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Jind News: चार स्कूली बसों में सीसीटीवी, फायर सिलिंडर और हेल्पलाइन नंबर नहीं मिले
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फोटो 15जेएनडी05-शहर में एक निजी स्कूल में पहुंची आरटीए कार्यालय की टीम। स्रोत कर्मचारी
- फोटो : Archive
जींद। स्कूली बच्चों की सुरक्षा में कोई चूक न हो इसके लिए परिवहन विभाग ने जांच अभियान चलाया। वीरवार को जिला परिवहन अधिकारी (आरटीए) कार्यालय की टीम ने छह निजी स्कूलों की 25 बसों की जांच की।
जांच के दौरान चार बसों में सीसीटीवी कैमरे, फायर सिलिंडर और हेल्पलाइन नंबर नहीं मिले। सुरक्षा मानकों में खामियां मिलने पर चारों बसों का चालान कर चार हजार रुपये जुर्माना लगाया गया। इसके अलावा चालकों और परिचालकों के दस्तावेज भी जांचे गए।
जिला परिवहन अधिकारी कार्यालय की टीम प्रत्येक वीरवार को स्कूली बसों की जांच करती है। इसके लिए चार सदस्यीय टीम गठित की गई है जिसमें परिवहन विभाग के इंस्पेक्टर, मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर (एमवीआई), ट्रैफिक पुलिस के सब इंस्पेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय का एक प्रतिनिधि शामिल है।
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टीम बसों में रिफ्लेक्टर, फायर सिलिंडर, जीपीएस, सीसीटीवी कैमरे और अन्य सुरक्षा इंतजामों की जांच करती है। इसके अलावा चालक और परिचालक के जरूरी दस्तावेज भी जांचे जाते हैं।
इससे पहले आठ अक्तूबर को बसों की जांच नहीं हो पाई थी जबकि एक अक्तूबर को तीन स्कूलों की 17 बसों की जांच में सभी बसें निर्धारित मानकों के अनुरूप मिली थीं। इस सप्ताह छह स्कूलों की 25 बसों में चार में खामियां मिलने पर कार्रवाई की गई। नियमानुसार बसों में सहायक की तैनाती के साथ जीपीएस, सीसीटीवी कैमरे और अग्निशमन उपकरण होना जरूरी है। बस का परमिट और चालक का हैवी लाइसेंस सहित अन्य दस्तावेज भी अनिवार्य हैं।
वर्जन
जींद क्षेत्र की छह निजी स्कूलों की 25 बसों की जांच की गई। इनमें से चार बसें नियमों पर खरी नहीं उतरी। चार हजार रुपये जुर्माना लगाया गया। -बलजीत सिंह, निरीक्षक, आरटीए कार्यालय जींद
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जांच के दौरान चार बसों में सीसीटीवी कैमरे, फायर सिलिंडर और हेल्पलाइन नंबर नहीं मिले। सुरक्षा मानकों में खामियां मिलने पर चारों बसों का चालान कर चार हजार रुपये जुर्माना लगाया गया। इसके अलावा चालकों और परिचालकों के दस्तावेज भी जांचे गए।
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जिला परिवहन अधिकारी कार्यालय की टीम प्रत्येक वीरवार को स्कूली बसों की जांच करती है। इसके लिए चार सदस्यीय टीम गठित की गई है जिसमें परिवहन विभाग के इंस्पेक्टर, मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर (एमवीआई), ट्रैफिक पुलिस के सब इंस्पेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय का एक प्रतिनिधि शामिल है।
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टीम बसों में रिफ्लेक्टर, फायर सिलिंडर, जीपीएस, सीसीटीवी कैमरे और अन्य सुरक्षा इंतजामों की जांच करती है। इसके अलावा चालक और परिचालक के जरूरी दस्तावेज भी जांचे जाते हैं।
इससे पहले आठ अक्तूबर को बसों की जांच नहीं हो पाई थी जबकि एक अक्तूबर को तीन स्कूलों की 17 बसों की जांच में सभी बसें निर्धारित मानकों के अनुरूप मिली थीं। इस सप्ताह छह स्कूलों की 25 बसों में चार में खामियां मिलने पर कार्रवाई की गई। नियमानुसार बसों में सहायक की तैनाती के साथ जीपीएस, सीसीटीवी कैमरे और अग्निशमन उपकरण होना जरूरी है। बस का परमिट और चालक का हैवी लाइसेंस सहित अन्य दस्तावेज भी अनिवार्य हैं।
वर्जन
जींद क्षेत्र की छह निजी स्कूलों की 25 बसों की जांच की गई। इनमें से चार बसें नियमों पर खरी नहीं उतरी। चार हजार रुपये जुर्माना लगाया गया। -बलजीत सिंह, निरीक्षक, आरटीए कार्यालय जींद