणवास निवासी राहुल भी जेल में बंद था। विनय को जमानत नहीं मिलने के कारण उसको राहुल के साथ मिलकर जेल से भागने की साजिश रची। राहुल को एक माह पहले अदालत से जमानत मिल गई। पहले से तैयार की साजिश के अनुसार बंदी विनय ने वीरवार सुबह पेट में दर्द होने का बहाना बनाया और जेल प्रशासन के आदेश पर पुलिस की टीम सुबह दस बजे विनय को नागरिक अस्पताल ले आई। पुलिस को पहले से ही इसका अंदेशा था, ऐसे में आसपास के क्षेत्र में नजर रखनी शुरू कर दी। जब बंदी विनय को लेकर पुलिस अस्पताल में पहुंची तो अस्पताल के पार्क व दूसरे जगहों पर खड़े बदमाश सक्रिय हो गए और विनय को भगाने के लिए उसकी तरफ चल पड़े। इसी दौरान सीआईए स्टाफ की टीम ने गाड़ी में बैठे बदमाशों को पकड़ने लगी तो एक बदमाश ने गोली चला दी। इसके बाद बदमाश गाड़ी से निकलकर भाग गए, लेकिन पुलिस ने गाड़ी चला रहे गांव सिसाय निवासी प्रदीप को काबू कर लिया। वहीं उनके पास में मोटरसाइकिल पर खड़े गांव फरमाणा निवासी धर्मेंद्र को काबू कर लिया। पकड़े गए आरोपियों के पास से दो पिस्तौल, छह कारतूस व बंदी को भगाने में प्रयोग होने वाला मिर्ची पाउडर बरामद कर लिया।
पुलिस को पहले से ही सूचना होने के कारण 20 पुलिस जवानों को तैनात किया गया। इनमें से अधिकतर सादे कपड़ों में थे। कुछ जवान साधारण रूप से यहां-वहां खड़े रहे। हालांकि इस दौरान सभी एक दूसरे से इशारों में संपर्क करते रहे। जैसे ही बदमाशों ने हरकत की, पुलिस ने अपनी कार्रवाई कर दी।
एसएसपी वसीम अकरम ने बताया कि फरार हुए बदमाशों को पकड़ने के लिए तीन टीमें लगाई गई हैं तीनों टीमें सीसीटीवी फुटेेज व पकड़े गए आरोपियों की पूछताछ के आधार पर आरोपियों की पहचान गांव सिसाय निवासी अंकित, गांव ब्राहणवास निवासी राहुल, गांव बीबीपुर निवासी पवित्र, गांव अनूपगढ़ निवासी बिट्टू व मोहित के रूप में हुई जबकि दो बदमाशों की फिलहाल पहचान नहीं हो पाई।
एसएसपी वसीम अकरम ने बताया कि राजपुरा भैण निवासी विनय को जेल से भगाने के प्रयास में जिला जेल वार्डन शमशेर के बेटे मोहित का भी नाम सामने आया है। इसमें जेल वार्डन भी पुलिस के शक के दायरे में हैं, हालांकि इस मामले में पुलिस पूछताछ कर रही है, आरोपियों कि गिरफ्तारी के बाद ही जेल वार्डन के बारे में पता लगेगा।
नागरिक अस्पताल में इलाज के लिए लाए जा रहे विनय को छुड़वाने की साजिश रचने वालों से सीआईए के जवानों ने फिल्मी स्टाइल में निपटकर गिरफ्तार किया है। जिस प्रकार से बदमाश अपनी वारदात को अंजाम देने के लिए अस्पताल परिसर में बैठे थे। इनके इस चक्रव्यूह को तोड़ने के लिए सीआईए के जवान भी पूरी तरह से मुस्तैद थे। जब बदमाश अस्पताल में विनय को आता देख मिर्ची पाउडर व पिस्तौल लेकर आए बढ़े तो इसी दौरान वहां तैनात सीआईए कर्मियों ने घेरा डाल लिया। सीआईए को देख बदमाश डर गए और भागने का प्रयास किया। इसके बाद बदमाशों ने बचने का प्रयास करते हुए सीआईए कर्मियों पर एक राउंड गोली चलाई लेकिन वह पिछले नहीं हटे। जिसके बाद सात आठ बदमाश भागने में कामयाब हो गए जबकि दो को पुलिस ने टकराव के बाद गिरफ्तार कर लिया।